कोहली-सचिन का बल्ला ठीक करने वाले अशरफ पाई-पाई को मोहताज.. मांगी मदद, सोनू सूद और तेंदुलकर आए आगे

New Delhi: कुछ दिन पहले खबर आई थी कि भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली (Virat Kohli) और दिग्गज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के बल्ले के कारीगर अशरफ चौधरी उर्फ़ अशरफ चाचा(Ashraf Chaudhary) पिछले कुछ हफ्तों से किडनी की समस्या के चलते मुंबई के एक अस्पताल में भर्ती हैं और एक-एक पैसे के लिए जूझ रहे हैं।

ऐसे में उन्होंने (Ashraf Chaudhary) मदद की गुहार लगाई, और मदद के दो हाथ आगे आए। एक मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) (Sachin Tendulkar) और दूसरे बॉलीवुड स्टार सोनू सूद (Sonu Sood)।

अशरफ चौधरी (Ashraf Chaudhary) ने एक बार पूर्व दिग्गज बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर (Sachin Tendulkar) के क्षतिग्रस्त बल्ले को ठीक किया था और वह अब लंबे समय से अस्पताल में भर्ती हैं, जिनकी मदद के लिए खुद मास्टर ब्लास्टर आगे आए हैं।

दरअसल, बल्ला बनाने वाले अशरफ चौधरी (Ashraf Chaudhary) पिछले 12 दिनों से सावला अस्पताल में भर्ती हैं। वह ‘अशरफ चाचा’ के नाम से जाने जाते हैं। अशरफ के करीबी मित्र प्रशांत जेठमलानी ने मंगलवार को पीटीआई से कहा, ‘तेंदुलकर आगे आए और उन्होंने अशरफ चाचा से बात की। उन्होंने उनकी आर्थिक मदद भी की है।’

अशरफ (Ashraf Chaudhary) ने तेंदुलकर, विराट कोहली सहित कई नामी क्रिकेटरों के बल्ले ठीक किए हैं, लेकिन कोविड ​​-19 महामारी के कारण उनकी मुश्किलें बढ़ गईं, उनके स्वास्थ्य और व्यवसाय दोनों में गिरावट आई है।

अशरफ चौधरी अंतरराष्ट्रीय और IPL मैचों के दौरान वानखेड़े स्टेडियम के अंदर लगभग हमेशा मौजूद रहते हैं। यहां तक कि ऑस्ट्रेलियाई स्टीव स्मिथ, वेस्टइंडीज के क्रिस गेल और कीरोन पोलार्ड जैसे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों ने अशरफ चाचा के बनाए बल्ले से छक्के लगाए हैं।

दक्षिण मुंबई में एम अशरफ ब्रो के नाम से उनकी एक दुकान भी है। क्रिकेट और इसके खिलाड़ियों से लगाव के कारण कई बार वह क्षतिग्रस्त बल्ले को मुफ्त में भी ठीक कर देते हैं।

वहीं, शनिवार को नवीन नाम के शख्स ने अशरफ की खबर को शेयर करते हुए लिखा कि सोनू सूद (Sonu Sood) अगर आप कुछ कर पाएं तो देखिएगा। इस पर देर न करते हुए सोनू सूद ने जवाब देते हुए ट्वीट किया, “पता ढूंढो इस भाई का।”

गौरतलब है कि बॉलीवुड एक्टर और प्रोड्यूसर सोनू सूद लॉकडाउन के समय से ही लोगों की मदद कर रहे हैं। पहले उन्होंने लाखों प्रवासियों को उनके घर पहुंचाया था। अब भी वे लोगों की मदद कर रहे हैं। किसी को विदेश से भारत लाने में मदद कर रहे हैं तो किसी के इलाज के लिए मदद कर रहे हैं। यहां तक कि किसी को रोजगार तो किसी को घर बनाने में मदद कर रहे हैं।

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