Economic equality is the basis of social equality

आर्थिक समानता ही सामाजिक समानता का आधार : योगी आदित्यनाथ

लखनऊ, 18 जुलाई (अजय कुमार वर्मा)। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आर्थिक समानता को सामाजिक समानता का आधार बताते हुए शनिवार को कहा कि ऐसा समाज कभी आत्मनिर्भर नहीं बन सकता, जहां एक तबका मजबूत हो और दूसरा कमजोर।

योगी ने कहा, ”आर्थिक समानता सामाजिक समानता का आधार बनती है। समाज में अगर एक तबका मजबूत हो जाए और एक तबका कमजोर हो तो ऐसा समाज कभी भी आत्मनिर्भर समाज नहीं बन सकता है। इसके लिए आवश्यक है कि समाज में संतुलन हो और यह संतुलन न केवल सामाजिक स्तर पर बल्कि आर्थिक स्तर पर भी होना चाहिए।”

वह यहां अपने सरकारी आवास पर अनुसूचित जाति के गरीब व्यक्तियों के सर्वागीण विकास हेतु ‘नवीन रोजगार छतरी योजना’ के शुभारम्भ एवं पंडित दीनदयाल उपाध्याय स्वरोजगार योजना के 3,484 लाभार्थियों को धनराशि के आनलाइन हस्तान्तरण कार्यक्रम को सम्बोधित कर रहे थे। योजना के तहत मुख्यमंत्री ने लाभार्थियों के खातों में 17 करोड़ 42 लाख रुपये धनराशि अन्तरित की।

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने रायबरेली, गोरखपुर, बस्ती, मेरठ, आजमगढ़ तथा मुरादाबाद जिलों के लाभार्थियों से संवाद स्थापित किया। लाभार्थियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि वे इस हस्तान्तरित धनराशि का उपयोग परचून की दुकान, जनरेटर सेट, लॉण्ड्री तथा ड्राइक्लीनिंग, साइबर कैफे, टेलरिंग, बैंकिंग कॉरेसपॉण्डेन्ट, टेन्ट हाउस, गौ-पालन आदि के लिए करेंगे।

योगी ने कहा, ‘‘वर्तमान में पूरा विश्व वैश्विक महामारी कोविड-19 से त्रस्त है। इससे न केवल आर्थिक जगत की स्थितियां खराब हुई हैं, बल्कि सामाजिक और अन्य सभी प्रकार की व्यवस्थाएं भी प्रभावित हुई हैं। इन परिस्थितियों में भी प्रदेश सरकार लोगों को आर्थिक मदद देकर उन्हें स्वावलम्बी बनाने का कार्य कर रही है।’’

उन्होंने सरकार के श्रमिकों को रोजगार एवं उनके समायोजन के लिए प्रतिबद्ध रहने का उल्लेख करते हुए कहा,‘‘ उत्तर प्रदेश के श्रमिकों एवं कामगारों, ठेला, खोमचा, रेहड़ी लगाने वाले या दैनिक कार्य करने वाले सभी लोगों को 1000 रुपये का भरण-पोषण दिया गया है। साथ ही निर्माण श्रमिकों को भी दो-दो बार भरण-पोषण भत्ता देने का कार्य किया गया है। अब तक एक करोड़ 25 लाख से अधिक श्रमिकों एवं कामगारों को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने का कार्य किया गया है। कोविड-19 के दौरान तीन करोड़ 56 लाख प्रधानमंत्री जनधन खातों में 500-500 रुपये की धनराशि अन्तरित की गयी।’’

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने प्रत्येक बैंक शाखा को यह लक्ष्य दिया है कि वे कम से कम दो अनुसूचित जाति एवं जनजाति और महिला लाभार्थियों को अनिवार्य रूप से ऋण उपलब्ध कराएं। उत्तर प्रदेश में लगभग 18 हजार बैंक शाखाएं हैं। इनके माध्यम से 36 हजार लोगों को लाभान्वित किया जा सकता है। प्रदेश सरकार द्वारा विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, जिनका लाभ प्रत्येक जरूरतमन्द को प्राप्त हो रहा है।

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