Rajasthan Crisis: सोमवार को देशभर में राजभवन का घेराव करेगी कांग्रेस, लेकिन राजस्थान में नहीं!

New Delhi: Congress not Protest Outside Rajasthan Raj Bhawan: राजस्थान में विधानसभा सत्र बुलाने की मांग पर अड़ी गहलोत सरकार (Ashok Gehlot) ने नया प्रस्ताव राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) के पास भेजा है। इस बीच खबर आ रही है कि सोमवार को कांग्रेस पार्टी (Congress) देशभर में राजभवन के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगी लेकिन राजस्थान (Rajasthan) में कल ऐसा कुछ नहीं होगा।

राजस्थान कांग्रेस प्रमुख गोविंद एस डोटासरा ( Rajasthan Congress Chief Govind S Dotasra) ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि कांग्रेस पार्टी कल देश के सभी राजभवन के बाहर विरोध प्रदर्शन करेगी लेकिन हम राजस्थान (Congress not Protest Outside Rajasthan Raj Bhawan) में ऐसा नहीं करेंगे। हमने कैबिनेट का संशोधित नोट राज्यपाल को भेज दिया है और उम्मीद करते हैं कि राज्यपाल जल्द ही विधानसभा सत्र बुलाने के लिए अपनी स्वीकृति दे देंगे।

कांग्रेस ने किया था 27 जुलाई को देशभर मे राजभवन को घेरने का ऐलान

इससे पहले कांग्रेस ने शनिवार को ऐलान किया कि 27 जुलाई को पार्टी देश के सभी राज्यों के राजभवनों का घेराव करने वाली है। इस दौरान राजधानी जयपुर में भी राजभवन का घेराव होगा। कांग्रेस संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल ने भी ट्वीट कर इसकी पुष्टि करते हुए राजभवन घेराव की घोषणा की है। वेणुगोपाल ने लिखा कि लोकतंत्र की हत्या के खिलाफ कांग्रेस देश भर के राजभवन घेरेगी।

सत्र बुलाने के लिए राज्यपाल को भेजा गया नया प्रस्ताव

गहलोत सरकार (Ashok Gehlot Government) ने विधानसभा सत्र बुलाने को लेकर नया प्रस्ताव राज्यपाल कलराज मिश्र (Kalraj Mishra) के पास भेज दिया है। जानकारी के मुताबिक, राज्यपाल को भेजे गए नए प्रस्ताव में 31 जुलाई से विधानसभा सत्र बुलाने की बात कही गई है। नए प्रस्ताव में फ्लोर टेस्ट का जिक्र नहीं किया गया है। इसमें कोरोना वायरस की स्थिति पर चर्चा की बात कही गई है। कोरोना के साथ-साथ दूसरे विधेयकों पर भी चर्चा का जिक्र किया गया है।

नए प्रस्ताव में कोरोना मुख्य एजेंडा

राजभवन में हुए इस प्रदर्शन को लेकर राज्यपाल कलराज मिश्र ने राज्य सरकार से छह बिंदुओं पर शुक्रवार को स्पष्टीकरण मांगा था। जिसके बाद शनिवार को सीएम आवास पर मंत्री परिषद की बैठक हुई, जिसमें उन बिंदुओं पर चर्चा की गई जो राज्यपाल ने पहले के प्रस्ताव को लेकर उठाए थे। इसके बाद संशोधित प्रस्ताव को मंजूर किया गया। विचार विमर्श के बाद सभी कानूनी प्रक्रियाओं और प्रावधानों को ध्यान में रखते हुए संशोधित प्रस्ताव तैयार किया गया, जिसे कैबिनेट ने मंजूरी दी। अब सरकार की ओर ये प्रस्ताव राज्यपाल के पास भेजा गया है।

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