Notice to Indian Cricketers

कई भारतीय क्रिकेटरों को नाडा का नोटिस, देरी के लिए BCCI ने ‘पासवर्ड गड़बड़ी’ का हवाला दिया

New Delhi: दिग्गज चेतेश्वर पुजारा, रविंद्र जडेजा और लोकेश राहुल सहित पांच केंद्रीय अनुंधित भारतीय क्रिकेटरों को रहने के स्थान की जानकारी देने में असफल होने के कारण राष्ट्रीय डोपिंग रोधी एजेंसी (नाडा) ने नोटिस (Notice to Indian Cricketers) जारी किया है। इस मामले पर बीसीसीआई ने देरी के लिए ‘पासवर्ड गड़बड़ी’ का हवाला दिया।

जिन खिलाड़ियों को नोटिस (Notice to Indian Cricketers) मिला है, उसमें महिला स्टार खिलाड़ी स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा भी शामिल हैं। दोनों महिला क्रिकेटर राष्ट्रीय पंजीकृत परीक्षण पूल (एनआरटीपी) में शामिल 110 में से पांच क्रिकेटर हैं।

नाडा के महानिदेशक नवीन अग्रवाल ने पुष्टि करते हुए कहा कि बीसीसीआई ने अपने पांच एनआरटीपी खिलाड़ियों के स्थान की जानकारी देने में असफल रहने के लिए आधिकारिक स्पष्टीकरण भेजा है।

अग्रवाल ने कहा, ‘एडीएएमएस (डोपिंग रोधी प्रशासनिक एवं प्रबंधन प्रणाली) सॉफ्टवेयर में ‘व्हेयरअबाउट्स फॉर्म’ भरने के दो तरीके हैं। या तो खिलाड़ी खुद ही इसे भरे या फिर संघ उसकी तरफ से यह फॉर्म भरे।’

उन्होंने कहा, ‘कुछ खेलों में ऐथलीट इतने शिक्षित नहीं होते या फिर उनके पास इंटरनेट की सुविधा नहीं होती तो वे खुद एडीएएमस के इस ‘व्हेयरअबाउट्स’ को ढूंढ नहीं पाते या फिर फॉर्म भरकर इसे अपलोड नहीं कर पाते। उन्हें संबंधित महासंघ की मदद लेनी पड़ती है। इसलिए महासंघ उनके रहने की जगह की जानकारी के फॉर्म को अपलोड करने की जिम्मेदारी लेते हैं।’

अग्रवाल ने कहा कि क्रिकेटरों को भी कभी कभार इस प्रक्रिया को खुद करने में मुश्किल आती है। अग्रवाल ने कहा, ‘क्रिकेट में भी इसी तरह है, हालांकि ये लोग काफी शिक्षित होते हैं और वे ऐसा कर सकते हैं, शायद उनक पास समय नहीं हो, या फिर और कोई कारण हो तो संबंधित महासंघ, बीसीसीआई ने उनके स्थान की जानकारी अपलोड करने की जिम्मेदारी ले ली है।’

तो बीसीसीआई ने इस बार तीन महीने की जानकारी क्यों नहीं दी? इस पर उन्होंने कहा कि बोर्ड ने इसका स्पष्टीकरण दिया है जो तर्कसंगत लगता है लेकिन फैसला लिया जाएगा। उन्होंने कहा है कि एडीएएमएस में पासवर्ड के संबंध में गड़बड़ी हुई है। अब उन्होंने कहा कि यह मुद्दा निपट गया है।

उन्होंने कहा, ‘बीसीसीआई के स्पष्टीकरण पर चर्चा होगी कि इसे जानकारी देने में असफल होने के तीन में से एक के तौर पर गिना जाए या नहीं। यह दिए गए स्पष्टीकरण से देखा जाएगा कि बीसीसीआई यहां से आगे कैसे करता है।’

कोविड-19 महामारी के कारण देश में लॉकडाउन लगा था लेकिन खिलाड़ी के अपने स्थान की जानकारी देने का नियम अनिवार्य है। ऐसा तीन बार करने से दो साल का निलंबन भी लग सकता है। बीसीसीआई ने मीडिया से बातचीत के लिए अपने अधिकारियों को लगाया हुआ है लेकिन यह पता नहीं लगाया जा सका कि मामूली से पासवर्ड की गड़बड़ी को दूर करने में इतने दिन कैसे लग गए।

बीसीसीआई के क्रिकेट परिचालन की जानकारी रखने वाले एक अनुभवी अधिकारी ने कहा, ‘यह लॉकडाउन का समय था और वे घर से बाहर नहीं रह रहे थे। इनमें से कुछ तो इंस्टाग्राम चैट और पोडकास्ट पर भी थे जो उनके एजेंट संभाल रहे थे। अगर क्रिकेट परिचालन टीम को पासवर्ड ठीक करने में मुश्किल आ रही थी तो पांचों क्रिकेटरों से ऐसा करने को कहा जा सकता था और वे किसी की मदद से व्यक्तिगत रूप से इसे भर लेते। शायद इस बार नाडा नरमी बरतेगा लेकिन अगर यह अधिकारिक चेतावनी बन गया तो कौन जिम्मेदार होगा।’

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