यूपी में 5 बड़े अपराध.. जिनकी वजह से योगी सरकार की हो रही ‘जंगलराज’ से तुलना

New Delhi: Crime in UP: कोरोना वायरस के बीच उत्तर प्रदेश में अपराधों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। एक-एक कर हुई वारदातों ने यूपी पुलिस (Crime in UP) समेत प्रदेश की योगी सरकार को भी सवालों के घेरे में खड़ा कर दिया है।

कानपुर का बिकरू हत्याकांड (Kanpur Crime Cases) जिसके बाद से प्रदेश में अपराधों की हर सुगबुगाहट पर विपक्ष चौकन्ना होने लगा। दरअसल, हर अपराध के साथ विपक्ष प्रदेश की सरकार को घेरना चाहता है। वहीं, अपराध के ये मामले थमने के बजाए लगातार बढ़ते ही जा रहे हैं। अब उत्तर प्रदेश में हुई कुछ बड़ी वारदातों पर नजर डाल लेते हैं।

विकास दुबे कानपुर वाला…बिकरू हत्याकांड

कानपुर जनपद, तारीख 2-3 जुलाई विकास दुबे नाम के कुख्यात अपराधी ने 8 पुलिसकर्मियों की हत्या कर दी। इस हत्याकांड के बाद पुलिस की संलिप्तता भी सामने आई। मामले ने राजनीतिक रंग भी लिया। पक्ष-विपक्ष, दोनों की ओर से वार-पलटवार शुरू हो गया। विकास दुबे के गैंग के गुर्गों के एनकाउंटर के साथ 9 जुलाई को इस मामले में एक अहम मोड़ आ गया।

विकास दुबे को मध्य प्रदेश के उज्जैन से गिरफ्तार कर लिया गया। फिर उसे वापस लाया जा रहा था। उत्तर प्रदेश में कानपुर के नजदीक एनकाउंटर में विकास दुबे को ढेर कर दिया गया। इसके साथ ही विपक्ष सरकार पर और हमलावर हो गया।

लैब टेक्निशन का अपहरण और हत्या

कानपुर में लैब टेक्निशन संजीत यादव का एक महीने पहले किडनैप हुआ था। इस मामले में 23 जून को गुमशुदगी लिखी गई। फिर 26 जून को इस रिपोर्ट को एफआईआर में तब्दील किया गया। वहीं, 29 जून को परिवारवालों को 30 लाख रुपये की फिरौती के लिए कॉल आया। संजीत यादव वापस नहीं लौटे क्योंकि उनकी हत्या 26 या 27 जून को ही कर दी गई थी।

सरेराह विक्रम जोशी की हुई थी हत्या

गाजियाबाद के रहने वाले पत्रकार विक्रम जोशी की बदमाशों ने रात के वक्त सरेराह हत्या कर दी थी। जब पत्रकार विक्रम जोशी पर हमला हुआ तब उनकी दो बेटियां भी बाइक पर सवार थीं।

बड़ी बेटी के मुताबिक, पापा बाइक चला रहे थे। इसी दौरान जब बाइक सड़क पर आई तो कुछ लोगों ने उन्हें घेर लिया और बाइक गिरा दी। जब पापा ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो वे लोग पापा को मारने लगे। इस दौरान कार के पास ले जाकर एक हमलावर ने उनको गोली मार दी। इसके बाद हमला करने वाले फरार हो गए।

गोंडा में अपहरण…यूं बचाया गया बच्चा

इन सभी मामलों में यूपी पुलिस पर कई सवाल खड़े हुए। हालांकि, गोंडा से जो घटना सामने आई उसमें पुलिस के रेस्पॉन्स के बाद डैमेज कंट्रोल भी हुआ। गोंडा में मासूम का बदमाशों ने दिनदहाड़े अपहरण कर लिया था।

बताया गया कि सैनेटाइजर देने के नाम पर 8 वर्षीय नमो गुप्ता नाम के बच्चे का अपहरण किया गया। इसके बाद बदमाशों ने बच्चे के पिता के मोबाइल पर फोन किया और उनसे 4 करोड़ रुपये की फिरौती मांगी। इतना ही नहीं, बदमाशों ने परिवारवालों को धमकी भी दी कि अपहरण की सूचना यदि पुलिस को दी तो बच्चे की हत्या कर दी जाएगी।

इस मामले में बच्चे के परिवारवालों की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी थी। यही नहीं, यूपी एसटीएफ को भी तुरंत अलर्ट किया गया। गोंडा जिले की सारी सीमाएं सील कर दी गईं। शुक्रवार (24 जुलाई) रात एसटीएफ, पुलिस और किडनैपर्स के बीच देर रात हुई मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ के बाद किडनैपर्स के पास से बच्चे की बरामदगी भी कर ली गई।

गोरखपुर में अपहरण के बाद हत्या

इसके बाद सोमवार (27 जुलाई) शाम को गोरखपुर में किडनैप हुए बच्चे की मौत की खबर आई। रविवार को पिपराइच के मिश्रोलिया टोला से बच्चे का अपहरण हुआ था। फिरौती में अपहरणकर्ता ने 1 करोड़ रुपये की मांग की थी। इस मामले में पुलिस का कहना है, ‘बच्चे का शव पिपराइच थाना क्षेत्र की सीमा के नजदीक मिला। हमने एक अभियुक्त को गिरफ्तार किया है और कई अन्य को शक के आधार पर हिरासत में लिया है।’

वारदातों के बाद विपक्ष के सवाल

इन सभी घटनाओं के बाद समाजवादी पार्टी (एसपी), कांग्रेस समेत बहुजन समाज पार्टी ने भी यूपी की बीजेपी सरकार पर हमला किया है। एसपी चीफ अखिलेश यादव कहते हैं, ‘गोरखपुर से अपहृत बच्चे की हत्या का समाचार बेहद शर्मनाक और दुखद है। शोकाकुल परिवार के प्रति गहरी संवेदना। लगातार अपहरण और हत्याओं के बावजूद भी भारतीय जनता पार्टी की सरकार का निर्लज्ज मौन और निष्क्रियता प्रश्नचिह्न के घेरे में है।’

प्रियंका बोलीं- यूपी में जंगलराज बढ़ रहा

उधर, प्रियंका गांधी ने ट्वीट किया, ‘क्या यूपी के मुखिया ने खबरें देखना छोड़ दिया है? क्या गृह विभाग में बैठे लोगों के सामने ये खबरें नहीं जाती हैं? यूपी में हर दिन गुंडाराज के नए रेकॉर्ड बन रहे हैं। सीएम के गृह क्षेत्र में अपहरण की घटना घटी है। कासगंज में हत्याकांड लेकिन दिखावे के लिए कुछ ट्रांसफर के अलावा और कुछ होता ही नहीं। जंगलराज बढ़ता जा रहा है।’

मायावती ने कहा, ऐक्शन में आए सरकार

संजीत यादव मामले में मायावती ने ट्वीट किया, ‘यूपी में जारी जंगलराज के दौरान एक और घटना में कानपुर में अपहरणकर्ताओं की ओर से संजीत यादव की हत्या करके शव को नदी में फेंक दिया गया, जो अति दुखद और निंदनीय है। प्रदेश सरकार खासकर अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था के मामले में तुरंत हरकत में आए। यही बीएसपी की मांग है।’

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