पत्रकार तरुण सिसोदिया की मौत पर डीजेए ने की न्यायिक जांच की मांग

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नई दिल्ली, 07 जुलाई (वेबवार्ता)। दिल्ली में एक हिंदी दैनिक समाचार पत्र के संवाददाता तरुण सिसोदिया का अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान में सोमवार, 6 जुलाई 2020 को एक विषम परिस्थिति में हुई मृत्यु मौत हो गई। सिसोदिया की मृत्यु से पत्रकार जगत में गहरा शोक और भारी निराशा के साथ एम्स में उनके साथ कथित रूप से घटित घटनाओं को लेकर तरह-तरह के प्रश्न तथा आशंकाएं जन्म ले रही हैं।

दिल्ली पत्रकार संघ ने केंद्रीय स्वास्थय मंत्री डॉ. हर्षवर्धन को मंगलवार को यह ज्ञापन देकर न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा है कि आयुविज्ञान संस्थान की मीडिया एवं प्रॉटॉकॉल प्रभाग की चेयरपर्सन प्राचार्या डॉ आरती विज ने इस घटना के बारे में जो बुलेटिन जारी किया उसके अनुसार तरुण सिसोदिया 24 जून 2020 से वहां आईसीयू में भर्ती थे और उनका कोविड-19 संक्रमण का इलाज चल रहा था। बुलेटिन के अनुसार सिसोदिया को बीच-बीच में आत्मविस्मृति के दौरे पड़ते थे और उन्हें मनोचिकित्सक और न्यूरो विशेषज्ञों को भी दिखाया गया था।

दिल्ली पत्रकार संघ के अध्यक्ष मनोहर सिंह और महासचिव अमलेश राजू ने केंद्रीय स्वास्थय मंत्री डा हर्षवर्धन को मंगलवार को यह ज्ञापन देकर न्यायिक जांच की मांग करते हुए कहा है कि संस्थान के बुलेटिन में बताया गया है कि तरुण सिसोदिया लगभग 01:55 बजे दिन में टीसी—1 से भागे। उनके पीछे पीछे वार्ड के प्रहरी भी दौड़े लेकिन वे उन्हें पकड़ पाते तब तक वह चौथी मंजिल पर पहुंच गए और उन्होंने एक खिड़की का पल्ला तोड़ कर छलांग लगा दी। बताया गया है कि श्री तरुण सिसोदिया को तत्काल ट्रामासेंटर के सघन चिकित्सा केंद्र में ले जाया गया जहां उन्हें प्राण बचाने के उपाय विफल होने के बाद 3:35 पर मृत घोषित किया गया।

यह जांच का विषय है कि तरुण सिसोदिया के मामले में कहीं अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही, कमी रही या इसके पीछे कोई और करण हो सकते हैं? कोरोना का मरीज आईसीयू से भाग कर चौथी मंजिल पर जाना और खिड़की तोड़ कर नीचे कूदना कैसे संभव हो सका? मरीज में आत्मविस्मृति के लक्षण थे तो क्या उसके लिए कोई विशेष प्रबंध किया गया था या नहीं ? ऐसी तमाम आशंकाओं के समाधान के लिए मामले की स्वतंत्र जांच कराने की आवश्यकता है। आप से अपील है कि इस मामले में आप न्यायिक जांच की सिफारिश करें।

इस मामले में साउथ-वेस्ट जिले के डीसीपी देवेंद्र आर्य का कहना है कि फिलहाल जांच चल रही है, इसलिए अभी इस मामले में कुछ नहीं कहा जा सकता। उनका कहना है कि अगर परिजनों की ओर से कोई शिकायत मिलती है तो उसकी जांच करके कार्रवाई की जाएगी।

सफदरजंग एनक्लेव थाना पुलिस को घटनास्थल पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज लेने को कहा गया है। तरुण के भागते वक्त जो सिक्यॉरिटी गार्ड और दूसरे कर्मचारी उनके पीछे भागे थे, उनके भी बयान लिए जाएंगे। उसके बाद पूरा सिक्वेंस को मिलाया जाएगा। पुलिस मौजूदा हालातों को देखते हुए इसे स्यूसाइड का मामला मान रही है। लेकिन अगर जांच में कोई और तथ्य आते हैं तो उनके आधार पर जांच की जाएगी।