अब गरीबों की मदद के लिए विदेश से भी फंड ले सकेगा स्वर्ण मंदिर, गृह मंत्रालय ने दी मंजूरी

New Delhi: केन्द्रीय गृह मंत्रालय (Home Ministry) ने अमृतसर स्थित एक संगठन को स्वर्ण मंदिर (Amritsar Golden Temple) के श्रद्धालुओं को नि:शुल्क भोजन और अन्य सुविधाएं प्रदान करने के लिये बुधवार को विदेशी फंड लेने की अनुमति दे दी।

सरकारी सूत्रों ने कहा कि सचखंड श्री हरमंदिर साहेब श्री दरबार साहेब पंजाब एसोसिएशन को विदेशी चंदा (नियमन) अधिनियम, 2010 तहत पंजीकरण दिया गया है। संगठन को मिला एफसीआरए पंजीकरण पांच वर्ष के लिये वैध रहेगा।

स्वर्ण मंदिर (Amritsar Golden Temple) में लंगर सेवा शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति द्वारा प्रदान की जा रही है। सूत्रों के अनुसार सचखंड श्री हरमंदिर साहेब श्री दरबार साहेब पंजाब एसोसिएशन ने 27 मई को पंजीकरण के लिये आवेदन किया था। यह संगठन पंजाब के अमृतसर में स्वर्ण मंदिर के श्रद्धालुओं की सेवा में लंगर चला रहा है।

साल 1925 में स्थापित किया गया यह संगठन अब तक देश के भीतर ही दान ले रहा है। केन्द्रीय गृह मंत्रालय द्वारा एफसीआरएफ पंजीकरण प्रदान किये जाने के बाद अब संगठन विदेशी सहयोग भी ले सकता है।

रोजाना करीब 1 लाख लोग खाते हैं लंगर

स्वर्ण मंदिर (Amritsar Golden Temple) का लंगर सबके लिए होता है। कोई भी व्यक्ति यहां आकर फ्री खाना खा सकता है। यह खाना वॉलंटियर्स सर्व करते हैं। एक अनुमान के मुताबिक, स्वर्ण मंदिर में रोजाना करीब 1 लाख लोग लंगर खाते हैं।

त्योहारों के टाइम पर और वीकेंड पर यह संख्या डबल हो जाती है। यहां रोजाना 7000 किलो गेहूं का आटा, 1300 किलो दाल, 1200 किलो चावल और 500 किलो मक्खन इस्तेमाल होता है। इसके अलावा यहां खाना पकाने के लिए 100 सिलेंडर और 500 किलो लकड़ी लग जाती है।

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