सचिन पायलट पर CM गहलोत का हमला- ‘पार्टी से गद्दारी बुरी बात है’

New Delhi: Ashok ghahlot on Sachin pilot: पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के साथ जारी खींचतान पर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि झगड़े घर पर निपटते हैं। अगर घर के झगड़े को लेकर अगर आप विरोधी के साथ मिलकर राजनीति करेंगे तो लोकतंत्र में क्या बचेगा। महत्वाकांक्षी होना बुरी बात नहीं है, लेकिन अतिमहत्वाकांक्षी होना अच्छी बात नहीं है। मेरे हिसाब से पार्टी से गद्दारी बुरी बात होती है। आप बीजेपी के साथ मिलकर अपनी सरकार गिराना चाहते हो, मेरे हिसाब से अच्छी बात नहीं है। ऐसे लोगों को जनता कभी माफ नहीं करेगी।
‘वसुंधरा से मिले हैं पायलट, फिर भी लौट आएं तो गले लगा लूंगा’

गहलोत (Ashok ghahlot on Sachin pilot) ने कहा कि जब मुझे लगेगा कि पब्लिक मुझे नहीं चाहती है, तो मैं खुद आलाकमान को बोलूंगा कि सीएम की कुर्सी पर किसी और बैठाएं। सीएम गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि वसुंधर राजे सिंधिया और सचिन पायलट मिले हुए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे आज भी घर लौट आएं तो मैं उन्हें गले लगा लूंगा।

गहलोत (Ashok ghahlot on Sachin pilot) ने कहा कि पहले ये बीजेपी में जाना चाहते थे, लेकिन इनके साथ कोई जाने को तैयार नहीं हुआ। इसके बाद इन्होंने नई पार्टी बनाने की सोची और चाहा की राजस्थान में कांग्रेस को समाप्त कर देंगे। इन्हें लगा कि बीजेपी से मिलकर सरकारें बनती भी है, बिगड़ती भी है तो, मैं क्यों नहीं बन सकता।

सीएम (Ashok ghahlot on Sachin pilot) ने कहा कि लोकतंत्र में मैं किसी को चैलेंज नहीं कर सकता, लेकिन इतना कहूंगा कि पार्टी से गद्दारी नहीं करनी चाहिए। मैं 28 साल की उम्र में सांसद बन गया था। 29 साल में केंद्रीय मंत्री बन गया, 34 साल में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष बन गया, तीन पर केंद्रीय मंत्री बना, तीसरी बार मुख्यमंत्री हूं। हमारी पीढ़ी की रगड़ाई खूब हुई थी। उस वक्त संकट भी बहुत आए। इंदिरा गांधी की हत्या हुई, युवाओं के नेता राजीव गांधी की हत्या हो गई, तब भी हमने पार्टी में वफादारी बनाए रखी। पार्टी की विचारधारा जन जन तक पहुंचाने में लगे रहे। पद पर रहे या नहीं रहे।

गहलोत ने कहा कि पहले उम्र होती थी 60 साल, अब उम्र बढ़ चुकी है। इसलिए जूनियर-सीनियर की बात बेमानी है। नौजवानों को आनी चाहिए, जैसे हम लोग आए थे। गुलाम नबी आजाद, आनंद शर्मा, अहमद पटेल, मुकुल वासनिक, तारीक अनवर जैसे कई युवा उस वक्त पहली बार आए थे। पहली बार आकर आजतक जिंदा हैं, राजनीति के अंदर। अगर हम राजनीति छोड दें तो क्या करेंगे।

इंदिरा गांधी जब चुनाव हार गई थीं तो वह चैलेंज था बडा, उस वक्त भी हम नहीं हारे। हमारी ग्रूमिंग ऐसी हुई हैं किसी भी मुश्किल का सामना करने के लिए तैयार हैं। मैं हमेशा युवाओं की बात करता हूं। राहुल गांधी जानते हैं जब भी पार्टी की मीटिंग होती है तो मैं सबसे पहले NSUI की बात करता हूं। युवा भविष्य हैं, ये हमसे ज्यादा अच्छा काम कर सकते हैं। युवाओं को काम करना चाहिए। हमेशा इर्द-गिर्द पांच-सात लोग होते हैं जो फैलाते हैं कि आप प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री या किसी और पद के लिए दावेदारी करो। लेकिन इन सब के बीच खुद सोचने की शक्ति होनी चाहिए।

सीएम के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारे में चर्चा में शुरू हो चुकी है कि अब कांग्रेस नेतृत्व सचिन पायलट और उनके समर्थक विधायकों की वापसी के रास्ते बंद कर चुकी है। गहलोत पहले बिना नाम लिए हुए कोई भी बात कहते थे, लेकिन अब व खुलकर सचिन पायलट का नाम लेकर आरोप लगा रहे हैं।

सुरजेवाला बीजेपी व मोदी सरकार सत्ता लूटने का काम कर रही हैं: सुरजेवाला

कांग्रेस ने राजस्थान में जारी राजनीतिक उठापटक के बीच शुक्रवार को आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी व केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार कोरोना वायरस व चीन की चुनौतियों से निपटने के बजाय केवल ‘सत्ता लूटने का काम कर रही हैं’।

राजस्थान में शुक्रवार को वायरल हुए दो कथित ऑडियो क्लिप का हवाला देते हुए कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने यहां केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत पर हमला बोला और कहा कि राजस्थान की सरकार गिराने के षड्यंत्र में कथित रूप से शामिल शेखावत व अन्य लोगों के खिलाफ पुलिस के विशेष कार्यबल (एसओजी) में मामला दर्ज होना चाहिए इस ऑडियो क्लिप में कथित तौर पर कांग्रेस के वरिष्ठ विधायक भंवर लाल शर्मा व भाजपा के एक नेता संजय जैन की आवाज है। सुरजेवाला ने संवाददाता सम्मेलन में इस क्लिप में हुई कथित बातचीत को पढ़कर सुनाया।

उन्होंने कहा, ‘इस तथाकथित बातचीत से पैसों की सौदेबाजी व विधायकों की निष्ठा बदलवाकर राजस्थान की कांग्रेस सरकार गिराने की मंशा व साजिश साफ है। यह लोकतंत्र के इतिहास का काला अध्याय है।’

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