नशे के मुद्दे को लेकर अकाली दल ने पंजाब सरकार खिलाफ निकाली भड़ास

Akali Dal

लुधियाना, 01 जून (सुरेश कुमार)। शिरोमणि अकाली दल बादल लुधियाना शहरी प्रधान रणजीत सिंह ढिल्लों द्वारा पंजाब सरकार खिलाफ भड़ास निकाल प्रैस वार्ता कर कहा पंजाब सरकार द्वारा चार हफ्तों में नशा खत्म करने की सौगंध लेकर कांग्रेस ने सत्ता तो हासिल कर ली। पर आज करीब साढ़े चार साल बीतने उपरांत भी पंजाब में चिट्टा नशा, मैडिकल नशे की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है।

इन्हीं मुद्दों को उजागर करते हुये शिरोमणि अकाली दल शहरी प्रधान रणजीत सिंह ढिल्लों ने कहा कि अकाली भाजपा सरकार समय दौरान कांग्रेस व आप पार्टी ने पंजाब में ऐसा माहौल बनाया कि सभी को लगने लगा कि कैप्टन सरकार पंजाब में कोई उपलब्धि हासिल करेगी। पर पंजाब में कैप्टन सरकार ने पंजाबियों से किये वायदे नहीं निभाये। नशे के मामले में कांग्रेस व आप पार्टी ने बहुत राजनीति खेल खेला। गुटका साहिब तक की कस्में खाई। चार हफ्ते में पंजाब को नशा मुक्त करेंगे। पर नशे को लेकर किये वायदे खोखले साबित हुये।

कांग्रेस की सरकार में करीब 12से 14 वर्षीय नाबालिग बच्चे नशे की दलदल में धंसे देखे जा सकते है। नशे की पूर्ति के लिये छीना झपटी की वारदातें बढ़ चुकी है। लोग घरों के अंदर तक सुरक्षित नहीं हैं। पुलिस का नशा करने वालों पर जोर चलता है। पर नशे के बड़े मगरमच्छ सुरक्षित घूम रहे हैं। पुलिस नशा करने वाले को काबू कर थाने में रात रखने से गुरेज करती है। क्योंकि नशे की पूर्ति न होने से नशा करने वाले की मृत्यु हो सकती है। इसी कारण पुलिस नशा करने वालों से सख्ती कर पूछताछ नहीं करती। इन्हीं कारणों से बड़े मगरमच्छ तक पहुंच बनानी मुश्किल है।

या पुलिस पहुंचना ही नहीं चाहती। नशे की गत कारण घटनाओं पर अंकुश नहीं लग रहा। जिस कारण पंजाब के अंदर अमन कानून की व्यवस्था चरमराई हुई है। पंजाब के नोजवानों का रुझान गैंगस्टर बन दहशत डालना व जल्दी अमीर बनने की चाहत को लेकर इन कामों में सुनने को मिल रहा है। धीरे-धीरे मौत की और बढ़ने का माहौल भयानक स्थिति में पहुंच गया है। सरकार इन मसलों को सुलझाने की बजाए आंख बंद करके बैठी है।

ढिल्लों ने कहा मुख्यमंत्री साहिब झूठ बोलकर सौगन्ध खा सत्ता हासिल की जा सकती है। पर सत्ता के गरूर से बाहर निकल आज पंजाब को बचाने की जिम्मेवारी कैप्टन सरकार की है।पर कैप्टन सरकार अपनी राजशाही नीतियां छोड़ महल से निकलने को तैयार नहीं है। अब हर पंजाब वासी समझ चुका है कि कैप्टन के मन में सिर्फ कुर्सी हासिल करने की तमन्ना है। और कुछ नहीं बस पंजाबियों की भावनाओं के साथ खेलना सरकार का काम है। इस अवसर पर रछपाल सिंह फौजी, मुख्तियार सिंह चीमा, सरबजीत सिंह लाड़ी (पार्षद) गुरमेल सिंह जज्जी (पार्षद) बलविंदर सिंह शैंकी, अश्वनी पासी, कमलजीत सिंह निक्कू ग्रेवाल, जप्पन कुमार व अन्य सम्मलित हुये।