Hathras: ना FIR, ना कोई जवाब… क्या हाथरस मामले की जांच नहीं करना चाहती CBI?

New Delhi: हाथरस कांड (Hathras Case) की जांच CBI करेगी या नहीं, इसको लेकर सं’शय बना हुआ है। यूपी सरकार (UP Govt) की ओर से भेजे गए जांच के प्रस्ताव को एक हफ्ता हो गया हैं।

अब तक CBI की तरफ से जांच को लेकर कोई उत्तर नहीं मिला है। इस मामले (Hathras Case) में CBI की इस शिथिलता ने अब कई सवाल खड़े करना शुरू कर दिया है।

प्रस्ताव भेजे जाने के बावजूद न तो CBI ने अब तक इस मामले की FIR दर्ज की और न ही CBI के अधिकारियों ने अब तक स्थानीय पुलिस से घटना से संबंधित दस्तावेज तलब किए। हालांकि, शासन के उच्चस्तरीय सूत्रों का कहना है कि CBI के रुख का इंतजार कर रहे हैं। 12 अक्टूबर को सुप्रीम कोर्ट में हाथरस कांड (Hathras Case) को लेकर दाखिल याचिकाओं पर सुनवाई होनी है।

शासन ने बनाई है SIT

हाथरस कांड (Hathras Case) में शासन ने पहले तीन सदस्यीय एसआईटी का गठन किया था। एसआईटी की प्राथमिक रिपोर्ट के आधार पर हाथरस के तत्कालीन एसपी सहित पांच पुलिस वालों को निलंबित कर दिया था। शनिवार को सीएम ने अपर मुख्य सचिव और डीजीपी को मौके पर भेजा।

यूपी सरकार ने सीबीआई से की थी सिफारिश

पीड़ित परिवार ने दोनों अफसरों से मामले की जांच सीबीआई से कराने का अनुरोध किया, जिस पर सीएम ने उसी दिन घटना की जांच सीबीआई से कराए जाने की संस्तुति कर दी। सीबीआई जांच की संस्तुति किए जाने की जानकारी देते हुए अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी ने बताया था कि सीबीआई जांच से संबंधित सारी औपचारिकताएं उसी दिन पूरी कर दी गई थीं।

एसआईटी जांच में जुटी

एक ओर जहां सीबीआई ने पांच दिन बाद भी जांच को लेकर कोई जवाब नहीं दिया। वहीं दूसरी ओर राज्य सरकार द्वारा मामले की जांच के लिए गठित एसआईटी को दस दिन का समय और दिया जाना, असमंजस और बढ़ा दिया है।

एसआईटी ने गुरुवार को पीड़िता के गांव के चालीस लोगों को नोटिस जारी कर उन्हें पूछताछ के लिए हाथरस पुलिस लाइंस बुलाया और उनके बयान दर्ज किए। इनमें गांव के वह लोग भी शामिल हैं, जो घटना के समय घटना स्थल के आस-पास अपने खेतों पर काम कर रहे थे या फिर अंत्येष्टि के समय मौके पर मौजूद थे।

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