अर्णब गोस्वामी की रिमांड पर पुनर्विचार, पुलिस की याचिका पर 9 नवंबर को होगी सुनवाई

New Delhi: रिपब्लिक टीवी (Republic TV) के प्रधान संपादक अर्णब गोस्वामी (Arnab Goswami) की पुलिस हिरासत के बजाय न्यायिक रिमांड के मैजिस्ट्रेट के आदेश को चुनौती देने वाली पुलिस की याचिका पर रायगढ़ जिले के अलीबाग में सेशन कोर्ट 9 नवंबर को सुनवाई करेगी।

अलीबाग में डिस्ट्रिक्ट सेशन कोर्ट (Aliboug Session Court) ने शनिवार को यह आदेश जारी किया। अदालत को सूचित किया गया था कि बंबई हाई कोर्ट (Bombay High Court) इस समय मामले में गोस्वामी (Arnab Goswami) और दो अन्य आरोपियों, फिरोज शेख तथा नीतेश सारदा की याचिकाओं पर सुनवाई कर रहा है।

उन्होंने अंतरिम जमानत की मांग की है और गोस्वामी (Arnab Goswami) की गिर’फ्तारी को अवैध बताते हुए उसे चुनौती दी है। पुलिस ने अपने आवेदन में सत्र अदालत से अनुरोध किया था कि निचली अदालत के आदेश को रद्द किया जाए और तीन आरोपियों को उनकी हिरासत में भेजा जाए।

गोस्वामी (Arnab Goswami) को 53 वर्षीय इंटीरियर डिजाइनर अन्वय नाइक को कथित तौर पर खुदकुशी के लिए उकसाने के मामले में बुधवार को उनके लोअर परेल स्थित आवास से सुबह के समय गिर’फ्तार किया गया था। उन्हें अलीबाग थाने ले जाया गया और बाद में मुख्य न्यायिक मैजिस्ट्रेट सुनैना पिंगले के समक्ष पेश किया गया।

मैजिस्ट्रेट ने बुधवार देर रात आदेश जारी करते हुए तीनों को पुलिस हिरासत में भेजने से इनकार कर दिया और उन्हें 18 नवंबर तक की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। अलीबाग पुलिस ने गोस्वामी से पूछताछ के लिए 14 दिन की हिरासत की मांग की थी।

गोस्वामी को इस समय एक स्थानीय स्कूल में रखा गया है, जिसे अलीबाग जेल के लिए कोविड-19 केंद्र बनाया गया है। अन्वय नाइक और उनकी मां कुमोदिनी नाइक ने 2018 में गोस्वामी की कंपनी द्वारा कथित रूप से उनका बकाया भुगतान नहीं किये जाने के कारण आत्महत्या कर ली थी।

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