किसान आंदोलन के समर्थन में हो रहे जगह जगह प्रदर्शन में चल रही किसान आंदोलन के समर्थन में किसानों का प्रदर्शन

पन्ना (वेबवार्ता)। देश की राजधानी में विगत एक माह से अधिक समय से भीषण सर्दी में चल रहे किसान आंदोलन के समर्थन में किसान नेता जयराम यादव ने समर्थन करते हुये समूचे जिले में कार्यक्रम कर ज्ञापन सौंपा है।

इसी कड़ी में किसान नेता श्री यादव के नेतृत्व में तहसील अजयगढ़ में सैकड़ों किसानों ने प्रदर्शन कर राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपते हुये दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे किसानों की मांगों को पूरा करने की बात दोहराई।

किसान नेता जयराम यादव ने मांग करते हुए कहा है कि सरकार इस काले कानून को तत्काल वापस ले, उन्होंने कहा की विगत एक माह से ज्यादा समय से किसान लगातार अपनी मांगो के लिए भीषण सर्दी में संघर्ष कर रहे हैं और सरकार उनकी बातों को गंभीरता से नहीं ले रही है यह चिंता का विषय है। इस आंदोलन में अबतक हमारे कई किसान अपनी जान की कुर्बानी दे चुके हैं उनकी शहादत को पूरा करने के लिए हम सभी का कर्तव्य बनता है की इस लड़ाई में हम सब लोग एकजुटता के साथ देश के अन्नदाता के संघर्ष के साथी बने।

राष्ट्रपति के नाम सौपे गए ज्ञापन में उल्लेख है कि केंद्र सरकार द्वारा जो किसान कानून अध्यादेश के द्वारा लाए गए हैं वह कानून किसान विरोधी हैं और पूंजीपतियों को फायदा पहुंचाने की नियत से लाए गए है। इस कानून का देश की 80 प्रतिशत आबादी पर प्रभाव पड़ेगा, कानून के लागू होते ही देश में जमाखोरी और भुखमरी बढ़ेगी और किसानों को भारी आर्थिक नुकसान होगा। मजदूरों, गरीबों, मध्यमवर्गीय परिवारों को खाद्यान्न के संकट से जूझना पड़ेगा तथा जमाखोर अपनी मनमानी कीमत से खाद्यान्न को बाजार में बेचेंगे। देश की 80 प्रतिशत जनता को भारी महंगाई का सामना करना पड़ेगा।

इस कानून के अनुसार ठेका पद्धति में देश का किसान अपने ही खेतों में बंधुआ मजदूर बनकर पूंजीपतियों के इशारे पर नाचने को मजबूर होगा।

ज्ञापन में कहा गया है कि अपनी मर्जी से अपने ही खेतों में फसल न ही जोत सकेगा और न ही बो सकेगा। संपूर्ण देश के किसानों में इस कानून के प्रति आक्रोश को देखते हुए हम इस ज्ञापन के माध्यम से इस काले कानून को तत्काल समाप्त किए जाने की मांग करते हैं तथा सभी फसलों पर एमएसपी पर कानून लाए और यदि एमएसपी से कम दाम पर यदि कोई पूंजीपति उद्योगपति खरीदारी करता है तो उस पर कानूनी कार्यवाही होने व सजा का प्रावधान किया जाए जिससे देश के किसानों को अपनी फसलों का सही दाम मिल सके।

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान शहीद हुये किसानों के परिवारों को सरकार द्वारा 50 – 50 लाख रूपए दिया जाये। विरोध प्रदर्शन के दौरान शहीद हुए किसानों को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुये उनकी आत्मा की शांति के लिये 2 मिनिट का मौन रखा गया। कार्यक्रम में किसान नेता जयराम यादव सहित सैकड़ों लोग शामिल हुये।