Bihar Election: दारोगा, टीचर, BDO… करियर दांव पर लगाने वाले इन 5 उम्मीदवारों का हुआ ये हाल

New Delhi: बिहार चुनाव (Bihar Election) में कई लोग इस बार आकर्षण के केंद्र में थे। दारोगा से लेकर BDO तक की नौकरी दांव पर लगाकर कई उम्मीदवार चुनावी मैदान में समाज को बदलने के लिए उतरे थे। जिसे जिस दल से मौका मिला, उसके नेता को ही आइकॉन मान कर लोग किस्मत अजमा रहे थे। लेकिन इनमें से ज्यादातर लोगों को जनता ने ठुकरा दिया है।

बिहार की सबसे चर्चित मुखियाओं में सुमार रही रितु जायसवाल को भी जीत नसीब नहीं हुई है। एक-एक कर हम अपनी स्टोरी में सभी उम्मीदवारों के बारे में विस्तार से बताएंगे। आखिर करियर दांव पर लगाने वाले इन उम्मीदवारों को जनता ने कितना वोट किया है।

दारोगा की नौकरी छोड़ चुनावी मैदान में उतरे रवि ज्योति

नीतीश कुमार के गृह जिला नालंदा के राजगीर सीट से कांग्रेस उम्मीदवार रवि ज्योति इस बार चुनाव हार गए हैं। रवि ज्योति को 51143 वोट मिले हैं। वहीं, जेडीयू के कौश किशोर को 67191 वोट मिले हैं।

रवि ज्योति राजनीति में आने से पहले दारोगा था। 2015 में वीआरएस लेकर उन्होंने जेडीयू से चुनाव लड़ा था। 2015 में रवि ज्योति राजगीर से चुनाव जीत गए थे। लेकिन चुनाव से पहले इस बार पाला बदल लिया था। चुनाव में जनता ने ठुकरा दिया है।

BDO की नौकरी छोड़ने वाले गौतम कृष्ण भी हारे

सहरसा से आरजेडी उम्मीदवार गौतम कृष्णा की चर्चा भी इस चुनाव में खूब हो रही थी। गौतम कृष्ण बिहार प्रशासनिक सेवा के अधिकारी थे। वह BDO रहे हैं। आरजेडी ने सहरसा जिले के महिषी सीट से उन्हें टिकट दिया था।

विधायक बनने के लिए करियर दांव पर लगाने वाले गौतम कृष्ण को जनता ने ठुकरा दिया है। वह जेडीयू के गुंजेश्वर शाह से चुनाव हार गए हैं। गौतम कृष्ण को इस चुनाव में 64686 वोट मिले हैं। जबकि जेडीयू के गुंजेश्वर शाह को 66316 वोट मिले हैं।

मुखिया रितु जायसवाल भी नहीं जीत पाई

सिंहवासिनी पंचायत की मुखिया रितु जायसवाल भी इस बार चुनावी मैदान में थी। रितु अपने कामों को लेकर हमेशा चर्चा में रहती है। चुनाव से पहले रितु जायसवाल जेडीयू में थी। टिकट नहीं मिलने पर आरजेडी का दामन थाम लिया था।

आरजेडी ने रितु जायसवाल को सीतामढ़ी के परिहार से उम्मीदवार बनाया था। लेकिन रितु जायसवाल ने जेडीयू उम्मीदवार गायत्री देवी से चुनाव हार गई हैं। रितु जायसवाल को इस चुनाव में कुल 71851 वोट मिले हैं। वहीं, बीजेपी उम्मीदवार गायत्री देवी को 73420 वोट मिले हैं।

सुनील कुमार जीते चुनाव

बिहार के एडीजी रहे पूर्व आईपीएस सुनील कुमार भी इस बार चुनावी मैदान में थे। सुनील कुमार रिटायरमेंट के बाद जेडीयू में शामिल हो गए थे। वह गोपालगंज के भोरे सीट से चुनाव लड़ रहे थे। सुनील कुमार भोरे से चुनाव जीत गए हैं। उन्हें कुल 74067 वोट मिले हैं। वहीं, माले उम्मीदवार जितेंद्र पासवान को 73605 वोट मिले हैं।

टीचर की नौकरी छोड़ लड़ा चुनाव

आरजेडी ने इस बार अररिया के रानीगंज से नियोजित शिक्षक अविनाश मंगलम को उम्मीदवार बनाया था। लेकिन अविनाश मंगलम चुनाव हार गए हैं। अविनाश मंगलम की इस चुनाव में हार हुई है। अविनाश मंगलम को कुल 79579 वोट मिले हैं। वहीं, जेडीयू के विजयी उम्मीदवार अचिमित ऋषिदेव को कुल 81901 वोट मिला है।

रवि ज्योति को छोड़ सब पहली बार लड़ रहे थे चुनाव

कांग्रेस उम्मीदवार रवि ज्योति को छोड़ करियर दांव पर लगाने वाले सभी लोग पहली बार चुनावी मैदान में थे। इनमें से 4 महागठबंधन से चुनाव लड़ रहे थे। वहीं, सुनील कुमार जेडीयू से चुनाव लड़ रहे थे।

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