तीन माह से राशन न मिलने से नाराज सैकड़ों ग्रामीणों ने सौंपा ज्ञापन

-जिला मुख्यालय से 70 किमी दूर से आये ग्रामीणों ने जिला प्रशासन को दी चेतावनी

पन्ना, 09 फरवरी (एम.एस खान)। मध्य प्रदेश के पन्ना जिला अंतर्गत तहसील पवई ग्राम हथकुरी के सैकड़ों ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय पहुंचकर विगत तीन माह से राशन न देने पर सेल्समेन के खिलाफ आज पन्ना कलेक्टर को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की है।

सार्वजनिक वितरण प्रणाली अंतर्गत आमजन को मिलने वाले राशन को विगत तीन माह से ग्रामीणों को नहीं देने पर नाराज सैकड़ों ग्रामीण जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर बस तथा ट्रेक्टर के माध्यम से पन्ना आये और राशन वितरण न होने की लिखित शिकायत कर सेल्समैन पर कार्रवाई की मांग करते हुए जमकर नारेबाजी की। ज्ञात हो कि जिले में पसरे भ्रष्टाचार ने एक बार फिर अफसरशाही के गैरजिम्मेदाराना कार्यशैली को उजागर कर दिया है।

ग्रामीण इलाकों में गरीब आमजन की सुध लेने वाला कोई नहीं है, दूर दराज इलाकों में राशन वितरण प्रणाली कैसे कामकर रही है और गरीबों को कैसे रोटी से वंचित कर भ्रष्टाचार किया जा रहा है यह ग्रामीणों ने उजागर कर दिया है। ग्रामीणों इलाकों में तीन तीन माह से राशन वितरण से गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन कर रहे गरीबों को खाना राशन नहीं दिया जा रहा है।

इसका संज्ञान किसी अधिकारी ने नहीं लिया और सार्वजनिक वितरण प्रणाली के अंतर्गत दिए जाने वाले राशन को आधार से लिंक कर आन लाइन कर दिया गया है तथा वितरित राशन की रिपोर्ट खाद्य अधिकारी कार्यालय होती है इसके बाद भी सेल्समेन द्वारा लगातार तीन माह तक ग्रामीणों को राशन नहीं दिया गया और किसी अधिकारी ने यह जानने की कोशिश नहीं करी कि राशन क्यों नहीं बांटा जा रहा है।

ग्राम पंचायत हथकुरी की सरपंच श्रीमती चंदा आदिवासी ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपते हुए मांग की है कि मध्यप्रदेश के पन्ना जिले के पवई विधानसभा की ग्राम पंचायत हाथकुरी के सेल्समैन ने गरीब गांव के भोले लोगों का 3 माह का राशन अकेले ही डकार लिया है। सेल्समैन को बर्खास्त कर एफआईआर दर्ज की जाये साथ ही ग्रामीणों ने चेतावनी देते हुए कहा है कि इस गंभीर मामले पर जल्द से जल्द कार्रवाई की जाये अन्यथा ग्राम पंचायत हथकुरी के पीड़ित ग्रामीण पुनः जिला मुख्यालय आकर कलेक्ट्रेट पर धरना प्रदर्शन करेंगे।

छात्र नेता संजय अंबेडकर ने बताया कि यह गंभीर मामला है ग्रामीणों को तीन माह तक राशन से वंचित किया जाना अमानवीय है, कॉरोना काल में लोगों की जमा पूँजी ख़त्म हो गयी है और सरकार ने कोरोना संकट के चलते आमजन खासकर गरीबों को खाना उपलब्ध कराने के लिये लगातार प्रयास किया है लेकिन ग्रामीण इलाकों में सरकारी योजनाओं के लाभ से गरीबों को वंचित किया जा रहा है।

ज्ञापन में मुख्य रूप से हथकुरी ग्राम पंचायत की सरपंच चंदा आदिवासी, युवा समाजसेवी संजय अहिरवार, कन्हैया लाल, धनस्सु, अशोक, इंद्रपाल, किशु लाल, त्रिलोक, सुकलाल, उमेश एवं सैकड़ों की संख्या में महिला और पुरुष उपस्थित रहे।