गहलोत ने विधानसभा सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल को भेजा नया प्रस्ताव, फ्लोर टेस्ट का जिक्र नहीं

New Delhi: राजस्थान में सियासी उठापटक (Rajasthan Political Crisis) का दौर लगातार जारी है। इस बीच अशोक गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर नया प्रस्ताव राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) के पास भेज दिया है।

जानकारी के मुताबिक, इसमें 31 जुलाई से विधानसभा सत्र बुलाने की बात कही गई है। नए प्रस्ताव में फ्लोर टेस्ट का जिक्र नहीं किया गया है। इसमें कोरोना वायरस की स्थिति पर चर्चा की बात कही गई है। कोरोना के साथ-साथ दूसरे विधेयकों पर भी चर्चा का जिक्र किया गया है।

31 जुलाई से विधानसभा सत्र को लेकर सरकार ने भेजा प्रस्ताव

गहलोत मंत्रिमंडल ने शनिवार को राज्यपाल को भेजे जाने वाले संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दी, जिसके बाद रविवार को इसे राज्यपाल के पास भेज दिया गया। नए प्रस्ताव में कोरोना वायरस की स्थिति पर चर्चा की बात कही गई है। इसमें बहुमत परीक्षण की बात नहीं है।

मुख्यमंत्री ने प्रस्ताव में कहा है कि 31 जुलाई से विधानसभा का सत्र बुलाया जाए। इससे पहले विधानसभा सत्र की मांग को लेकर कांग्रेस विधायकों ने प्रदर्शन भी किया था। शुक्रवार को राजभवन के लॉन में कांग्रेस विधायकों ने धरना दिया था।

नए प्रस्ताव में कोरोना मुख्य एजेंडा

राजभवन में हुए इस प्रदर्शन को लेकर राज्यपाल कलराज मिश्र ने राज्य सरकार से छह बिंदुओं पर शुक्रवार को स्पष्टीकरण मांगा था। जिसके बाद शनिवार को सीएम आवास पर मंत्री परिषद की बैठक हुई, जिसमें उन बिंदुओं पर चर्चा की गई जो राज्यपाल ने पहले के प्रस्ताव को लेकर उठाए थे। इसके बाद संशोधित प्रस्ताव को मंजूर किया गया। विचार विमर्श के बाद सभी कानूनी प्रक्रियाओं और प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए संशोधित प्रस्ताव तैयार किया गया, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दी। अब सरकार की ओर ये प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा गया है।

राज्यपाल कलराज मिश्र के फैसले का इंतजार

वहीं, शनिवार को कांग्रेस विधायक दल की बैठक में सीएम अशोक गहलोत ने एक बयान में कहा कि जरूरत पड़ने पर हम राष्ट्रपति से मिलने राष्ट्रपति भवन जाएंगे। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर हम पीएम के आवास के बाहर विरोध प्रदर्शन करेंगे।’

गहलोत विधानसभा का सत्र बुलाने की मांग कर रहे हैं। इसी के मद्देनजर उन्होंने नया प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा है। हालांकि, इसमें फ्लोर टेस्ट का जिक्र नहीं किया गया है। फिलहाल देखना होगा नए प्रस्ताव पर राज्यपाल कलराज मिश्र क्या फैसला लेंगे?

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