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Driving License को लेकर दिल्ली सरकार उठाएगी बड़ा कदम, 45 दिन से ज्यादा नहीं होगा वेटिंग पीरियड!

Webvarta Desk: Driving License Waiting Period: जनकपुरी, लोनी समेत कई जोनल ऑफिसों में ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) के लिए दो महीने से भी ज्यादा की वेटिंग हो रही है। परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत (Kailash Gehlot) ने ड्राइविंग लाइसेंस, ई-गाड़ियों की सब्सिडी, एचएसआरपी समेत कई मसलों पर विभाग के सीनियर अधिकारियों के साथ मीटिंग की और जरूरी दिशा-निर्देश जारी किए।

परिवहन मंत्री (Kailash Gehlot) ने आदेश दिया है कि लर्निंग लाइसेंस व परमानेंट ड्राइविंग लाइसेंस के लिए वेटिंग पीरियड (Driving License Waiting Period) 45 दिनों से ज्यादा का नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा कि वेटिंग को कम करने के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जाएं।

जनकपुरी और लोनी में दो महीने से भी ज्यादा वेटिंग मिल रही है। मीटिंग में इस बात पर भी चर्चा हुई कि क्या लाइसेंस के लिए केसों को ऐसे जोन में ट्रांसफर किया जा सकता है, जहां पर लाइसेंस के कम आवेदन आ रहे हैं।

अधिकारियों ने यह भी कहा कि लाइसेंस के लिए बढ़ती वेटिंग को देखते हुए कोविड-19 से पहले जिस तरह से स्लॉट दिए जाते थे, उसी तरह अब फिर से अपॉइन्टमेंट दी जाए। इसके लिए जनवरी 2020 की ऐवरेज देखी जाए और उसके आधार पर अपॉइन्टमेंट दी जाएं। यानी आने वाले दिनों में अब ज्यादा अपॉइन्टमेंट दिए जाएंगे और वेटिंग को कम किया जाएगा।

ऑटोमेटेड टेस्ट ट्रैक में फेल होने वालों के कारण भी बढ़ती है वेटिंग

मीटिंग मे सूरजमल विहार के एमएलओ की ओर से कहा गया कि ड्राइविंग लाइसेंस के लिए बढ़ती वेटिंग का एक बड़ा कारण ऑटोमेटेड टेस्ट ट्रैक पर टेस्ट देने वालों का बड़ी संख्या में फेल होना भी है। ज्यादा फेल होने के कारण वे लोग फिर से अप्लाई करते हैं और वेटिग बढ़ती जाती है।

मीटिंग में बताया गया कि फेल होने वालों में बहुत सारे लोग अच्छी तरह से ड्राइविंग करना जानते हैं, लेकिन टेक्निकल कारणों के चलते फेल हो जाते हैं। इस बारे में बताया गया कि ऑटोमेटेड टेस्ट ट्रैक पर फेल होने के कारणों का पता लगाने के लिए एक कमिटी बनाई गई थी और जल्द ही इस बारे में परिवहन मंत्री फैसला लेंगे। कारणों का पता लगाया जाएगा और उसके आधार पर जरूरी बदलाव किए जाएंगे।

दरअसल कई जगह पर ऑटोमेटेड टेस्ट ट्रैक पर 50 फीसदी से ज्यादा लोग फेल हो जाते हैं। इसके अलावा वेटिंग को कम करने के लिए कैंडिडेट्स को ड्राइविंग ट्रेनिंग संस्थान में टेस्ट के लिए भेजे जाने पर भी चर्चा हुई है। इस बारे में अगले हफ्ते फैसला लिया जाएगा।

ई-गाडियों की सब्सिडी में न हो देरी, जारी होगी एडवाइजरी

परिवहन मंत्री ने आदेश दिया है कि ई गाड़ियों की सब्सिडी में कोई देरी नहीं हो, इसके लिए सभी डीलर्स को एडवाइजरी जारी की जाएगी। दरअसल विभाग को ई सब्सिडी के कुछ केस वापस भेजने पड़ रहे हैं, ऐसे में तय हुआ है कि कुछ सामान्य कारणों के चलते ऐप्लीकेशन को वापस भेजा जा रहा है, उन कारणों के बारे में डीलर्स को एडवाइजरी दी जाए ताकि ऐप्लीकेशन में कोई कमी न हो।

बैठक में यह बताया गया कि कुछ आवेदन को आरटीओ ऑफिस से लौटाया गया है क्योंकि उनको पूरा नहीं भरा गया था। इसी तरह से आधार लिंक नहीं होने के कारण कुछ आवेदन रिजेक्ट किए गए हैं। परिवहन मंत्री ने आदेश दिया कि जो आवेदन लौटाए जा रहे हैं, उनमें से हर आवेदन को स्टडी कर कारणों का पता लगाया जाए।

एचएसआरपी का डेटा रोजाना अपलोड हो

परिवहन मंत्री ने आदेश दिया है कि सभी एमएलओ को डीलर्स के साथ मीटिंग करनी होगी और उन्हें बताना होगा कि एचएसआरपी का डेटा रोजाना आधार पर वाहन पोर्टल पर अपलोड किया जाना चाहिए। डीलर्स से रोजाना रिपोर्ट मंगाई जाए। एचएसआरपी को लेकर 23 दिसंबर को एक मीटिंग भी बुलाई गई है।

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