Dream11 होगा IPL 2020 का स्पॉन्सर, BCCI ने ठुकराई 2021 और 2022 की बोली

New Delhi: ड्रीम11 (Dream11) इस साल 19 सितंबर से शुरू होने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (IPL 2020) का टाइटल प्रायोजक (IPL Title Sponsor) होगी लेकिन BCCI ने उसकी सशर्त तीन साल की बोली नामंजूर कर दी है। उसने वर्ष 2021 और 2022 के लिए कम बोली लगाई थी।

ड्रीम11 (Dream11) ने शिक्षा तकनीक से जुड़ी कंपनियां बाइजू और अनएकडेमी को पीछे छोड़कर कुल 222 करोड़ रुपये में चार महीने 13 दिन के लिए प्रायोजन (IPL 2020 Title Sponsor) अधिकार हासिल किए। वह चीनी मोबाइल फोन कंपनी वीवो (Vivo) का स्थान लेगी। ड्रीम11 ने वीवो के प्रत्येक साल 440 करोड़ रुपये के करार पर वापसी नहीं करने की स्थिति में 2021 और 2022 में प्रत्येक साल 240 करोड़ रुपये का भुगतान करना करने की पेशकश की है।

ड्रीम11 की बोली है सबसे अधिक

वीवो को सीमा पर भारत-चीन तनाव के कारण प्रायोजन से हटना पड़ा था। सूत्रों ने कहा है कि BCCI और ड्रीम इलेवन (Dream11) तीन साल के सशर्त करार पर बातचीत की और बोर्ड ने कंपनी से अगले दो सत्र के लिए राशि में बढ़ोतरी करने के लिए कहा।

BCCI के एक शीर्ष अधिकारी ने गोपनीयता की शर्त पर कहा, ‘ड्रीम11 की बोली सबसे अधिक है लेकिन BCCI उसे 240 करोड़ रुपये में क्यों अधिकार सौंपे जबकि हम अगले दो वर्षों में कोविड-19 की स्थिति में सुधार की उम्मीद कर सकते हैं।’

वीवो के साथ करार नहीं हुआ है खत्म

उन्होंने कहा, ‘वीवो के साथ हमारा करार अब भी कायम है। हमने इसे खत्म नहीं किया है, यह बस रुका है। अगर हमें 440 करोड़ रुपये मिल रहे हैं तो हम 240 करोड़ रुपये क्यों लें।’

ड्रीम11 का खेलों के साथ जुड़ाव पिछले कुछ वर्षों में बढ़ा है तथा अभी वह कुल 19 लीग से जुड़ा है जबकि इंडियन प्रीमियर लीग की छह फ्रैंचाइजी के साथ भी उसका करार है।

आईपीएल चेयरमैन पटेल ने BCCI की ओर से जारी बयान में कहा, ‘हम ड्रीम11 का आईपीएल 2020 के टाइटल प्रायोजक के रूप में स्वागत करते हैं। ड्रीम11 का आधिकारिक भागीदार से टाइटल प्रायोजक बनना ब्रांड आईपीएल के लिए शानदार है।’

..तो 2021 और 2022 के लिए फिर लगेगी बोली

उन्होंने कहा, ‘एक डिजिटल ब्रैंड के तौर पर इससे उन्हें घर में बैठकर मैच देख रहे प्रशंसकों से ऑनलाइन जुड़ने का शानदार मौका मिलेगा।’ ड्रीम स्पोर्ट्स के सीईओ और सह संस्थापक हर्ष जैन ने कहा, ‘भारतीयों द्वारा विशेष रूप से भरतीय खेल प्रेमियों के लिए भारत में बनाए गए भारतीय ब्रांड के तौर पर हम आईपीएल टाइटल प्रायोजक बनने का मौका देने के लिए बीसीसीआई का आभार व्यक्त करते हैं। ’

अगर वीवो वापसी नहीं करता तो पूरी संभावना है कि बीसीसीआई 2021 और 2022 के लिए नए सिरे से बोली लगवाएगा क्योंकि दुनिया का सबसे धनी बोर्ड 400 करोड़ रुपये से कम पर तैयार नहीं होगा।

भारतीय खेलों में चीनी निवेश के खिलाफ बने माहौल में, खास तौर पर खेल प्रशासन खास तौर पर बीसीसीआई पर काफी दबाव था। बीसीसीआई ने साफ किया है कि ड्रीम11 एक भारतीय स्टार्ट अप है जिसमें चीनी निवेश ईकाई में है जिसे नजरअंदाज किया जा सकता है और इसका हल भी आपस में निकाला जा सकता है।

टाइम्स ऑफ इंडिया के मुताबिक, टाटा एक मोटी रकम के साथ बोली लगाने वाला था लेकिन उसकी कुछ शर्तें थीं। टाटा की पहली मांग थी कि वह तीन कैटगिरी (ग्रुप के अलग तीन ब्रांड) के लिए स्लॉट ब्लॉक करना चाहता था लेकिन बीसीसीआई ने पहले से तय कर रखा है कि वह जगह सिंगल-ब्रांड ऐक्टिविटी के लिए होगी।

सूत्रों ने कहा, ‘सिर्फ एक कैटगिरी के लिए ही स्लॉट बुक किया जा सकता है और यही टाटा के पक्ष में नहीं गया।’

ड्रीम इलेवन जो रकम बीसीसीआई को दे रहा है वह वीवो से आधी है। सूत्र ने कहा, ‘बाजार की मौजूदा स्थिति को देखते हुए यह पैसा ठीक है। बोर्ड दो और ऑफिशल पार्टनर- अनअकैडमी और क्रेड- को भी साथ जोड़ेगा इसका अर्थ है कि उसे और 80 करोड़ मिलेंगे।’ बीसीसीआई को इस हिसाब से 300 करोड़ से ज्यादा की रकम मिलेगी।

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