मेरिल ने क्रिकेट आइकन धोनी को कोविड-19 सेल्फ-टेस्ट कोविफाइंड का चेहरा बनाने की घोषणा की

Merrill announces ms dhoni to be face of COVID-19 self-test covid

नई दिल्ली, 16 अगस्त (वेबवार्ता)। ग्लोबल मेडटेक कंपनी मेरिल ने मशहूर क्रिकेट खिलाड़ी एम.एस. धोनी को कोविड-19 सेल्फ-टेस्ट किट कोविफाइंड का चेहरा बनाने की सोमवार को घोषणा की। स्वतंत्रता दिवस पर कोविफाइंड कैंपेन की शुरुआत करते हुए, मेरिल ने दो डिजिटल फिल्म और एक टीवी विज्ञापन रिलीज किए हैं जिसमें एमएस धोनी नजर आयेंगे। इस कैंपेन का उद्देश्य उपभोक्ताओं को टेस्टिंग के लिए प्रोत्साहित और शिक्षित करना, सेल्फ-टेस्ट को लेकर जागरूकता बढ़ाना और घर पर टेस्ट कराने की आसानी और सुविधा को उभारना है।

मेरिल के कॉरपोरेट स्‍ट्रैटेजी विभाग के सीनियर वाइस प्रेसिडेंट संजीव भट्ट ने कहा, “तेज, सटीक और किफायती डायग्‍नोस्टिक सोल्यूशन वायरस के संक्रमण की चेन को तोड़ने के लिए जरूरी है। भारत में सेल्फ-टेस्टिंग को बढ़ावा देने के लिए हम एमएस धोनी को अपने बोर्ड में शामिल कर बहुत खुश हैं। वे इसके लिए बिल्‍कुल फिट हैं और हाई क्‍वालिटी एवं वैल्‍यू प्रदान करने के हमारी मुख्‍य फिलॉसफी और सक्रिय होकर स्‍वस्‍थ व्‍यवहारों की वकालत करने से बिल्‍कुल मेल खाते हैं।

संजीव भट्ट ने कहा, स्वास्थ्य और लचीलेपन का मजबूत प्रतीक होने के नाते, धोनी एक विश्वसनीय और भरोसेमंद लीडर है। हमें भरोसा है कि वह फील्ड के बाहर रहते हुए भी कई पीढ़ियों तक पहुंच बनाएंगे और उन्हें समाज में सभी के लिए सुरक्षित माहौल बनाने के उद्देश्य से अपने और अपने परिवार की सेहत की बेहतर तरीके से देखभाल करने का गहराई तक असर डालने वाला संदेश देंगे।” “पिरामल के साथ हमारा सहयोग यह सुनिश्चित करेगा कि कोविफाइंड टेस्ट किट्स का पूरे भारत में बड़े पैमाने पर वितरण हो और इस तरह भारत के गांवों, शहरों और कस्बों में टेस्टिंग सोल्यूशंस तक आदमी की पहुंच का दायरा बढ़ाया जाए।”

इस साझेदारी के बारे में एमएस धोनी ने कहा, “आजकल के मुश्किल दौर में, जब दुनिया भर के लोग कोरोना संकट से जूझ रहे हैं, मेरिल सेल्फ-टेस्ट किट एक महत्वपूर्ण जरूरत है। मुझे ऐसे ब्रैंड से जुड़कर बेहद खुशी हो रही है, जिसने लोगों के लिए टेस्ट का सुविधाजनक तरीका लॉन्च किया है और बदले में यह भी सुनिश्चित किया है कि कोरोना महामारी के प्रसार को रोकने में हमने अपनी भूमिका निभाई है। मुझे उम्मीद है कि एक साथ मिलकर हम जागरूकता पैदा कर सकते हैं और इस लड़ाई को जीतने के करीब पहुंच सकते हैं।”

यह एड कैंपेन कोरोना से जुड़े डर को कम करने और भारत में टेस्टिंग की प्रक्रिया को आसान बनाने और उससे जुड़ी परेशानियों को कम करने के आइडिया के साथ बनाई गई, जैसा कि इस कैंपेन की टैगलाइन ‘डाउट को करो आउट’ से पता चलता है। घर में रहते हुए कोई व्यक्ति कोविड के कोई लक्षण महसूस करता है तो उसका टेस्ट करने के लिए कोविफाइंड एक आसान और सुरक्षित तरीका है। घर पर टेस्ट करने से इंफेक्शन के डर से केवल 15 मिनट में ही आजादी मिल जाती है।

देश की आजादी के 75वें साल का जश्न मनाने की पृष्ठभूमि में, कोविफाइंड भारतीयों को सुरक्षित टेस्टिंग सोल्यूशन से लैस करता है। यह उन्‍हें सुरक्षित एवं जिम्‍मेदारीपूर्ण ढंग से वापस काम पर लौटने एवं रोजमर्रा की गतिविधियों को करने में सक्षम बनाता है। कोरोना की तीसरी लहर जल्दी  की आने की आशंका को देखते हुए, कोविफाइंड जैसे सेल्फ-टेस्ट इससे मुकाबले की तैयारी का एक प्रमुख हथियार है।

भारत में कोरोना की टेस्टिंग के लिए लोगों को जागरूक करने और जनसमूह को कोरोना को फैलने से रोकने में सक्रिय मदद के लिए प्रेरित करने के साथ ही, मेरिल देश के लोगों को लाभ पहुंचाने के लिए कोविफाइंड टेस्टिंग किट्स का दायरा बढ़ा रहा है। मेरिल ने फार्मेसी में कोविफाइंड के वितरण के लिए पिरामल फार्मा से साझेदारी की है। पिरामल के बेहतरीन ढंग से फैले डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क का लाभ उठाते हुए दोनों कंपनियां भारत के दूरदराज के इलाकों में किफायती जांच की सुविधा उपलब्ध कराएंगी। मेरिल का लक्ष्य देश भर में ऑनलाइन और ऑफलाइन वितरण चैनलों में उपलब्‍ध कराने के लिए 3 से 5 मिलियन सेल्फ-टेस्ट किट बनाना है।

पिरामल फार्मा लिमिटेड में इंडिया कंज्‍यूमर प्रॉडक्ट डिविजन के सीईओ नीतीश बजाज ने कहा, अभी दुनिया भर से महामारी का खतरा पूरी तरह से टला नहीं है। कोरोना की पहचान करने और महामारी को फैलने से रोकने की दिशा में तेज और सटीक टेस्टिंग तक तेजी से पहुंच बनाने और इसकी जल्द रिपोर्ट देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। मेरिल से हमारी साझेदारी के तहत हम पिरामल के बेहतरीन ढंग से स्थापित नेशनल डिस्ट्रिब्यूशन नेटवर्क के माध्यम से कोविफाइंड सेल्फ टेस्ट किट्स की उपलब्धता में बढ़ोतरी करेंगे। हम दूरदराज के इलाके में बैठे फार्मासिस्ट को भी कोविडफाइंड के बारे में प्रशिक्षण देंगे और उसके बारे में उन्हें शिक्षित करेंगे, ताकि वह उपभोक्ताओं को इसके बारे में अच्छी तरह समझा सकें। हमें परा विश्वास है कि हमारे इस कदम से देश के लोगों में कोरोना टेस्ट कराने के लिए सकारात्मक रुख को बढ़ावा मिलेगा। इससे देश की सुरक्षा में भी मदद मिलेगी।