छुआछूत से तंग बंशकार समाज सामूहिक रूप से करेगा धर्म परिवर्तन

-समाज की बैठक में हुआ निर्णय हिन्दू धर्म छोड़कर अपनाएंगे दूसरा धर्म

पन्ना, 15 फरवरी (एम.एस खान)। मध्यप्रदेश के पन्ना जिले में छुआछूत से तंग आकर बंशकार समाज ने सामूहिक रूप से धर्म परिवर्तन करने की बात कही है। आज़ादी के सात दसक बाद भी समाज में व्याप्त छुआछूत भले ही सरकारों ने कागजों में ख़त्म कर दी हो लेकिन छुआछूत अभी भी जारी है और ग्रामीण इलाकों में छुआछूत की बीमारी मज़बूती से कायम है।

विभिन्न सरकारों द्वारा समाज से छुआछूत मिटाने के लिये अनेक कार्यक्रम चलाये गये और कागजों में करोड़ों खर्च कर समाज से छुआछूत मिटाने के दावे किये गए लेकिन ज़मीनी हकीकत सरकारी दावों से ठीक उलट है। भारत के संविधान में प्रत्येक जाति, वर्ग, समुदाय के नागरिकों को समानता का दर्जा प्रदान किया गया है। समाज में जाति धर्म के आधार पर भेदभाव करना कानूनन जुर्म है। छूआछूत के आधार पर किसी तरह की रोकटोक लगाने वालों को कानून में सजा का प्रावधान है। इसके बाद भी छुआछूत जारी है।

पन्ना जिला अंतर्गत तहसील पवई के ग्राम पंचायत इटाय के बंशकार समाज के लोगों ने छुआछूत से तंग आकर धर्म परिवर्तन करने का फैसला किया है। बंशकार समाज ने कहा है कि हमारे साथ समानता का बर्ताव नहीं किया जाता है हमें किराना की दुकानों में 2 मीटर की दूरी से सामान दिया जाता है और सार्वजनिक स्थानों पर बैठने नहीं दिया जाता है तथा गांव में नाई आज भी उनके बाल नहीं काटता। इसके अलावा गाँव में होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों में बंसकार समाज से दूरी बनाकर रखी जाती है और बंसकार समाज से चंदा नहीं लिया जाता।

छुआछूत से तंग आकर ग्राम में निवासरत बंसकार समाज ने धर्म परिवर्तन करने के लिये ग्राम पंचायत सचिव को ज्ञापन देकर कहा है कि हमारे साथ दुर्व्यवहार बंद नहीं किया गया तो बहुत जल्द हम बंशकार समाज के लोग अपने सम्मान और स्वाभिमान के लिए धर्म परिवर्तन करेंगे।

बाबू लाल बंसकार ने बताया कि हम लोगों के साथ बहुत भेदभाव होता है राशन की दुकानों में भेदभाव होता है हर जगह भेदभाव होता है इसलिए आत्मसम्मान के साथ जीने के लिये नहीं मिलता है तो हम लोगों ने सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया है कि हिन्दू धर्म छोड़कर दूसरा धर्म अपनाएंगे।

कन्हैया बंसकार ने बताया कि आज समाज की बैठक में समाज द्वारा यह निर्णय लिया कि ग्राम में हमारे समाज को अन्य समाजों द्वारा मान सम्मान के साथ खाना नहीं खिलाया जाता है उन सभी समाजों के घरों में हमने खाना पीना बंद कर दिया है। हमारी समाज को  सम्म्मान नहीं मिलता है दुकानों से दो मीटर दूर से सामान दिया जाता है, यदि कहीं सार्वजनिक स्थान पर बैठे हैं तो हमें अपमानित किया जाता है। स्थानीय प्रशासन और हिन्दू संगठनों से निवेदन करना चाहता हूँ कि हमारे मानसम्मान और स्वाभिमान के लिए आपके द्वारा समय पर उचित कार्यनहीं किये गए तो हम लोग धर्मपरिवर्तन कर लेंगे।

बिन्नू बंसकार ने बताया कि अगर हमारे साथ ऐसे ही भेदभाव रखा गया तो हम लोग धर्म परिवर्तन करेंगे, अभी हाल में ग्राम में भागवत कथा रखी गयी थी उसमे हमारे समाज का चंदा नहीं लिया गया। इसलिए आज की बैठक में समाज द्वारा यह निर्णय लिया गया है।