सिपाही पर हमले की वजह से बना गोहत्यारों पर सख्त कानून

attack on soldiers

-योगेश कुमार सोनी-

बीते दिनों सहारनपुर के घाना खंडी गांव के जंगल में रात करीब दो बजे गोतस्करों व पुलिसकर्मियों के बीच Yogesh Kumar Soniमुठभेड हुई थी जिसमें एक सिपाही वतन पंवार पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था। वहीं दूसरी ओर पुलिस ने भी एक बदमाश को मार गिराया था और बाकी फरार हो गए थे। इस घटना से पूरे प्रदेश में एकदम हलचल पैदा हो गई जिस पर तुरंत प्रभाव के आला अधिकारियों ने संज्ञान लिया। इसके अलावा सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि सूबे के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ में पूरे घटनाक्रम पर निगाह बनाए रखी और घायल सिपाही वतन पंवार को फोन करके हालचाल पूछे व कहा कि अब उत्तर प्रदेश में गौहत्यारों पर सख्त कानून बनाया जाएगा और दो दिन के अंदर इस मामले पर खाका तैयार कर अंजाम भी दे दिया और सूबे में गोहत्यारों पर सख्त कानून बना दिया। योगी ने अपने ट्वीटर पर भी सिपाही की बहादुरी की प्रशंसा की है। अब स्थिति यह है कि गोहत्या करने पर दस वर्ष की सजा का प्रावधान कर दिया व गोवंश को शारीरिक तौर पर क्षति पहुंचाने पर एक  से सात  वर्ष की सजा तय की गई है।साथ ही गोकशी और गायों की तस्करी करने वालो के फोटो भी सार्वजनिक करके चस्पा किए जाएंगे। योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में उत्तर प्रदेश गोवध निवारण अध्यादेश, 2020 के प्रारूप को भी स्वीकृति दी जा चुकी है।

दरअसल मामला यह था कि देश में गोहत्या या गोकशी पर कानून ज्यादा सख्त न होने की वजह से कभी ठोस कार्रवाई नही होती थी चूंकि इस मामले पर हमेशा से हल्के में ले लिया जाता था। गोतस्कर कई बार पकडे भी जाते थे लेकिन आसानी से छूट जाते थे। जैसा कि हर राज्य को लेकर कुछ मामलों में अलग कानून होते हैं जिसे राज्य के मुखिया के आधार पर बदलाव करने की शक्ति मुख्यमंत्री के पास होती है और योगी के सीट के संभालते ही उत्तर प्रदेश में कई कानून में संशोधन जारी है। योगी सरकार से पूर्व उत्तर प्रदेश का नाम लेते ही लोगों में एक अजीब सा डर होता था वहां अब तस्वीर पूर्ण रुप से बदल चुकी है। पिछली सरकारों के कार्यकाल में देखा जाता कि लूटपाट,फिरौती व हत्याएं जैसी घटनाएं बहुत आम होती थी और व्यापारियों की पीडा की बात करें तो उनकी स्थिति बेहद खराब थी चूंकि उनको कई गैंगों को पैसा देना पड़ता था जिस पर पुलिस भी कुछ नही कर पाती थी। इसके अलावा भी तमाम कई मामले थे।

गोहत्या पर कानून बनाने को लेकर पिछले कई दिनों से हलचल तेज थी लेकिन जैसे ही इस बार सहारनपुर वाली घटना घटी उसके बाद इस मामले को लेकर कानून में संशोधन किया गया। इस घटना में घायल सिपाही वतन पंवार ने बताया कि‘सहारनपुर में गोतस्करों का आतंक हैं व स्थानीय लोगों की शिकायत पर पुलिस ने कई बार कार्रवाई करती है लेकिन कमजोर नियम-कानून होने की वजह से छूट जाते थे। घटना वाली रात जब हमें खबर मिली तो हम तस्करों पर शिकंजा कसने पहुंचे,वहां कुछ बदमाश गाय काट रहे थे जिस पर हमने उनको दबोचना चाहा लेकिन उन्होनें घातक धारदार हथियार से वार कर दिया व मेरा शरीर कई जगह से कट गया। इस घटना की सूचना एसएसपी साहब को दी जिस पर उन्होनें मौके पर पहुंच कर स्थिति को संभाला और मुझे अस्पताल ले जाकर बेहतर इलाज करवाया।

वतन पंवार का ने यह भी बताया कि मेरे पास मुख्यमंत्री कार्यलय से फोन आया और उन्होनें मेरे हाल जाने और कहा कि तुम्हारी मेहनत बेकार नही जाएगी व अब गोहत्या व तस्करी के कानून को और ज्यादा सख्त कर दिया जाएगा और दो दिन बाद हो भी गया।‘ इन बातों के आधार पर एक बात तो तय हो जाती है कि यदि किसी भी व्यक्ति में कोई भी काम करने की इच्छाशक्ति हो तो वह कुछ भी कर सकता है। उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने लगातार ऐसे मामलों पर काम करना शुरु कर दिया जिस पर केवल राजनीति ही होती थी। लगभग तीन वर्षों में उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश के रुप में परिभाषित करने का काम जारी है।

दरअसल देश के कई राज्यों में गोतस्करों आतंक फैला हुआ है और इस मामले में प्रशासन की ओर से कोई ज्यादा गंभीरता नही दिखाई जाती जिस वजह से इनके हौसले बुंलद रहते हैं। लेकिन वतन पंवार जैसे पुलिसकर्मी अपनी जान पर खेलकर अपने देश व धर्म की रक्षा कर रहे हैं। ऐसे पुलिसकर्मियों की पदोन्नति व तरक्की होनी चाहिए। चूंकि जान पर खेलकर किसी भी काम को अंजाम देना देश सेवा प्रमाण देता है। यदि ऐसी घटनाओं में जान चली जाती है तो पीछे परिवार बेकार हो जाता है। हम ऐसे देश के व धर्म के रक्षकों को सलाम करते हैं जो अपने फर्ज और कर्तव्य पर सदैव खरे उतरते हैं। वतन पंवार जैसे सभी पुलिसकर्मियों पर सरकार को ध्यान देना चाहिए। वैसे तो योगी सरकार की निगाह हर छोटे से छोटे काम पर बनी रहती है लेकिन ऐसे लोगों के लिए भी ऐसी कोई घोषणा होनी चाहिए जिससे पुलिस मनोबल हमेशा ऊंचा रहे।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार है)