लोगों से मारपीट, DGP से तनातनी.. आखिरकार सस्पेंड हुए दबंग IPS बसंत रथ

New Delhi: जम्मू-कश्मीर पुलिस के सबसे चर्चित चेहरों में से एक आईपीएस बसंत रथ (IPS Basant Rath) को केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सस्पेंड कर दिया है। हालांकि 2000 बैच के आईपीएस बसंत रथ ज्यादातर गलत कारणों से ही चर्चा में रहे। बसंत आईजी होमगार्ड थे।

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने उन्हें (IPS Basant Rath) अनुशासनहीनता और दुर्व्यवहार के चलते सस्पेंड किया है। सस्पेंशन की अवधि के दौरान उन्हें जम्मू स्थित हेडक्वार्टर में ही रहना होगा और वह डीजीपी की अनुमति के बिना हेडक्वॉर्टर नहीं छोड़ सकते हैं।

दरअसल आईजी बसंत रथ (IPS Basant Rath) बीते कुछ दिनों से राज्य के डीजीपी दिलबाग सिंह के खिलाफ लगातार मोर्चा खोले हुए थे। डीजीपी से उन्होंने खुद की जान को खतरा तक बताया था।

इसके अलावा ट्विटर पर अपने अकाउंट @KangriCarrier से वह बिना नाम लिखे लगातार डीजीपी को निशाना बना रहे थे। इन ट्वीट्स में जमीनों से लेकर शराब पार्टी के अलावा कई बातों का जिक्र किया गया था। हालांकि इस बारे में अभी तक डीजीपी की तरफ से कोई जवाब नहीं दिया गया था।

सीधे डीजीपी से विवाद पड़ा महंगा

हालांकि विवाद तब बढ़ गया जब वह जम्मू के गांधी नगर पुलिस स्टेशन एक पत्र लेकर पहुंच गए। इस पत्र में उन्होंने लिखा था कि वह डीजीपी दिलबाग सिंह के खिलाफ कोई मामला दर्ज नहीं करवाना चाहते हैं।

उन्होंने लिखा था कि इस पत्र को थाने की डेली डायरी में दर्ज किया जाए क्योंकि मेरे साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो उसके लिए कसूरवार कौन होगा यह तय हो जाएगा। सूत्रों का कहना है कि डीजीपी की तरफ से केन्द्रीय मंत्रालय को इस बारे में सूचित किया गया था। जिसके बाद कुछ दिनों तक गृह मंत्रालय की तरफ से जांच की गई। बुधवार को बसंत रथ को सस्पेंड कर दिया गया।

ज्यादा देर नहीं टिकते रथ

बसंत रथ के साथ खास बात है कि वह नौकरी के दौरान एक जगह ज्यादा देर तक नहीं टिके हैं। जब वह एसएसपी जम्मू तैनात थे, तो उस समय भी एक मामले को लेकर चर्चा में आए थे। उस समय भी उनके खिलाफ कार्रवाई की गई थी। उसके बाद उन्हें होमगार्ड में भेज दिया गया। काफी समय तक वह वहां पर तैनात रहे। जब वह आईजी बनाए गए तो ट्रैफिक में लगाया गया। लेकिन विवादों के कारण फिर से हटा दिया गया।

आईजी ट्रैफिक रहते भी हुआ था बवाल

आईजी ट्रैफिक रहते हुए भी बसंत रथ विवादों में आए थे। वह अक्सर बिना वर्दी सड़कों पर निकल जाते थे। उनके पीछे सैकड़ों लोगों की भीड़ होती थी। इस दौरान कई लोगों के साथ मारपीट भी करते। एक पत्रकार को भी थप्पड़ मारा था।

इस घटना के बाद पत्रकारों की तरफ से रोड को बंद करके प्रदर्शन किया गया था। उसके बाद रथ की मीडियाकर्मियों के साथ बैठक हुई थी। जिसमें दोनों पक्षों में सुलह हो गई, लेकिन उसी दिन शाम को उनका तबादला कर होमगार्ड में लगा दिया गया था। ट्रैफिक में तैनाती के दौरान उनके ही विभाग के अफसरों ने भी कई शिकायतें रथ के खिलाफ की थीं।

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