मणिपुर में कांग्रेस को बड़ा झटका, 5 विधायकों ने इस्तीफा देकर थामा बीजेपी का दामन

New Delhi: राजस्थान में सियासी नाटक के बाद अब मणिपुर में कांग्रेस (Manipur Congress) के लिए सियासी संकट बढ़ता (Current Political Situation In Manipur) दिख रहा है। कांग्रेस के पांच पूर्व विधायकों (Congress MLA Join BJP in Manipur) ने बुधवार को भाजपा का दामन थाम लिया है। हाल ही में इन्होंने कांग्रेस से इस्तीफा दे दिया था।

भाजपा में शामिल होने वालों में कांग्रेस विधायक (Congress MLA Join BJP in Manipur) दल के नेता ओकराम इबोबी सिंह (Okram Ibobi) के भतीजे ओकराम हेनरी सिंह (Okram Henry) भी शामिल हैं।

बुधवार को मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह (Biren Singh), भाजपा महासचिव राम माधव, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष बैजयंत पांडा की उपस्थिति में इन्होंने भाजपा की सदस्यता ग्रहण (Congress MLA Join BJP in Manipur) की।

बता दें कि मणिपुर विधानसभा (Manipur Vidhan sabha) में पिछले दिनों पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए विश्वास मत के दौरान अनुपस्थित रहकर अप्रत्यक्ष रूप से भाजपा नीत एन बीरेन सिंह सरकार की जीत आसान करने वालों में कांग्रेस के आठ विधायक शामिल थे। इनमें से 5 विधायकों ने बीजेपी की सदस्यता ले ली है।

माधव ने कांग्रेस पर सरकार गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया

इस अवसर पर माधव ने कांग्रेस पर बीरेन सिंह (Biren Singh) सरकार को गिराने की साजिश रचने का आरोप लगाया और दावा किया कि अब उनकी सरकार स्थिर है।

उन्होंने कहा, ‘कांग्रेस ने मणिपुर में बीरेन सिंह की सरकार गिराने के तमाम प्रयास किए। यहां तक कि हमारे विधायकों को प्रलोभन तक दिया गया और षडयंत्र रचा गया। दरअसल, कांग्रेस जो आरोप राजस्थान और मध्य प्रदेश के राजनीतिक घटनाक्रमों को लेकर हमारे ऊपर लगा रही थी, वही काम वह मणिपुर में कर रही थी।’

उन्होंने कहा कि कांग्रेस के तमाम प्रयास विफल हुए। बीरेन सिंह सरकार विधानसभा में खुद विश्वास मत लेकर आई और जीत हासिल की।

अब सरकार के स्थायी रूप से चलने का दावा

उन्होंने कहा, ‘ये सरकार स्थायी रूप से चलेगी। डेढ़ साल का बचा कार्यकाल तो पूरा करेगी ही साढ़े छह साल हमारी सरकार चलेगी। हम अगला चुनाव जीतेंगे और फिर से सरकार में आएंगे।’ माधव ने दावा किया कि कांग्रेस के षडयंत्रों से राज्य के कांग्रेस विधायकों में असंतोष था। इसी का परिणाम है कि उसके विधायक भाजपा में आ रहे हैं।

जानें क्या है पूरा मामला

बता दें कि मुख्यमंत्री बीरेन सिंह (Biren Singh) ने मंगलवार को सिंह पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए विधानसभा के एक दिवसीय सत्र से दूर रहने वाले छह विधायकों के साथ पार्टी अध्यक्ष जे पी नड्डा से मुलाकात की थी। इन विधायकों ने कांग्रेस के साथ-साथ विधानसभा की सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया है।

भाजपा-नीत सरकार ने राज्य विधानसभा में 16 के मुकाबले 28 वोट से विश्वास मत जीता था। कांग्रेस के आठ विधायकों ने पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए सदन की कार्यवाही में भाग नहीं लिया था। बीरेन सिंह की जीत लगभग तय मानी जा रही थी लेकिन कांग्रेस के आठ विधायकों के अनुपस्थित रहने से उनका रास्ता और आसान हो गया। मणिपुर में 60 सदस्यीय विधानसभा है।

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