Neeraj Sethi

राम मंदिर पर राजनीति करने वालों की दुकान अब बिल्कुल बंद हो जाएगी : नीरज सेठी

राम मंदिर के भूमि पूजन का इंतजार 5 अगस्त को खत्म होने जा रहा है। इस दिन अयोध्या में देश के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी राम मंदिर का शिलान्यास करेंगे। यह पल देखने के लिए करोडो लोग बेहद उत्सुक हैं लेकिन कोरोना काल के चलते इस मौके पर केवल 200 लोगों की ही उपस्थिति रहेगी। जैसा की अभी कोरोना के चलते अधिक लोग एकत्रित होने से संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है तो शासन-प्रशासन हर तरह का एहतियात बरत रहा है। मंदिर के लिए के तमाम संतो व नेताओं ने संघर्ष किया है और अब उनकी यह हसरत पूरी होने जा रही है। सर्व शक्ति सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने भी कई बार आंदोलन व धरना प्रदर्शन किया था और अब शिलान्यास का समय आ गया तो इस मुद्दे पर नीरज सेठी से योगेश कुमार सोनी की। पेश है कुछ मुख्य अंश…

Neeraj Sethi

5 अगस्त को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी शिलान्यास करेंगे। कैसे लग रहा है आपको?

इस पल को देखने के लिए के हमारे देश के अलावा कई देशों के दिग्गज व लोग बेहद उत्सुक हैं लेकिन दुनिया को अपनी जद में कैद करने वाले कोरोना वायरस के सामने सब लाचार से हो गए। दरअसल हर किसी का यह वो सपना पूरा होने जा रहा है जिसका लगभग पांच सौ वर्षों से इंतजार था। जैसा कि अयोध्या का विवाद की पांच शताब्दी पुराना है लेकिन पहली बार यह मामला कोर्ट में 1885 में पहुंचा था। और इस मामलें पर देश ही नही दुनिया की नजर टिकी थी जब जो काम जिस समय और जिस माध्यम से होना होता है तभी होता है और अंत में कोर्ट ने सभी पहलुओं को मध्यनजर रखते हुए फैसला सुना दिया।

पूरी दुनिया में भूमि पूजन को लोगों में उत्साह देखा जा रहा है। इस पर क्या कहना है आपका?

दुनियाभर में लोग इस तरह उत्साहित हैं मानों जैसे कोई बहुत बडा पर्व हो। सोशल मीडिया पर हर कोई बेहद खुशी का इजहार करते हुए अपने अंदाज में बधाई दे रहा है। लोग अपने घर में दीये जलाएंगे व देश की तमाम संस्थाएं दीए, तेल व मोमबत्ती वितरण कर रही है। एक बार फिर ऐसा समय आएगा कि शिलान्यास के समय हर किसी की नजर टीवी पर होगी। जैसा कि किक्रेट के विश्व कप के समय होता है लेकिन इस बार उससे भी ज्यादा लोग देखेंगे। मंदिर निर्माण के लिए देश के सभी तीर्थ स्थलों से मिट्टी भेजी जा रही है। जो लोग इस मंदिर को बनता नही देखा पाए लेकिन अब उनका आत्मा प्रसन्न और तृप्त हो जाएगी। बीते दिनों राम मंदिर की नींव की खुदाई दौरान जब अवशेष मिले थे तो इस बात की प्रमाणिकता मिली थी कि राम मंदिर यहीं था तो देशवासियों के चेहरे पर एक अलग ही तरह की खुशी देखते ही बन रही थी।

कुछ लोग इस घटना को हार व जीत समझ रहे हैं। क्या यह उचित है?

कुछ लोगों के कैसे भी चैन नही है। जब कोर्ट से कोई फैसला आता है तो वह हर सभी पहलुओं पर मंथन करके ही अपना निर्णय देती है। जो लोग राम मंदिर पर ही घटिया राजनीति करके अपनी रोटियां सेकते थे और फैसले के बाद उनकी दुकानदारी बंद हो चुकी है लेकिन वो अभी भी बाज नही आ रहा हैं और हमारे मुसलमानों भाईयों को भडका रहे हैं।लेकिन ऐसे नेताओं को कोई गंभीर नही ले रहा है। हर किसी ने न्याय के मंदिर से आने वाले फैसले का स्वागत किया है।

ऐसिहासिक पल को देखने के लिए कोरोना की वजह से भक्त नही जा पा रहे। लेकिन लोगों ने ऑनलाइन चंदा दे रहे हैं। इस घटना को कैसे देखते हैं आप?

इस बात में कोई दो राय नही हैं कि कोरोना संकट की वजह से भक्त व श्रद्धालु अयोध्या नही जा पा रहे हैं लेकिन दान देने में कोई भी पीछे नही हट रहा। लॉकडाउन के चलते साढे चार लाख रुपये आए थे और अगस्त अंत तक सौ करोड रुपये एकत्रित होने की आशंका है। इसके अलावे पुराने चढ़ावे के भी 20 करोड जमा है। इसके अलावा आर्थिक तौर पर कहीं भी कमी नही आएगी और दुनिया में जहां भी रामभक्त है वो जमकर दान कर रहे हैं।  

राफेल आने पर आपकी क्या कहेंगे?

राफेल लड़ाकू विमानों का भारत में आना हमारे सैन्य इतिहास में नए युग की शुरूआत है। इन बहुआयामी विमानों से वायुसेना की क्षमताओं के क्रांतिकारी बदलाव आएंगे। आज भारत देश विश्व की बड़ी शक्तियों में गिना जाने लगा। समय के साथ अपडेट व अपग्रेड होना बेहद जरुरी है और वो ही मोदी सरकार कर रही है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *