रामभक्तों ने खोले खजाने.. लगा सोने-चांदी का ढेर, राम मंदिर ट्रस्‍ट ने कहा- अब न करें दान

New Delhi: Gold Silver Bricks for Ram Mandir: राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र अब चांदी सोने की ईंटें आदि का दान स्वीकार नहीं करेगा। ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने सभी दानदाताओं से अपील की है कि वे सोने, चांदी व अन्य धातुओं की ईंटें दान के लिए लेकर न आएं। इसकी जगह कैश ट्रस्ट के खाते में जमा करें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) का भूमि पूजन करने अयोध्‍या आ रहे हैं।

उन्होंने कहा कि जनवरी में लोगों ने चांदी की ईंटें (Gold Silver Bricks for Ram Mandir) दान की तो इसे सामान्य दान माना गया। लेकिन अब सूचना मिली है कई दानकर्ता चांदी व सोने की सामग्री दान के लिए ला रहे हैं जिसका मूल्यांकन करना ट्रस्ट के लिए मुश्किल है।

अब तक 1 क्विंटल से ज्‍यादा बहुमूल्‍य ईंटें दान

इसके अलावा, इनको रखने के लिए बैंक में लॉकर नहीं हैं। उन्होंने सभी दान दाताओं से अपील की है कि वे दान को ऑनलाइन अथवा कैश में ट्रस्ट के खाते में जमा करें। चंपत राय ने बताया कि अब तक लगभग 1 क्विंटल से ज्यादा चांदी व अन्य धातुओं की ईंट राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को दान की गई हैं।

5 अगस्‍त को मोदी आ रहे हैं अयोध्‍या

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त को अयोध्या के राम मंदिर का भूमि पूजन करने के साथ इसके निर्माण का शुभारंभ करेंगे। पीएम का कार्यक्रम तय हो गया है। वह दिन में साढ़े 11 बजे यहां पहुंचेंगे तथा लोगों को संबोधित भी करेंगे। पीएम मोदी अयोध्‍या पहुंचने के बाद साकेत विश्वविद्यालय से रामजन्मभूमि की ओर जाएंगे। इस दौरान प्रधानमंत्री हनुमानगढ़ी भी जाएंगे। प्राप्त जानकारी के अनुसार कार्यक्रम में 200 गेस्ट शामिल होंगे। इसमें विशिष्ट अतिथियों के साथ ही साधु-संत और अधिकारियों के भी शामिल रहने की जानकारी है।

32 सेकंड में मोदी रखेंगे आधारशिलाा

प्रस्‍तावित कार्यक्रम के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी अयोध्या में राम मंदिर प्रवास के दौरान भाषण भी देंगे। उनका कार्यक्रम दो घंटे का होगा। भूमि पूजन का समय 12 बजकर 15 मिनट पर 32 सेकेंड का रहेगा। इसी दौरान पीएम राम मंदिर की आधारशिला भी रखेंगे।

200 फीट नीचे डाला जाएगा टाइम कैप्‍सूल !

राम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के सदस्य रामेश्वर चौपाल ने कहा है कि रामजन्मभूमि के इतिहास को सिद्ध करने के लिए जितनी लंबी लड़ाई कोर्ट में लड़नी पड़ी है, उससे यह बात सामने आई है कि अब जो मंदिर बनवाएंगे, उसमें एक ‘टाइम कैप्सूल’ बनाकर के 200 फीट नीचे डाला जाएगा। भविष्य में जब कोई भी इतिहास देखना चाहेगा तो रामजन्मभूमि के संघर्ष के इतिहास के साथ तथ्य भी निकल कर आएगा ताकि कोई भी विवाद यहां उत्पन्न न हो सके। हालाकि इस संबंध मं ट्रस्ट की ओर से कोई अधिकारिक बयान नहीं आया है।