गुजरात में आफत की ‘बारिश’, जमजोधपुर में डूब गया पूरा मंदिर, निकाले गए 1000 लोग

New Delhi: भारी बारिश के कारण गुजरात (Rain in Gujarat) के सौराष्ट्र में निचले इलाकों में रहने वाले एक हजार से ज्यादा लोगों को पिछले दो दिनों में सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इस क्षेत्र में लगातार तीन दिन से बारिश हो रही है।

अधिकारी ने बताया कि एनडीआरएफ ने मंगलवार को जामनगर के जोदिया ताल्लुका के एक गांव से नौ लोगों को, ध्रोल ताल्लुका से दो और पोरबंदर जिले के एक गांव से तीन लोगों को बचाया। ये सभी गांव नदी के तट पर स्थित हैं।

राज्य आपदा अभियान केंद्र (एसईओसी) के मुताबिक, खम्भालिया ताल्लुका में मंगलवार को सुबह छह से शाम चार बजे के बीच 291 मिमि बारिश हुई। इस ताल्लुका में रविवार को 487 मिमि और सोमवार को 230 मिमि बारिश (Rain in Gujarat) हुई थी।

कहां, कितनी बारिश

सौराष्ट्र के देवभूमि द्वारका, जामनगर, जूनागढ़, पोरबंदर और राजकोट जिलों के कई इलाकों में भारी वर्षा हो रही है। जामनगर के जमजोधपुर में 171 मिमि बारिश दर्ज की गई है। एसईओसी ने बताया कि मंगलवार को सुबह छह बजे से शाम चार बजे तक देवभूमि द्वारका जिले की भंवाद में 155 और कल्यापुर ताल्लुका में 199 मिमि बारिश हुई।

जमजोधपुर में भारी तबाही

भारी बारिश से जामनगर के कई रिहायशी इलाकों में पानी भर गया और आम जनजीवन पटरी से उतर गया। स्थानीय लोगों के मुताबिक, जमजोधपुर में एक मंदिर बारिश के पानी से डूब गया और कई नदियां उफान पर हैं जिससे गांवों में बाढ़ जैसी स्थिति बन गई है। राज्य के राहत आयुक्त हर्षद पटेल ने बताया कि जामनगर, द्वारका और पोरबंदर जिलों के निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को बीते कुछ दिनों में सुरक्षित स्थानों पर भेजा गया है।

115 लोगों को भेजा गया घर

अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 115 लोगों को मंगलवार को वापस उनके घर भेज दिया गया, क्योंकि उनके गांवों में स्थिति में सुधार आ गया है, जबकि 1047 लोग अब भी अलग अलग आश्रय गृहों में हैं। पटेल ने गांधीनगर में पत्रकारों को बताया कि राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की छह टीमों को सौराष्ट्र क्षेत्र में और तीन टीमों को दक्षिण गुजरात में तैनात किया गया है।

बुधवार को भी भारी बारिश से आसार

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के अहमदाबाद केंद्र ने कहा कि सौराष्ट्र-कच्छ में मानसून की वजह से भारी बारिश हुई। विभाग ने बताया कि सौराष्ट्र और सटे हुए क्षेत्रों के ऊपर कम दबाव का क्षेत्र बन गया है और उसके साथ चक्रवाती स्थिति भी है। विभाग ने देवभूमि द्वारका और कच्छ जिलों के अलग-अलग स्थानों पर बुधवार को भी भारी बारिश होने की संभावना जताई है।