गुजरात में ‘Dragon Fruit’ बन गया ‘कमलम’, cm rupani ने बदला नाम

अहमदाबाद, 20 जनवरी (वेबवार्ता)। अकसर अपने सुना होगा की सर्कार ने किसी शहर, चौराहे या सड़क का नाम बदल दिया है लेकिन इस बार गुजरात सरकार ने ‘ड्रैगन फ्रूट’ (Dragon Fruit) नाम से मशहूर फल का ही नाम बदल दिया। अब यह फल ‘कमलम’ कहलाएगा। गुजरात के मुख्‍यमंत्री विजय रूपाणी ने इसकी वजह बताते हुए मंगलवार को कहा कि चूंकि इस फल की बाहर की आकृति कमल के फूल जैसी है इसलिए इसका नाम बदलकर कमलम कर दिया गया है।

गुजरात के मुख्यमंत्री विजय रुपाणी ने कहा, राज्य सरकार ने ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit) का नाम बदलने का फैसला किया है। किसी फल के नाम में ड्रैगन अच्छा नहीं लगा रहा है। इस फल का बाहरी आकार कमल जैसा होता है, इसलिए ड्रैगन फ्रूट का नाम कमलम रखा जाएगा। हमने चीन के साथ जुड़े फल ड्रैगन फ्रूट का नाम बदल दिया है। कमलम एक संस्‍कृत शब्‍द है। इस फल का आकार भी कमल की तरह है इसलिए इसे कमलम नाम देने का फैसला किया गया है। इसमें कुछ भी राजनीतिक नहीं है। मुख्‍यमंत्री रूपाणी बागवानी विकास मिशन के शुभारंभ के दौरान मीडिया से मुखातिब थे।

पहले बात सरकार के फैसले की
गुजरात वन विभाग के जरिए इंडियन काउंसिल ऑफ एग्रीकल्चर रिसर्च को इस फल का नाम संस्कृत में कमलम रखने के लिए एक याचिका भी भेजी गई है। सरकार का कहना है कि ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit) को किसान कमल फल के तौर पर जानते हैं, इसलिए इसका नाम कमलम करने का फैसला किया गया है। सीएम विजय रुपाणी ने कहा कि ड्रैगन फ्रूट के पेटेंट को कमलम कहे जाने को लेकर हमने आवेदन किया है। उन्होंने ये भी कहा कि इस समय मार्केट में मौजूद सही फलों में यह सबसे महंगा फल है।

दिलचस्प बात यह है कि बीजेपी का चुनाव चिन्ह भी कमल है। गुजरात में बीजेपी के दफ्तर का नाम भी कमलम है। इस फल के साथ ड्रैगन (Dragon Fruit) शब्द जुड़ा है, जिसे पड़ोसी देश चीन के लिए अक्सर इस्तेमाल किया जाता है। और ये सबको मालूम ही है कि चीन के साथ रिश्ते आजकल ठीक नहीं चल रहे।

पीएम ने मन की बात में किया था जिक्र
पिछले कुछ सालों से गुजरात के कच्छ और दक्षिण गुजरात के नवसारी के आसपास के इलाकों में किसान ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit) की खेती कर रहे हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 26 जुलाई 2020 में इस फल का जिक्र अपने रेडियो कार्यक्रम मन की बात में किया था। उन्होंने कहा था, आजकल कच्छ में किसान ड्रैगन फ्रूट की खेती के लिए सराहनीय प्रयास कर रहे हैं। बहुत से लोग जब सुनते हैं, तो उन्हें आश्चर्य होता है कच्छ और ड्रैगन फ्रूट? लेकिन वहां कई किसान इस कार्य में जुटे हैं। फल की गुणवत्ता और कम ज़मीन में ज्यादा उत्पादकता को लेकर काफी इनोवेशन किये जा रहे हैं। मुझे बताया गया है कि ड्रैगन फ्रूट की लोकप्रियता लगातार बढ़ रही है, विशेषकर नाश्ते में इस्तेमाल काफी बढ़ा है। कच्छ के किसानों का संकल्प है कि देश को ड्रैगन फ्रूट का आयात ना करना पड़े। यही तो आत्मनिर्भरता की बात है।

मूलत: अमेरिका का है यह फल

असल में अमेरिकी मूल का यह फल 19वीं शताब्‍दी के शुरू में दक्षिण पूर्वी एशिया में लाया गया। यहां यह चीन और पड़ोसी देशों में खूब पसंद किया गया। ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit) सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह कैक्टस फेमिली से संबंधित गुलाबी रंग का एक रसीला फल है। इसका वैज्ञानिक नाम हिलोकेरेस अंडटस है। ड्रैगन फ्रूट में कई तरह के पोषक तत्व पाए जाते हैं जो हमें विभिन्न बीमारियों से बचाते हैं और शरीर को पोषण प्रदान करते हैं।

सेहत के लिए है फायदेमंद

ड्रैगन फ्रूट (Dragon Fruit) इम्यून सिस्टम को बेहतर बनाता है और वजन घटाने में मदद करता है। यह विटामिन सी से भरपूर होता है और एजिंग की समस्या को कम करने के साथ ही स्किन को हेल्दी और जवान बनाने में मदद करता है। इस फल को सलाद, जेली या फिर मुरब्‍बे के रूप में खाया जाता है। सिर्फ इतना ही नहीं, ड्रैगन फ्रूट सेहत के लिए कई मायनों में फायदेमंद है।