बर्थडे स्पेशल: 5 मौके जब धोनी बने वर्ल्ड के बेस्ट मैच फिनिशर और जीत लिया फैंस का दिल

New Delhi: टीम इंडिया के पूर्व कप्तान महेंद्र सिंह धोनी (Mahendra Singh Dhoni Birthday) 7 जुलाई को अपना 39वां जन्मदिन मना रहे हैं। ‘कैप्टन कूल’ के नाम से मशहूर धोनी (MS Dhoni) 7 जुलाई 1981 में रांची में जन्मे थे।
माही (MS Dhoni) को दुनिया के बेस्ट फिनिशर के तौर पर भी जाना जाता है, क्योंकि उन्होंने कई मौकों पर भारत के लिए मैच जिताऊ पारी खेली हैं। आज उनके जन्मदिन के मौके पर हम आपको उनकी उन्हीं पारियों के बारे में बता रहे है…
कॉमनवेल्थ बैंक सीरीज
टीम इंडिया को एडिलेड में खेले गए मुकाबले में हर हाल में जीत चाहिए थी। जीत के साथ ही टीम इंडिया का ट्राई सीरीज के फाइनल में क्वालिफाई करना तय था। ऑस्ट्रेलिया ने टीम इंडिया को 270 रन का लक्ष्य दिया। जवाब में भारतीय टीम को गौतम गंभीर ने शानदार शुरुआत दिलाई और 92 रन की पारी खेली। फिर एमएस धोनी ने मोर्चा संभाला और 58 गेंदों में 44 रन की पारी खेली। अपनी पारी के दौरान धोनी ने केवल 1 छक्का ही जमाया। धोनी ने आखिरी ओवर में छक्का जमाकर भारतीय टीम की जीत पक्की की।
आईपीएल 2010
महेंद्र सिंह धोनी ने बाहुबली अवतार दिखाया और एक यादगार पारी खेली। उन्होंने साबित किया कि वह वर्ल्ड के बेस्ट फिनिशर्स क्यों कहलाते हैं। धोनी ने बेहतरीन पारी खेली और अंतिम दो ओवर में 30 रन बनाए। उन्होंने चेन्नई सुपरकिंग्स को लगातार तीसरी बार सेमीफाइनल में पहुंचाया। धोनी ने मुकाबले में 54 रन की पारी खेली और अंतिम ओवर में दो गगनचुंभी छक्के भी जड़े। यह मैच धर्मशाला में खेला गया था।
आईपीएल 2016
धोनी…धोनी पूरे स्टेडियम में गूंज उठा। इसकी वजह, महेंद्र सिंह धोनी ने अक्षर पटेल द्वारा किए पारी के आखिरी ओवर में 23 रन बनाए और राइजिंग पुणे सुपरजायंट को जीत दिलाई। इस सीजन में धोनी की टीम का प्रदर्शन अच्छा नहीं रहा था, लेकिन माही की लोकप्रियता पर इसको दुष्प्रभाव नहीं पड़ा। किंग्स इलेवन पंजाब के खिलाफ आरपीएस को अंतिम ओवर में 23 रन की दरकार थी। धोनी ने बेहतरीन पारी खेली और टीम को जीत दिलाई। इस दौरान उनका लोकप्रिय हेलिकॉप्टर शॉट भी देखने को मिला।
पोर्ट ऑफ स्पेन
ट्राई सीरीज के फाइनल में धोनी ने ही टीम को चैंपियन बनाया। श्रीलंका की टीम जरूर 201 रन बना सकी, लेकिन उसके गेंदबाजों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए भारतीय बल्लेबाजों पर भी लगाम कसी व मुकाबला बेहद रोमांचक बना दिया। टीम इंडिया के 9 विकेट गिर चुके थे और उसे अंतिम ओवर में 15 रन की दरकार थी। धोनी क्रीज पर मौजूद थे। उन्होंने शमिंडा इरंगा के ओवर की पहली गेंद पर छक्का जमाकर अपने इरादे जाहिर कर दिए। इसके बाद धोनी ने अपना मैच फिनिशर वाला रूप अख्तियार किया और टीम की जीत पर मुहर लगाई। अंतिम ओवर में धोनी ने दो छक्के और एक चौका जमाया।
विश्व कप 2011
यह मैच भला कोई कैसे भूल सकता है। टीम इंडिया ने 28 साल का सूखा खत्म करते हुए वर्ल्डकप का खिताब जीता था। वह पहला ऐसा देश बना, जिसने टूर्नामेंट की मेजबानी की और फिर खिताब भी जीता। धोनी ने इस मुकाबले में नाबाद 91 रन की पारी खेली। उन्होंने नुवान कुलसेकरा की गेंद पर लांग ऑन के ऊपर से छक्का जमाया और देशवासियों का दिल जीत लिया। धोनी के ये प्रदर्शन बताते हैं कि आखिर वह क्यों दुनिया के सर्वश्रेष्ठ मैच फिनिशर कहलाते हैं।
बतौर फिनिशर कोहली से बेहतर धोनी का स्ट्राइक रेट
रन का पीछा करते हुए स्ट्राइक रेट के मामले में महेंद्र सिंह धोनी सबसे आगे हैं। धोनी का स्ट्राइक रेट 99.85 है जो किसी भी बल्लेबाज के लिए सपना हो सकता है। 99.04 की स्ट्राइक रेट के साथ विराट दूसरे नंबर पर हैं। दुनिया के बेहतरीन फिनिशर में शुमार पूर्व ऑस्ट्रेलियाई दिग्गज माइकल बेवन का स्ट्राइक रेट 86.25 का है। वहीं पूर्व दक्षिण अफ्रीकी कप्तान एबी डिविलिर्स ने लक्ष्य का पीछा करते हुए 82.77 की स्ट्राइक रेट से रन बनाए हैं।

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