फाइलेरिया से निपटनें को विभाग ने बनाई रणनीति

अमेठी, 11 फरवरी (राम मिश्रा)। अमेठी जिले के सीएचसी मुसाफिरखाना में फाइलेरिया जैसी गम्भीर बीमारी से बचाव को लेकर स्वास्थ्य केन्द्र के सभागार में एनम और आशा कार्यकर्ताओं को दो दिवसीय ट्रेनिंग दी गयी। इस दौरान सीएचसी अधीक्षक डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया की फाइलेरिया बिमारी फाइलेरिया परजीवी से संक्रमित मच्छर के काटने से होता है। इसका लक्षण करीब आठ से सोलह महीने में दिखता है सिर व हड्डी के जोडो में भी दर्द हो सकता है। फिलपांव की जैसी विकृति आ सकती है।

फाइलेरिया शिशु, किशोर, युवक, वृद्ध स्त्री या पुरूष को हो सकता है। अतः आप सभी आशा और एनम अपने अपने पोषक क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाकर लोगो को फाईलेरिया से बचाव के तरीके बताया जाए। डॉ. अभिषेक गुप्ता ने बताया कि फाइलेरिया से निपटने के लिए एक सौ बत्तीस टीमें गठित की गयी हैं और इसके रोकथाम के लिए 17 फरवरी से 29 फरवरी तक एक अभियान चलाया जाएगा। यही नही इस अभियान को सफल बनाने के लिये बत्तीस पर्यवेक्षक भी बनाये गए हैं। इस मौके पर डाक्टर डीसी राजीव तिवारी, बीसीपीएम राजीव पांडेय, बीएचडब्लू रत्नेश श्रीवास्तव सहित सभी आशा व एनम मौजूद रही।

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