गहलोत ने पायलट को बताया निकम्मा… सुनवाई के बीच लगाए ये 10 बड़े आरोप

New Delhi: Ashok Gehlot Fire on Sachin Pilot: राजस्थान में आये सियासी भूचाल के बीच प्रदेश के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सोमवार को सचिन पायलट पर अब तक का सबसे बड़ा जुबानी हमला बोला।

गहलोत ने मीडिया के बीच बातचीत में कहा (Ashok Gehlot Fire on Sachin Pilot) कि ऐसी नौबत आई ही क्यों कि आज हमारेअपने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट कोर्ट पहुंच गए। उन्होंने कहा कि पायलट 7 साल प्रदेश के अध्यक्ष रहे, आलाकमान का उनपर इतना विश्वास था लेकिन जिस रूप से पिछले 6 महीने से उन्होंने बीजेपी के साथ मिलकर पार्टी से अलग होकर साजिश रची।

उन्होंने ये भी कहा कि हम जानते थे कि वो निकम्मा है फिर भी पिछले सात साल में एक बार भी प्रदेशाध्यक्ष को हटाने की मांग नहीं की। गहलोत ने पायलट (Ashok Gehlot Fire on Sachin Pilot) को लेकर कही ये बड़ी बातें…

सात वर्षों से राजस्थान कांग्रेस का अध्यक्ष की जिम्मा

गहलोत ने कहा कि सोनिया गांधी, राहुल गांधी का सचिन पायलट पर भरोसा था और इसलिए पिछले 7 सालों से उन्हें प्रदेश कांग्रेस का जिम्मा दे रखा था। ये बड़ी बात है।

पिछले 6 महीने से बीजेपी के साथ मिलकर साजिश की

गहलोत ने कहा कि बीजेपी के साथ मिलकर पायलट ने पिछले 6 महीने में पार्टी के खिलाफ साजिश रची।

पहले बीजेपी में शामिल हो रहे थे पायलट

गहलोत ने कहा कि पायलट पहले बीजेपी में शामिल हो रहे थे। कांग्रेस विधायकों ने जब बीजेपी में जाने से इनकार किया तो कहा गया थर्ड फ्रंट बनाते हैं।

हमा जानते थे की ये निकम्मा है

हम जानते थे ये निकम्मा है, लोगों को लड़ा रहा है, फिर भी हमारा कलचर ऐसा है कि हमने एक शब्द उनके खिलाफ नहीं बोला।

बैंगन बेचने नहीं आया हूं

गहलोत ने कहा, मैं बैंगन बेचने नहीं आया हूं, सब्जी बेचने नहीं आया हूं, मैं सीएम हूं अपना काम करने आया हूं।

पीठ पर छुरा घोंपा

गहलोत ने कहा कि हमने पायलट को मान-सम्मान दिया। लेकिन उसने पार्टी की पीठ पीछे छुरा घोंपा।

10 मार्च मानेसर जाने वाले थे, मैंने खुलासा किया

उन्होंने कहा जो अब हुआ है ये पहले 10 मार्च को होने वाला था। 19 को चुनाव थे राज्य सभा के। 10 मार्च को गाड़ी मानेसर रवाना होने वाली थी। उस साजिश का मैंने खुलासा किया।

AICC का अध्यक्ष बनने की ख्वाहिश

गहलोत ने कहा, जो एआईसीसी का अध्यक्ष बनने की ख्वाहिश देखे, तब मुंबई को कॉर्पोरेट हाउस के लोग उन्हें स्पोन्सर करें। अभी लंदन से उनका केस लड़ने वाला वकील कौन है? कॉर्पोरेट हाउसेज के वकील, जिनकी फीस एक पेशी की 50 लाख रुपए तक होती है। दूसरे वकील है मुकुल राेहतगी साहब हैं, जो बीजेपी के खास चहेते हैं। उनकी फीस भी 50-40 लाख रुपए है। ये पैसा कहां से आ रहा है? क्या पायलट जेब से दे रहे हैं? इसके पीछे पूरा कॉर्पोरेट हाउस लगा हुआ है। वो नहीं चाहते, वो मोदी जी को खुश करने के लिए, बीजेपी को खुश करने के लिए षड़यंत्र हो रहा है।

राजेंद्र राठौड़ और सतिश पूनिया दिल्ली गए, पायलट भी छिपकर जाते थे

सबको मालूम है, रातों-रात षड़यंत्र में शामिल होकर वापस आ गए। उसपर मीडिया में कह रहे हैं, खंडन करें- हम तो दिल्ली गए ही नहीं। अरे, झूठ बोलने की जरूरत क्या है? ये झूठ इसलिए बाेला गया क्यों कि हमारे पायलट साहब भी छिपकर जाया करते थे। पायलट हमारी सारे सुरक्षा, पुलिस को छोड़कर अकेले जाते थे, खुद गाड़ी ड्राइव कर जाते थे। इनकम टैक्स के छापे पड़ गए। मेरे पास दो दिन पहले खबर आ गई थी कि मुख्यमंत्री के मिलने वालों के खिलाफ छापे पड़ेंगे। इतनी गुंडागर्दी हो रही है देश में, चाहे सीबीआई हो, इनकम टैक्स हो, ईडी हो, ऐसा इतिहास में कभी नहीं हुआ।

बीजेपी खेल खेल रही है, सबको मालूम है

वहां सबसे मोबाइल ले लिए गए हैं। वो लोग वहां बंद हैं। बंदक बना दिया। उनमें कई लोग हमारे यहां आना चाहते हैं। ये सारा खेल बीजेपी खेल रही है। हमारे यहां सब फ्री हैं। गिर्राज मलिंगा को सचिन पायलट से 35 करोड़ के ऑफर पर गहलोत ने कहा कि पीसीसी का अध्यक्ष खुद की पार्टी की ही सरकार गिराने की साजिश रचे, ऐसा मैंने सुना नहीं था।

3 दिन पहले कहा- आज भी आ जाएं तो गले लगा लूंगा।

इससे पहले शुक्रवार को गहलोत ने पायलट को लेकर कहा था कि जब मुझे लगेगा कि पब्लिक मुझे नहीं चाहती है, तो मैं खुद आलाकमान को बोलूंगा कि सीएम की कुर्सी पर किसी और बैठाएं। सीएम गहलोत ने यह भी आरोप लगाया कि वसुंधरा राजे सिंधिया और सचिन पायलट मिले हुए हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे आज भी घर लौट आएं तो मैं उन्हें गले लगा लूंगा। गहलोत ने कहा कि जब मैं सांसद बना था तो पायलट 3 साल के थे। आज भी आ जाएं तो गले लगा लूंगा। राजनीति अलग बात है, लेकिन मैं आज भी उन्हें मानता हूं।

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