Delhi Metro: आज से शुरू हुई दिल्ली मेट्रो, जानें किन बातों का रखना होगा ख्याल

New Delhi: समयपुर बादली से हुडा सिटी सेंटर (Delhi Metro) के बीच 49 किमी लंबी येलो लाइन पर 7 सितंबर यानी आज से मेट्रो सर्विस शुरू (Delhi Metro Resume) हो गई है। इस पर 37 स्टेशन हैं। इस कॉरिडोर पर 64 ट्रेनें तैनात हैं जिनमें 52 ट्रेनों में 8-8 कोच हैं। 80% ट्रेनों में भीड़ पर नजर रखने के लिए सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। धीरे-धीरे बाकी रूट्स पर भी मेट्रो चलने लगेंगे।

लोगों को किन-किन नियमों (Delhi Metro New Rules) का पालन करना है, उसके बारे में ट्रेनों के अंदर अनाउंसमेंट किया जाएगा, स्टेशन परिसर में जगह-जगह ये नियम डिस्प्ले किए जाएंगे और प्रचार माध्यमों व सोशल मीडिया के जरिए भी लोगों को इस बारे में जागरूक किया जाएगा।

दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) के मुताबिक, ज्यादा से ज्यादा ट्रेनें चलाने की कोशिश होगी ताकि स्टेशनों पर भीड़ इकट्ठा नहीं हो। अगर किसी स्टेशन पर ज्यादा भीड़ जमा हो गई, तो कंट्रोल रूम से फौरन ट्रेन ऑपरेटर को सूचित करके ट्रेन को उस स्टेशन पर रोका ही नहीं जाएगा।

CCTV के जरिए लगातार होगी मॉनिटरिंग

दिल्‍ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने बकायदा ‘क्‍या करें’ और ‘क्‍या न करें’ की लिस्‍ट जारी की है। स्‍टेशन और मेट्रो में भी समय-समय पर एनाउंसमेंट होती रहेगी। स्‍टेशन और ट्रेन में लगे सीसीटीवी कैमरों के जरिए मॉनिटरिंग होती रहेगी कि भीड़ ज्‍यादा तो नहीं हो रही।

ट्रेन ऑपरेटर भी बोगियों में लगे कैमरों के जरिए ट्रेन के अंदर भीड़भाड़ पर नजर रखेगा। अगर कोई व्यक्ति सोशल डिस्टेंसिंग मेंटेन नहीं करता है, तो उसे अगले स्टेशन पर ट्रेन से उतारा जा सकता है।

​सोशल डिस्टैंसिंग पर खास जोर

सोशल डिस्टेंसिंग बनाए रखने के लिए हर कोच में 50 से ज्यादा यात्रियों के प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। हर कोच में 25 लोग सीटों पर बैठ सकेंगे जबकि 25 लोग खड़े होकर यात्रा कर सकेंगे। साथ ही, यात्रियों को स्टेशन के अंदर, कोनकोर्स लेवल पर, प्लैटफॉर्म पर और ट्रेनों के अंदर की गई मार्किंग को फॉलो करना होगा।

फ्रिस्किंग पॉइंट्स, कस्‍टमर केयर, AFC गेट्स, समेत सभी जगहों पर निशान बनाए गए हैं ताकि सोशल डिस्‍टेंसिंग मेंटेन हो सके। पैसेंजर्स को एक सीट छोड़कर बैठना होगा। सीटों पर ‘यहां मत बैठिए’ के स्टिकर्स लगाए गए हैं। अगर खड़े हैं तो बाकी यात्रियों से कम से कम एक मीटर की दूरी बनानी होगी।

​एंट्री-एग्जिट के लिए एक-एक गेट

शुरुआत में स्टेशनों के सारे गेट भी नहीं खोले जाएंगे। जब मेट्रो का ऑपरेशन सामान्य हो जाएगा, उसी के अनुसार धीरे-धीरे गेट्स खोले जाएंगे। सोशल डिस्टेंसिंग को मेंटेन रखने के लिए एंट्री और एग्जिट के लिए एक-एक गेट रिजर्व रहेंगे। यानी अब आप हर गेट से मेट्रो स्टेशन में एंट्री नहीं कर सकेंगे बल्कि सिर्फ एक ही गेट से ही एंट्री मिलेगी और एक एग्जिट गेट से ही आप बाहर निकल सकेंगे।

​मास्क जरूरी

सभी यात्रियों के लिए पूरे समय मास्क पहने रहना अनिवार्य होगा। अगर कोई मास्क लाना भूल जाएगा, तो ऐसे लोगों को स्टेशनों पर ही मास्क खरीदने की सुविधा मिलेगी लेकिन ये मास्क मार्केट प्राइस से महंगे होंगे। यानी मास्क नहीं लाने की एवज में आपको ज्यादा पैसे देकर मास्क खरीदना पड़ेगा, इसलिए मास्क पहनकर घर से निकलना ही बेहतर रहेगा।

​…ताकि बच न सके कोरोना

इंसान के संपर्क में आने वाली हर चीज चाहे वह लिफ्ट हो या एस्‍केलेटर की हैंड रेट्स, AFC गेट्स के टच पॉइंट्स हों या कस्‍टमर हैंडलिंग पाइंट्स, हर जगह को हर 4 घंटे पर डिस्‍इन्‍फेक्‍ट किया जाएगा। हर यात्रा के बाद ट्रेनों को सैनिटाइज किया जाएगा।

​स्टेशनों पर रुकने की दरकार नहीं

किसी को भी बिना वजह और ज्यादा देर तक स्टेशन परिसर में रुकने नहीं दिया जाएगा। इसके अलावा, नियमों के पालन को सुनिश्चित करने पर विशेष जोर रहेगा।

केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने साफ कर दिया है कि सीधे मेट्रो के कंट्रोल रूम से हर स्टेशन में निगरानी रखी जाएगी और अगर कोई जान बूझकर नियम तोड़ते हुए नजर आया तो उसके खिलाफ सख्त ऐक्शन लिया जाएगा। उन्होंने तो डीएमआरसी को बाकायदा ऐसे लोगों को नेम एंड शेम करने यानी उनकी पहचान सार्वजनिक करने का भी सुझाव दिया है, ताकि उन्हें सबक मिले।

​ये बातें महत्वपूर्ण
  • कम से कम सामान लेकर चलें। धातु की चीजें न रखें। 30ml से ज्‍यादा मात्रा में हैंड सैनिटाइजर नहीं रख सकेंगे।
  • टोकन्‍स फिलहाल नहीं चलेंगे। सिर्फ स्‍मार्ट कोर्ड होल्‍डर्स (एयरपोर्ट लाइन पर QR कोड) को एंट्री मिलेगी। स्‍टेशन पर रिचार्ज भी सिर्फ कैशलेस मोड में होगा।
  • फीडर बस सर्विस नहीं मिलेगी। स्‍टेशनों पर ट्रेन के रुकने का समय बढ़ा दिया गया है।

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