Taharrush Jamai: एक ऐसा घिनौना खेल.. जिसमें हजारों का झुंड बनाकर औरत के जिस्म से खेलते हैं वहशी

Webvarta Desk: ‘तहर्रुश जमाई’ (Taharrush Jamai), इजिप्ट और बाक़ी अरब देशों का ये ‘रेप गेम’ (Taharrush Gamea) उस वक़्त ‘चर्चा’ में आया था, जब अमेरिका की एक रिपोर्टर ने पूरी दुनिया के सामने इसका खुलासा किया।

मिस्र और बाक़ी अरब देशों में एक बेहद घिनौना और आत्मा को चीर कर रख देने वाला खेल (Taharrush Gamea) खेला जाता है, जिसमें आदमियों का पूरा झुंड एक औरत को घेरता है और उसके साथ बलात्कार (Taharrush Jamai) करता है। ऐसे तीन घेरे होते हैं, अंदर से बाहर की तरफ़ का पहला घेरा औरत का रेप करता है। दूसरे घेरे के लोग दर्शक की तरह उस औरत की इज़्ज़त को तार-तार होते हुए देखते हैं। तीसरे घेरे का काम इस कुकर्म को बाक़ी लोगों से बचाने का होता है। और ये काम, भरे बाज़ार में होता है।

तहर्रुश का अरबी मतलब

तहर्रुश एक अरबी शब्द है जिसका मतलब होता है ‘संयुक्त रुप से छेड़छाड़’ करना। इस खेल में कई सारे मुस्लिम युवा सार्वजनिक स्थान पर अकेली लड़की को निशाना बनाते हैं। इनका एक ही औचित्य होता है, अपनी हरकत से काफिर लड़कियों के मन में खौफ पहुँचाना और उनका शोषण भी करना।

इस खेल के दौरान सबसे पहले शिकार को ढूँढा जाता है, जब एक बार कोई लड़की शिकार मिल जाती है तो लड़के एक घेरा बना लेते है जिस में अकेली लड़की को उस घेरे में घेर लेते है। यह घेरा कई लेयर्स का होता है, और इससे बाहर निकलना भी आसान नहीं होता। फिर शुरु होता है घिनौना खेल जिस में लड़की चाह कर भी कुछ नहीं कर सकती क्यों कि परम्परा के नाम पर ये उस का उत्पीड़न होता है और घेरा बनाने वाले लोग इसका लुत्फ़ भी उठाते हैं।

अगर ये पढ़ने के बाद भी आपकी रूह न कांपी, तो ये बता दें कि इस जघन्य अपराध को यहां ‘खेल’ का नाम दिया जाता है और कोई भी आदमी इसे ग़लत नहीं मानता। कहने को इन लोगों का निशाना ‘वेस्टर्न ड्रेस’ पहने बाहरी मूल की कोई महिला होती है, लेकिन इन दरिंदों को अपनी ‘औरतों’ के साथ ऐसे करने से भी कोई गुरेज़ नहीं। इजिप्ट और बाक़ी अरब देशों में औरतों पर हो रहे इस ज़ुल्म को विदेशी मीडिया कभी नहीं उठाती, अगर उनकी ख़ुद की रिपोर्टर दुनिया को अपनी आपबीती न सुनाती।

लॉरेन लोगन की वजह से सामने आया ये मामला

CBS की रिपोर्टर ‘लॉरेन लोगन’, होस्नी मुबारक़ की ख़िलाफ़ उठे अरब आंदोलन को कवर करने जब इजिप्ट पहुंची, तो ‘तहरीर स्क्वायर’ पर लोगों की बेतहाशा भीड़ जमा थी। बदक़िस्मती से उस भीड़ में उनका साथ अपनी टीम के साथ छूट गया। बस उनका कैमरा मित्र था, जो उनका हाथ पकड़ कर उन्हें भीड़ से बाहर निकालने की कोशिश कर रहा था। लेकिन उसके अगले 25 मिनट जो लॉरेन के साथ हुआ, वो दिल दहला देने वाला था।

उन्होंने देखा कि पूरा हुज़ूम उनकी तरफ आ रहा है। किसी ने उनका स्वेटर फाड़ा, तो कोई उनके बाल नोच रहा था। एक एक करके उन सबने 25 मिनट तक उनका रेप किया, उन्हें जानवरों की तरह नोचा। लॉरेन को लग रहा था कि सब ख़त्म होने वाला है, लेकिन किसी तरह सिक्योरिटी फोर्सेस ने उन्हें बलात्कारी चक्रव्यूह से निकाला। अभी तक लॉरेन इस सदमे से उबरने की क़ोशिश कर रही हैं।

यूरोप में पैर पसार चुका है तहारुश

न जाने कितनी औरतों को इस तरह की ज़िल्लत झेलनी पड़ती होगी। सबसे दुर्भाग्यपूर्ण बात ये है कि ‘तहारुश’ का ये ‘खेल’ बंद न हो कर अब यूरोप पहुंच गया है। नए साल की शुरुआत में जर्मनी में कई महिलाओं ने झुंड में हुए इस तरह के बलात्कार की रिपोर्ट्स दर्ज की थी।

कहा जा रहा है कि जर्मनी में भी ये मिडिल ईस्टर्न रेफ्यूजीस कर रहे हैं। जर्मनी के अलावा फ़िनलैंड, ऑस्ट्रिया, स्वीडन और स्विट्ज़रलैंड में भी ‘तहारुश’ की वारदातें सामने आई हैं। हमारी सारी ‘मॉडर्न’ सोच धरी की धरी रह जाती है जब इस तरह की बातें सामने आती हैं। ये जहां भी हो रहा है, इसी वक़्त बंद हो जाना चाहिए क्योंकि ये मानवता के ख़िलाफ़ है। हम दो क़दम आगे चलते हैं और ऐसी घटनाओं से 100 क़दम पीछे हो जाते हैं।