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Thursday, December 8, 2022

आब्सट्रक्टिंग द फील्ड आखिर होता क्या है, क्यों ‘धोखेबाज’ मैथ्यू वेड की करतूत की हो रही आलोचना?

नई दिल्ली: ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेले गए पहले टी20 मैच में मैथ्यू वेड ने जो हरकत की उसकी हर तरफ आलोचना हो रही है। इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में रन लेते हुए मैथ्यू वेड ने मार्क वुड को धक्का देकर कैच टपकवा दिया। मैथ्यू वेड की यह हकरत आब्सट्रक्टिंग द फील्ड के अंतर्गत आता है, जिसके तहत अगर विरोधी टीम इसके खिलाफ अपील करे तो उसे फील्डिंग में बाधा पहुंचाने के कारण आउट करार दिया जा सकता है लेकिन इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर ने ऐसा नहीं किया। हालांकि इसे लेकर मैच के बाद बटलर ने अपना एक अलग तर्क दिया लेकिन हम जानेंगे कि आखिरी आब्सट्रक्टिंग द फील्ड होता क्या है और क्रिकेट में इसके लिए क्या नियम बनाए गए हैं।

आब्सट्रक्टिंग द फील्ड मैच के दौरान जानबूझकर बाधा पहुंचाने से संबंधित है। इसके तहत अगर कोई बल्लेबाज रन लेने के दौरान फील्डिंग करने वाली टीम को जानबूझ कर बाधा पहुंचाता है तो उसे आब्सट्रक्टिंग द फील्ड माना जाता है। उदाहरण के तौर पर अगर कोई बल्लेबाज रन लेने के लिए दौरा और इस दौरान वह आउट होने से बचने के लिए अगर फील्डर के थ्रो को अपने शरीर से रोक ले या कोई कैच लेने के प्रयास कर रहा और उस दौरान उसे धक्का दे दें तो ऐसी स्थिति में बाधा पहुंचाने कारण उसे आउट दिया जा सकता है।

हालांकि इसके लिए विपक्षी टीम को अपील करनी होगी इसके बाद मैदानी अंपायर और थर्ड अंपायर के सहमति से कोई फैसला लिया जाएगा।

आब्सट्रक्टिंग द फील्ड के लिए ICC के नियम

क्रिकेट के लिए रूल बुक बनाने वाली मेरिलबोन क्रिकेट क्लब आब्सट्रक्टिंग द फील्ड के लिए कुल 6 नियम तय किए हैं। इसमें सबसे पहला है 37.1 का नियम है। इसके तहत अगर कोई खिलाड़ी जानबूझ कर गेंद को अपने शरीर से रोकता है जबकि इस दौरान वह आउट होने की स्थिति में हो तो अपील के बाद उसे आउट करार दिया जा सकता है। वहीं दूसरा नियम 37.2 का है। इसके तहत अगर कोई बल्लेबाज अनजाने में फील्डिंग को बाधित करता है तो वह इसके खिलाफ अंपायर से फैसले बदलने की अपील कर सकता है।

वहीं तीसरा नियम 37.3 का है इसमें कोई बल्लेबाज अगर कैच लेने के दौरान फील्डर को बाधित करे तो उसे आउट दिया जा सकता है जो कि मैथ्यू वेड ने किया था। वहीं चौथा नियम 37.4 का है। इसके तहत अगर कोई बल्लेबाज गेंद पूरा होने के बाद उसे अपने हाथ से उठाता है या फिर दोबारा बैट लगाकर गेंद को खुद दूर करता है तो ऐसी स्थिति में उसे आउट दिया जा सकता है। हालांकि फील्डिंग पक्ष से समहति के बाद ऐसा किया जा सकता है।

पांचवा नियम 37.5 का है। इसके अंतर्गत अगर कोई भी टीम फील्डिंग पक्ष के लिए बाधा (37.5.1 और 37.5.2) उत्पन्न करता है तो इसके लिए जुर्माने के तौर पांच रन की पेनल्टी दी जा सकती है। वहीं आखिरी नियम 37.6 के तहत इसमें गेंदबाज को विकेट का श्रेय नहीं दिया जाता है।

मैथ्यू वेड ने क्या किया था

इंग्लैंड के खिलाफ पहले टी20 मैच में ऑस्ट्रेलिया के मैथ्यू वेड ने पारी के 17वें ओवर में एक शॉट खेला। इस दौरान गेंद वेड के बैट पर टॉप एज लेकर हवा में उछल गई। इस कैच को लपने के लिए मार्क वुड आगे आए लेकिन इससे पहले की वुड कैच लपक पाते वेड ने उन्हें धकेल दिया। मैच में ऑस्ट्रेलियाई टीम 209 रन के लक्ष्य का पीछा कर रही थी। हालांकि इंग्लैंड के कप्तान जोस बटलर ने आउट के लिए अपील नहीं की।

इसके पीछे बटलर ने तर्क दिया कि उन्हें नहीं पता कि वेड और वुड के बीच क्या हुआ था। उन्होंने यह भी कहा कि वह अपील नहीं कर सकते थे, क्योंकि उन्होंने अभी ऑस्ट्रेलियाई दौरा शुरू ही किया है। अपील करने का मतलब था कि स्थानीय प्रेस और प्रशंसकों की ओर से भी प्रतिक्रिया होती। उन्होंने कहा- मैं पूरे समय गेंद को देख रहा था, इसलिए मुझे यकीन नहीं था कि क्या हुआ। उन्होंने (अंपायर) पूछा कि क्या मैं अपील करना चाहता हूं, लेकिन मुझे लगा कि हम यहां लंबे समय के लिए ऑस्ट्रेलिया में हैं। इसलिए इतना जल्दी किसी बात पर बहस होना जोखिम भरा होगा।हालांकि बटलर ने यह जरूर कहा कि अगर विश्व कप के दौरान इसी तरह की घटना हुई तो उन्हें अपील करने में कोई आपत्ति नहीं होगी।

 

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