Organic farming में अपार सम्भावनाएं, बढ़ावा देना समय की मांग : CM Yogi Adityanath

लखनऊ, 06 फरवरी (अजय कुमार वर्मा)। प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) ने शनिवार को यहां राजभवन में तीन दिवसीय प्रादेशिक फल, शाकभाजी एवं पुष्प प्रदर्शनी-2021 का शुभारम्भ किया। इस अवसर पर राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने एक स्मारिका का विमोचन किया उन्होंने प्रदर्शनी में लगाए गए फल, शाकभाजी एवं पुष्प स्टॉलों का अवलोकन भी किया।

अब आवश्यकताओं के साथ प्राथमिकताएं भी बदली मुख्यमंत्री (CM Yogi Adityanath) ने कहा कि चार वर्ष पूर्व जब वे अपने कार्यकाल की प्रथम प्रदर्शनी  (Organic farming) में राज भवन आए थे, तब किसानों, पुष्प उत्पादकों इत्यादि ने उस समय की आवश्यकताओं के अनुसार अच्छा प्रदर्शन किया था। चार वर्ष के दौरान अब आवश्यकताओं के साथ-साथ प्राथमिकताएं भी बदली हैं। आज की प्रदर्शनी में पारम्परिक फल, सब्जी, पुष्प फसलों के प्रदर्शन के अलावा जैविक फल, सब्जी, पुष्प का भी प्रदर्शन किया गया है।

बुन्देलखण्ड की धरती पर स्ट्रॉबेरी महोत्सव का आयोजन देश व प्रदेश के लिए नया सन्देश है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री ने अपने ‘मन की बात’ कार्यक्रम में बुन्देलखण्ड में स्ट्रॉबेरी की सफलतापूर्वक खेती के लिए गुरलीन चावला के प्रयासों की सराहना की है। प्रगतिशील किसान ने छह लाख की लागत वाली स्ट्रॉबेरी को 40 लाख में बेचा मुख्यमंत्री (CM Yogi Adityanath) ने एक अन्य किसान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उसने डेढ़ एकड़ क्षेत्र में स्ट्रॉबेरी की फसल उगाई, जिसमें उसकी लागत 06 लाख रुपये आयी, जबकि फसल 40 लाख रुपये में बिकी।

इस प्रकार विविधीकरण के माध्यम से उस किसान को 34 लाख रुपये की आय हुई। किसान इस प्रकार के नए प्रयोगों और कृषि विविधीकरण से अपनी आय में उल्लेखनीय बढ़ोत्तरी कर सकते हैं। उन्होंने ड्रैगन फ्रूट और ब्लैक राइस उगाने वाले किसानों का भी उल्लेख किया। ब्लैक राइस उगाने वाले किसानों को उनकी उपज का मूल्य 700 रुपये प्रति किलो मिल रहा है।

कोरोना काल में भी किसानों ने मेहनत में नहीं की कोई कमी CM Yogi Adityanath ने कहा कि प्रदेश के किसान बेहद मेहनती हैं। उन्होंने कोरोना काल के दौरान भी मेहनत में कोई कमी नहीं की। किसानों की मेहनत से आज देश और प्रदेश में अनाज का प्रचुर भण्डार मौजूद है। प्रधानमंत्री के ‘आत्म निर्भर भारत’ अभियान में किसान अपना भरपूर योगदान दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि कोरोना काल के दौरान प्रदेश में 119 चीनी मिलों का संचालन किया गया।

गन्ना किसानों की मेहनत से आज भारत प्रचुर मात्रा में चीनी का निर्यात कर रहा है। इसमें उत्तर प्रदेश के गन्ना किसानों का भी बड़ा योगदान है। उत्तर भारत की सबसे पुरानी, समृद्ध व अनूठी प्रदर्शनी उल्लेखनीय है कि बागवानी फसलों की विविधता को एक स्थान पर जनसाधारण को दिखाए जाने के उद्देश्य से प्रतिवर्ष यह प्रदर्शनी आयोजित की जाती है। यह प्रदर्शनी उत्तर भारत की सबसे पुरानी, समृद्ध एवं अनूठी प्रदर्शनी है।

इस प्रदर्शनी में मुख्य रूप से उत्तर रेलवे, पूर्वोत्तर रेलवे, राजभवन, एचएएल, अधीक्षक राजकीय उद्यान, लखनऊ नगर निगम, लखनऊ विकास प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन तथा प्रदेश के विभिन्न अंचलों के किसानों द्वारा प्रतिभाग किया जा रहा है। जेल में उत्पादित शाकभाजी तथा व्यक्तिगत वर्ग के तहत गमलों में उगायी गयी सब्जियों तथा सजीव फूलों से बनी आकृतियों का प्रदर्शन इस आयोजन के प्रमुख आकर्षणों में सम्मिलित है।