Sugar Mill Scam: ED ने जब्त की 1000 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति, मायावती सरकार में हुआ था घोटाला

Webvarta Desk: मायावती सरकार (Mayawati Govt) के कार्यकाल में हुए शुगर मिल बिक्री घोटाले (Sugar Mill Scam) में ईडी की तरफ से बड़ी कार्रवाई की गई है। बीएसपी के पूर्व एमएलसी हाजी मो इकबाल की 1000 करोड़ से अधिक की संपत्ति ईडी ने जब्त की है।

बता दें कि बीएसपी सरकार (Mayawati BSP Govt) में 11 शुगर मिल औने पौने (Sugar Mill Scam) दाम में बेची गयी थी। इसको लेकर इलाहाबाद हाइकोर्ट ने पत्रकार सच्चिदानन्द सच्चे की याचिका पर घोटाले में सीबीआई जांच के आदेश दिए थे। बीएसपी काल में हाजी मोहम्मद इकबाल सहारनपुर से एमएलसी रह चुके हैं। इस दौरान कई शुगर मिल इनके द्वारा खरीदी गईं थी।

सात चीनी मील की गईं जब्त

ईडी ने जानकारी देते हुए बताया कि हुए एमएलसी मोहम्मद इकबाल की सात शुगर मिल (Sugar Mill Scam) को अपने कब्जे में लिया गया है। इनमें से कुछ शुगर मील उनके परिवार के नाम से भी रजिस्टर थी। जिसकी कुल कीमत 1097,18,10,250 करोड़ रुपए है।

ईडी द्वारा इनकी अन्य जगह स्थित संपत्तियों की भी जांच की जा रही है। बता दें कि साल 2020 में सीबीआई की छापेमारी के दौरान पूर्व एमएलसी हाजी इकबाल के घर पर बेशकीमती देवराज वक्त करोड़ों की संपत्ति के कागज मिले थे।

साल 2019 में शुरू हुई थी घोटाले की जांच

मायावती सरकार के कार्यकाल में वर्ष 2010-11 में सात बंद चीनी मिलों को बेचने में हुए घोटाले में सीबीआई लखनऊ की ऐंटी करप्शन ब्रांच ने एफआईआर दर्ज की थी। इसके अलावा 14 अन्य चीनी मिलों की बिक्री को लेकर 6 अलग-अलग पीई (आरंभिक जांच) दर्ज की गई हैं।

यूपी सरकार ने 12 अप्रैल 2018 को 21 चीनी मिलों की बिक्री में हुई गड़बड़ियों के मामले में सीबीआई जांच की सिफारिश की थी। चीनी मिलों को बेचने में हुए घोटाले के कारण प्रदेश सरकार को 1,179 करोड़ रुपये के राजस्व का घाटा हुआ था।

घोटाले में सीबीआई ने इन लोगों से की थी पूछताछ

सीबीआई ने इस मामले में दिल्ली के रोहिणी निवासी राकेश शर्मा, सुमन शर्मा, गाजियाबाद के इंदिरापुरम निवासी धर्मेंद्र गुप्ता, सहारनपुर निवासी सौरभ मुकुंद, मोहम्मद जावेद, बेहट निवासी मोहम्मद नसीम अहमद और मोहम्मद वाजिद को नामजद किया है। इनके खिलाफ धोखाधड़ी, जालसाजी और कंपनी ऐक्ट 1956 की धारा 629 (ए) के तहत मामला दर्ज हुआ था।