कोर्ट ने तुड़वाया था चांदनी चौक में हनुमान मंदिर, भक्तों ने रातोंरात खड़ा कर दिया बजरंगबली का दरबार

Webvarta Desk: देश की राजधानी दिल्ली के चांदनी चौक (Chandni Chowk Hanuman Temple) में तकरीबन डेढ़ महीने पहले हाईकोर्ट (Delhi High Court) के आदेश पर सड़क पर बने हनुमान मंदिर को तोड़ दिया गया था। लेकिन, अब ठीक उसी जगह पर रातों-रात स्थानीय लोगों ने अस्थाई मंदिर खड़ा कर दिया है। कोर्ट के आदेश के बावजूद मंदिर का निर्माण कैसे हुआ और किसने ऐसा किया, अभी तक इसकी कोई जानकारी नहीं है।

वहीं उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) के मेयर जय प्रकाश ने दावा किया इस मंदिर का निर्माण ‘हनुमान भक्तों’ द्वारा किया गया है।

बीजेपी-आप में मचा था घमासान

दरअसल, चांदनी चौक में चल रही सौंदर्यीकरण योजना के दौरान जनवरी की शुरुआत में ‘प्राचीन हनुमान मंदिर’ को तोड़े जाने पर बीजेपी और आम आदमी पार्टी के बीच विवाद शुरू हो गया था। उस वक्त उत्तरी निगम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा था कि अदालत के आदेश पर ‘अतिक्रमण’ के रूप में मंदिर को तोड़ दिया गया था।

इस बीच, शुक्रवार को सोशल मीडिया पर मंदिर की कुछ तस्वीरें सामने आई। तस्वीरों में उस स्थान पर अब स्टील का बना मंदिर खड़ा कर दिया गया है। इलाके के लोग इसके अंदर रखी भगवान हनुमान की मूर्ति के साथ पूजा-अर्चना करते दिख रहे थे।

क्या बोले मेयर

उत्तरी दिल्ली के मेयर जय प्रकाश ने शुक्रवार को कहा कि राम जी और हनुमान जी के मंदिरों को राम और हनुमान के भक्तों द्वारा खड़ा किया गया है। हालांकि, इसमें प्रक्रिया का पालन नहीं किया गया है, लेकिन हमें उनकी धार्मिक आस्था सम्मान करना होगा।

शुक्रवार को किए गए एक ट्वीट में उन्होंने नए मंदिर की दो तस्वीरें साझा करते हुए कहा कि वह आज दोपहर मंदिर का दौरा करेंगे और भगवान हनुमान का आशीर्वाद मांगेंगे।

नहीं अपनाई गई सही प्रक्रिया

मेयर ने यह कहा कि किसी अधिकृत क्षेत्र में किसी भी सिविल कार्य को संबंधित अधिकारियों की अनुमति की आवश्यकता होती है। चांदनी चौक, मुगल युग से एक ऐतिहासिक क्षेत्र है, जो व्यापारियों और पुरानी हवेलियों का घना केंद्र है और राजधानी में एक प्रमुख पर्यटक केंद्र है। यह क्षेत्र एनडीएमसी के अधिकार क्षेत्र में आता है।

गौरतलब है कि शाहजहानाबाद पुनर्विकास निगम द्वारा संचालित चांदनी चौक पुनर्विकास परियोजना दिल्ली सरकार, दिल्ली मेट्रो, उत्तरी निगम और अन्य एजेंसियों के साथ मिलकर चलाई जा रही है। लाल किले से प्रसिद्ध फतेहपुरी मस्जिद तक जाने वाली लगभग 1.5 किलोमीटर लंबी इस सड़क का सौंदर्यीकरण करने के साथ ही इसे आगंतुकों के पैदल चलने योग्य बनाया जा रहा है।