Afghan Young Footballer Died: वह कदमों से इतिहास लिखना चाहता था पर तालिबान के खौफ ने छीन ली उसकी जिंदगी

Afghan Young Footballer Died: वह कदमों से इतिहास लिखना चाहता था पर तालिबान के खौफ ने छीन ली उसकी जिंदगी

नई दिल्ली
उसने तालिबान का पहले का राज नहीं देखा था। पर अपने बड़ों से उस बारे में सुना जरूर होगा। और जितना सुना होगा वह कतई उस राज को दोबारा नहीं चाहता होगा। उसने सपने देखे थे नए अफगानिस्तान के। नए मुल्क में अपने अरमानों को पूरा होते देखने के। वह अपने कदमों से मंजिल तय करना चाहता था। लेकिन उसके अरमानों पर, सपनों को तालिबान की नजर लग गई। उसकी आंखों में सपने थे अपने पैरों की कलाकारी से इतिहास रचने के। पर…

19 साल के जकी अनवारी ने सोचा नहीं था कि उसके साथ ऐसा होगा। वह फुटबॉल की दुनिया में नाम कमाना चाहता था। उसके टी-शर्ट पर 10 नंबर लिखा हुआ था। वही जो दुनिया के बड़े फुटबॉलर्स की शर्ट पर होता है। माराडोना की टी-शर्ट पर यह नंबर था और लियोनल मेसी बार्सिलोना में इसी नंबर के साथ खेलते रहे हैं। शायद मेसी का फैन रहा होगा जकी। हो सकता है उसकी आंखों ने कभी मेसी के साथ खेलने का ख्वाब देखा हो।

अपने देश का झंडा दुनिया के मंच पर लहराना चाहता था। लेकिन सब खत्म हो गया। बंदूक के दम पर हासिल किए राज ने हजारों लोगों की तरह उसके सपनों को भी तोड़ दिया।

सोमवार को ऐसी तस्वीरें सामने आईं जिसमें हजारों लोग एक लोग अमेरिकी वायुसेना के जहाज के साथ-साथ रनवे पर भाग रहे थे। कुछ लोग इस पर लटकने की कोशिश भी कर रहे थे। अफगानिस्तान के शारीरिक शिक्षा और खेल महानिदेशालय ने एक फेसबुक पोस्ट के जरिए अनवारी के निधन की पुष्टि की थी। इस पोस्ट में लिखा था, ‘यह बहुत दुख की बात है कि देश के राष्ट्रीय जूनियर फुटबॉल टीम के खिलाड़ियों में से एक जाकी अनवारी की एक दुर्घटना में मृत्यु हो गई।’

इसके बाद जो तस्वीरें आईं वे और भयावह थीं। प्लेन से लोगों के गिरने की तस्वीरें। जहाज ऊपर चढ़ा तो बाहर लटके लोग गिरने लगे। यूएस वायुसेना ने इस बात की भी पुष्टि की जब वह कतर में उतरा तो लैंडिंग गियर में मानव अवशेष मिले।

अनवारी के सपने अधूरे रह गए। 19 साल का वह लड़का बड़ा खिलाड़ी बन सकता था। उसके चेहरे को देखिए एक मासूमियत नजर आती है। एक जज्बा नजर आता है। कुछ करने की चाह नजर आती है। पर कट्टरपंथ को ख्वाब नहीं सुहाते। शायद इसी वजह से वह अफगानिस्तान से निकलना चाहता होगा। डर और खौफ का आलम यह कि जहाज के अंदर नहीं जा पाया तो बाहर लटकने को मजबूर हो गया। जानता तो होगा कि यह खतरनाक है। पर शायद उसे उस मुल्क में रहना ज्यादा खतरनाक लग रहा होगा। तभी तो उसने यह जोखिम मोल लिया।