एडिलेड टेस्ट में टीम इंडिया की शर्मनाक हार, बल्लेबाजों ने डुबाई इज्ज़त, सीरीज़ में 1-0 से पीछे भारत

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एडिलेड, वेबवार्ता: ऑस्ट्रेलियाई सरज़मीं पर अपनी बेहतरीन गेंदबाज़ी से भारतीय टीम ने जो विजयी उम्मीद जगाई थी उसे बल्लेबाजों ने तहस-नहस कर दिया।

एडिलेड ओवल (Adelaide Oval) मैदान पर खेले गए पहले टेस्ट मैच के तीसरे दिन ही मेज़बान ऑस्ट्रेलिया (Host Australia) ने भारत को आठ विकेट से हरा चार मैचों की सीरीज़ में 1-0 की बढ़त ले ली है। गुलाबी गेंद से खेला गया यह डे-नाइट टेस्ट मैच (Pink Ball Day-Night Test Match) भारत के लिए बुरे सपने (Nightmare) से कम नहीं रहा। पहली पारी में कप्तान विराट कोहली (Team India Captain Virat Kohli) के 74 रनों की बदौलत किसी तरह मेहमान टीम ने 244 रन बनाए। फिर रविचंद्रन अश्विन, जसप्रीत बुमराह, उमेश यादव की गेंदबाज़ी ने आस्ट्रेलिया को पहली पारी में 191 रनों पर ही समेट दूसरी पारी में 53 रनों की बढ़त बना ली।

दूसरे दिन का अंत जब भारत ने नौ रनों पर एक विकेट के साथ किया तो वह मैच में ड्राइविंग सीट पर लग रही थी, लेकिन तीसरे दिन जोश हेज़लवुड (Josh Hazlewood) और पैट कमिंस (Pat Cummins) ने कहानी ही पलट दी।

पृथ्वी शॉ दूसरे दिन ही चार रन बनाकर लौट गए थे। तीसरे दिन हेज़लवुड और कमिंस ने भारत को वो रिकार्ड बनाने को मजबूर कर दिया जो वह कभी नहीं चाहती थी। दूसरी पारी में भारत 36 रन ही बना पाई जो टेस्ट की एक पारी में उसका न्यूनतम स्कोर है। मोहम्मद शमी (Mohd Shami) को कमिंस की गेंद लगी और वह रिटायर्ड हर्ट (Retired Hurt) हो गए। इसी के साथ 36 रनों पर भारत की पारी समाप्त हो गई।

जीत के लिए ऑस्ट्रेलिया को 90 रन चाहिए थे जो उसने 21 ओवरों में दो विकेट खोकर बना लिए। यह टेस्ट की एक पारी में भारत का सबसे कम स्कोर है। इससे पहले उसने 20 जून 1974 में लॉर्डस (Lords Cricket Ground) पर इंग्लैंड के खिलाफ 42 रन बनाए थे। हेज़लवुड ने पांच विकेट लेकर अहम योगदान दिया। कमिंस ने चार विकेट लिए।

15 के कुल स्कोर पर नाइटवॉचमैन जसप्रीत बुमराह (2) (Jasprit Bumrah) को कमिंस ने अपनी ही गेंद पर कैच किया। इसके बाद कमिंस (Cummins) की सटीक लाइन लैंग्थ ने भारत की नई दीवार कहे जाने वाले चेतेश्वर पुजारा (0) को भी पवेलियन भेज दिया। अगले ओवर में हेज़लवुड ने मयंक अग्रवाल (9) (Mayank Agarwal) को टिम पेन (Tim Paine) के हाथों कैच कराया। मयंक टीम के सर्वोच्च स्कोरर रहे।

उप-कप्तान अजिंक्य रहाणे (Vice Captain Ajinkya Rahane) खाता भी नहीं खोल पाए। रहाणे को हेज़लवुड ने पेन के हाथों ही कैच कराया। यह चारों विकेट 15 के कुल स्कोर पर ही गिरे। कप्तान विराट कोहली चार रन बनाकर कमिंस की गेंद पर कैमरून ग्रीन (Cameron Green) द्वारा लपके गए।

ऋद्धिमान साहा (4) और रविचंद्रन अश्विन (0) को हेज़लवुड ने आउट किया। टीम के दूसरे सर्वोच्च स्कोरर हनुमा विहारी (8) को भी हेज़लवुड ने आउट कर अपने पांच विकेट पूरे किए। शमी एक रन पर रिटायर्ड हर्ट हो गए। उमेश यादव चार रन बनाकर नाबाद रहे।

दूसरी पारी में भारत का कोई भी बल्लेबाज़ दहाई के आंकड़े (Double Digit Score) में नहीं पहुंच सका। टेस्ट में यह 96 साल बाद हुआ है कि एक पारी में टीम का कोई भी बल्लेबाज़ दहाई के आंकड़े को नहीं छू सका। इससे पहले 14 जून 1924 में इंग्लैंड के खिलाफ दक्षिण अफ्रीका (South Africa) का कोई भी बल्लेबाज़ पहली पारी में दहाई के आंकड़े तक नहीं पहुंचा था।

90 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी आस्ट्रेलिया (Australia) ने पहला विकेट 70 के कुल स्कोर पर वेड के रूप में खोया जो दुर्भाग्यपूर्ण तरीके से रन आउट हुए। वेड ने 53 गेंदों पर 33 रन बनाए। दूसरा विकेट मार्नस लाबुशैन (Marnus Labuschagne) का गिरा। छह रन बनाने वाले लाबुशैन को अश्विन ने मयंक के हाथों कैच कराया। बर्न्‍स (Joe Burns) ने 63 गेंदों पर नाबाद 51 रनों की पारी खेल टीम को जीत दिलाई। उनके साथ स्टीव स्मिथ (Steve Smith) भी एक रन बनाकर नाबाद लौटे।

इस तरह ऑस्ट्रेलिया ने डे-नाइट टेस्ट (Day-Night Test Match) में अपनी बादशाहत बरकरार रखी है। उसने आठ मैच खेले हैं और सभी में जीत हासिल की है। भारत के साथ यह उसका पहला मैच था। साथ ही एडिलेड (Adelaide) में यह उसका पांचवां मैच था और ऑस्ट्रेलिया ने इस मैदान पर भी अपना रिकार्ड कायम रखा है।