कौन थे डॉ सर्वपल्ली राधाकृष्णन.. जानें क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस और उससे जुड़ी खास बातें

New Delhi: पूर्व राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (Dr. Sarvepalli Radhakrishnan) के जन्मदिन (5 सितंबर) को हर वर्ष भारत में शिक्षक दिवस (Teachers’ Day) के रूप में मनाया जाता है।

सर्वपल्ली राधाकृष्णन (Dr. Sarvepalli Radhakrishnan) भारतीय संस्कृति के संवाहक, प्रख्यात शिक्षाविद और महान दार्शनिक थे। डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन को 27 बार नोबेल पुरस्कार के लिए नामित किया गया था। राधाकृष्णन जी के सम्मान में ही उनके जन्मदिवस (Sarvepalli Radhakrishnan Birthday) पर शिक्षक दिवस (Teachers’ Day) मनाया जाता है।

इस दिन स्टूडेंट्स अपने-अपने तरीके से शिक्षकों (Teachers) के प्रति प्यार और सम्मान प्रकट करते हैं। स्टूडेंट्स शिक्षकों को गिफ्ट्स देते हैं। स्कूलों में शिक्षकों के लिए विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। जहां भारत में 5 सितंबर को टीचर्स डे (Teachers’ Day) मनाया जाता है वहीं, अंतर्राष्ट्रीय टीचर्स डे (International Teachers Day) का आयोजन 5 अक्टूबर को होता है। इसके अलावा कई देशों में अलग-अलग दिन भी शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

इस दिन कुछ देशों में छुट्टी का दिन रहता है तो कुछ देशों में कोई अवकाश नहीं रहता है। चीन में 10 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। अमेरिका में मई के पहले पूर्ण सप्ताह के मंगलवार को शिक्षक दिवस सेलीब्रेट किया जाता है। वहीं, थाइलैंड में हर साल 16 जनवरी को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस मनाया जाता है।

क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस?

प्रथम उप-राष्ट्रपति और दूसरे राष्ट्रपति डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन (Dr. Sarvepalli Radhakrishnan) की जयंती 5 सितंबर को होती है। उन्हीं की याद में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। एक बार उनके कुछ विद्यार्थी और दोस्तों ने उनसे कहा कि, वह उनके जन्मदिन को सेलिब्रेट करना चाहते हैं। तब उन्होंने कहा था, “मेरा जन्मदिन अलग से मनाने के बजाए अगर मेरा जन्मदिन शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाए तो मुझे गर्व महसूस होगा।”

कैसे मनाया जाता है शिक्षक दिवस?

शिक्षक दिवस पूरे देश में बड़े ही उत्साह के साथ मनाया जाता है। इस दिन स्कूलों में स्टूडेंट्स शिक्षकों के लिए कई तरह के रंगा-रंग कार्यक्रमों को आयोजित करते हैं। कोई अपने शिक्षक को फूल देता है तो कोई पेन। स्टूडेंट्स अपने शिक्षक को तरह-तरह के गिफ्ट्स देते हैं। इस दिन शिक्षकों को मान-सम्मान देकर उनके काम की सराहना की जाती है। वहीं राष्ट्रीय स्तर पर शिक्षक दिवस के दिन शिक्षकों को उनके कार्य के लिए राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार से नवाजा जाता है। यह पुरस्कार हर साल देश के राष्ट्रपति द्वारा दिया जाता है।

यहां पढ़ें शिक्षक दिवस से खास बातें
  • 1962 में देश के राष्ट्रपति बने डॉक्टर राधाकृष्णन एक महान शिक्षाविद् और शिक्षक के रूप में दुनियाभर में जाने जाते हैं।
  • डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन का मानना था कि देश में सर्वश्रेष्ठ दिमाग वाले लोगों को ही शिक्षक बनना चाहिए।
  • डॉक्टर राधाकृष्णन के पिता उनके अंग्रेजी पढ़ने या स्कूल जाने के खिलाफ थे। वह अपने बेटे को पुजारी बनाना चाहते थे।
  • डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन बेहद ही मेधावी छात्र थे और उन्होंने अपनी अधिकतर पढ़ाई छात्रवृत्ति के आधार पर ही पूरी की।
  • सर्वपल्ली राधाकृष्णन छात्रों में इतने लोकप्रिय थे कि जब वह कलकत्ता जा रहे थे, उन्हें मैसूर विश्वविद्यालय से रेलवे स्टेशन तक फूलों की बग्घी में ले जाया गया था।
  • जाने-माने प्रोफेसर एच।एन।स्पेलडिंग डॉक्टर राधाकृष्णन के लेक्चर से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने लंदन विश्वविद्यालय में उनके लिए चेयर स्थापित करने का फैसला कर लिया।
  • शिक्षा के क्षेत्र में डॉक्टर राधाकृष्णन के अभूतपूर्व योगदान के लिए 1931 में उन्हें ब्रिटिश सरकार ने नाइट के सम्मान से भी नवाजा।
  • दुनिया के 100 से ज्यादा देशों में अलग-अलग तारीख पर शिक्षक दिवस मनाया जाता है। हालांकि विश्व शिक्षक दिवस 5 अक्तूबर को मनाया जाता है।
  • यूनेस्को ने 1994 में शिक्षकों के कार्य की सराहना के लिए 5 अक्तूबर को विश्व शिक्षक दिवस के रूप में मनाने को लेकर मान्यता दी थी।
  • अमेरिका में 1944 में मैटे वायटे वुडब्रिज ने सबसे पहले वकालत की। फिर 1953 में कांग्रेस ने मान्यता दी। 1980 में 7 मार्च को राष्ट्रीय शिक्षक दिवस के रूप में चुना गया। मगर बाद में मई के पहले मंगलवार को इसका आयोजन किया गया। सिंगापुर में सितंबर के पहले शुक्रवार को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया जाता है। जबकि अफगानिस्तान में पांच अक्तूबर को ही यह दिवस मनाया जाता है।

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