Happy Birthday MS Dhoni: 39 के हुए एमएस धोनी, ‘0’ से शुरू हुआ सफर.. आज हैं शिखर पर

New Delhi: महेंद्र सिंह धोनी (MS Dhoni) का आज 39वां जन्मदिन है। रांची की गलियों से भारतीय क्रिकेट के सबसे सफल कप्तान तक धोनी ने एक लंबा सफर तय किया है। अब वह टीम में युवा खिलाड़ियों के मेंटॉर की भूमिका में अधिक नजर आ रहे हैं।

धोनी (MS Dhoni) ने बचपन में काफी संघर्ष किया। उनका परिवार एक कमरे के मकान में रहता था। शायद बचपन के संघर्ष से ही उनके अंदर जीत का जज्बा और धैर्य मिला। खास मौके पर देखें उनके लम्हे…

​दिसंबर 2004 में इंटरनैशनल डेब्यू, 0 से शुरू हुआ सफर

धोनी (MS Dhoni) ने सौरभ गांगुली की कप्तानी में अपने इंटरनैशनल करियर की शुरुआत की। उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ चिट्टगांव में पहली बार टीम इंडिया की नीली जर्सी पहनी। लेकिन माही इस वनडे मैच में 0 रन बनाकर रन आउट हुए।

​पाकिस्तान के खिलाफ 148 रन

पाकिस्तान की टीम भारत दौरे पर थी। यहां सीरीज के दूसरे वनडे मैच में ही तब के कप्तान गांगुली ने उन्हें तीसरे नंबर पर बैटिंग के लिए भेजा। इससे पहले लंबे-लंबे छक्के जड़ने में धोनी का खूब नाम था लेकिन इंटरनैशनल क्रिकेट में अभी तक वह ज्यादा प्रभाव नहीं छोड़ पाए थे। लेकिन यहां मिले मौके को उन्होंने हाथों-हाथ लिया और 123 बॉल में 148 रन ठोककर भारतीय टीम का स्कोर 300 के पार पहुंचा दिया। इस पारी से धोनी ने टीम इंडिया में अपनी जगह पक्की कर ली। यह उनके वनडे करियर का 5वां मैच था।

​श्रीलंका के खिलाफ नाबाद 183 रन

साल 2005 में श्रीलंका के खिलाफ जयपुर में खेले एक मैच में भारत 299 रन के टारगेट का पीछा कर रहा था। एक बार फिर धोनी को नंबर 3 पर मौका मिला और उन्होंने यहां 50 ओवर विकेटकीपिंग करने के बाद मैच के अंत तक बैटिंग की और 183 रन ठोक डाले। धोनी का यह स्कोर आज भी उनका वनडे क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर है।

​2007 में भारत टी20 वर्ल्ड चैंपियन

पहली बार टी20 वर्ल्ड कप खेला जा रहा था और महेंद्र सिंह धोनी ने कप्तानी कौशल से यहां इतिहास रच दिया। भारत न सिर्फ इस पहले वर्ल्ड टी20 के फाइनल में पहुंचा बल्कि उसने अपने चिर-प्रतिद्वंदी पाकिस्तान को हराकर इस खिताब पर कब्जा भी जमाया।

​2011 में भारत दूसरी बार वर्ल्ड चैंपियन

यह वर्ल्ड कप भारत समेत बांग्लादेश और श्रीलंका में ही आयोजित हो रहा था। भारत ने यहां फाइनल में श्रीलंका को हराकर दूसरी बार यह खिताब अपने नाम किया। कपिल देव के बाद धोनी दूसरे भारतीय कप्तान हैं, जिन्होंने विश्व चैंपियन का खिताब अपने नाम किया।

​2011 खिताबी मुकाबले में नाबाद 91 रन

इस खिताबी मुकाबले में भारत 275 रन के लक्ष्य का पीछा कर रहा था। सचिन और सहवाग (31 रन पर) जल्दी पविलियन लौट गए। इसके बाद विराट आउट हुए तो धोनी यहां 5वें नंबर पर बैटिंग पर उतरे। धोनी ने इस मैच में गंभीर के साथ मैच विनिंग साझेदारी निभाई और टीम इंडिया को विनिंग सिक्स जड़कर खिताब दिलाया।

​टेस्ट में दोहरा शतक

साल 2013 में भारत अपनी घरेलू सीरीज में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खेल रहा था। यहां चेन्नै टेस्ट में धोनी ने अपने टेस्ट करियर का एकमात्र दोहरा शतक जड़ा। धोनी ने यहां 224 रन बनाए और भारत ने यहां 8 विकेट से जीत दर्ज की।

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