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Thursday, December 8, 2022

लंबे समय से बीमार चल रहे मुलायम सिंह यादव नहीं रहे

नई दिल्ली: लंबे समय से बीमार चल रहे मुलायम सिंह यादव नहीं रहे। नेता जी, उत्तर प्रदेश के पूर्व सीएम, विधायक जी, मास्टर साहब से पहले उन्हें पहलवान कहा जाता था। वह पहलवान, जिनके दांव की काट न दंगल में थी और न ही राजनीति के अखाड़े में किसी के पास थी। 3 बार उत्तर प्रदेश के सीएम रहे। राजनीति के अखाड़े का कितना भी सूरमा पहलवान क्यों न हो नेता जी के आगे कभी किसी की चली नहीं। बहुत कम लोगों को पता होगा कि उनकी राजनीति में आने की स्क्रिप्ट भी तब लिखी गई, जब वह दंगल में सूरमा पहलवानों की छाती तोड़ रहे थे।

यह बात 1962 की है। युवा मुलायम तब न तो नेता जी थे और न ही राजनीति से कोई रिश्ता था। वह जसवंत नगर क्षेत्र के एक गांव में दंगल लड़ रहे थे और यह समय था विधानसभा चुनाव का। उस समय क्षेत्र में दौरे पर आए थे संयुक्त सोशलिस्ट पार्टी (संसोपा) के नेता नत्थू सिंह। कहा जाता है कि नत्थू सिंह पहलवानी के बड़े प्रशंसक थे। वह दंगल के आयोजन में पहुंचे तो देखा कि मुलायम सूरमा पहलवानों को पटकनी दे रहे हैं।

नेता जी के दांव का किसी के पास जवाब नहीं था। नत्थू सिंह भी मुलायम से प्रभावित होने से खुद को रोक नहीं सके। वह इतने प्रभावित थे कि यहीं उनके मन में मुलायम की एक नई छवि बैठ गई थी। नत्थू सिंह गुरु थे तो मुलायम शिष्य। यह रिश्ता समय के साथ मजबूत होता गया। नत्थू सिंह अपने शिष्य को अगल अंदाज में पेश करने का फैसला कर लिया था। 1967 में उस वक्त हर कोई हैरान रह गया जब नत्थू सिंह ने जसवंत नगर से मुलायम सिंह यादव को प्रत्याशी ऐलान किया।

उस समय नेता जी की उम्र 28 वर्ष थी और बताया जाता है कि कई लोग इस फैसले के खिलाफ थे, लेकिन नत्थू को अपने फैसले और शिष्य दोनों पर भरोसा था। उनकी जिद के आगे पार्टी ने हथियार डाले और अंततः: फैसला मुलायम सिंह यादव के पक्ष में गया। इस तरह एक मशहूर क्षेत्रीय पहलवान के राजनेता बनने की कहानी शुरू हुई। बताया जाता है कि मुलायम सिंह यादव क्रिकेट के भी बड़े फैन थे। उनके जमाने में सैफई में कई बड़े टूर्नामेंट के आयोजन भी हुआ करते थे। उसके सूत्रधार नेता जी ही हुआ करते थे।

मुलायम सिंह यादव समाजवादी पार्टी के नेता भले ही थे, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित तमाम विरोधी भी उनका बहुत सम्मान करते थे। यही वजह है कि जब वह वेदांता हॉस्पिटल में भर्ती किए गए तो देश के हर बड़े नेता ने उनकी हाल-चाल ली। अब जब वह नहीं रहे तो पीएम सहित तमाम नेताओं ने उनके लिए शोक व्यक्त किया है।
मुलायम सिंह यादव: टिकट मिलने पर प्रचार के लिए नहीं थे संसाधन, तब ग्रामीणों ने नेता जी के लिए किया था ये कामnavbharat timesकुश्ती के दंगल में जोर-आजमाइश करने वाले मुलायम सिंह ऐसे बन गए ‘सियासत के मास्टर’

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