Pitru Paksha 2020: जानें कब से आरंभ हो रहा पितृपक्ष, क्या है महत्व

New Delhi: भाद्र कृष्ण प्रतिपदा तिथि से हर साल पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2020) का आरंभ होता है। इस वर्ष भी पितरों की पूजा का पक्ष जिसे कुछ लोग श्राद्ध पक्ष भी कहते हैं वह 2 सितंबर से शुरू हो रहा है।

पितृ पक्ष (Pitru Paksha 2020) का पहला श्राद्ध अगस्त मुनि को होता है जो भाद्र शुक्ल पूर्णिमा को लगता है। इस बार भाद्र पूर्णिमा 1 सितंबर को है इसलिए अगस्त मुनि के नाम से इसी दिन पूजन किया जाएगा। प्रतिपदा का पहला पितृ श्राद्ध 1 सितंबर को होगा।

पितृपक्ष का महत्‍व

पितृपक्ष (Pitru Paksha 2020) में हर साल पितरों के निमित्त पिंडदान, तर्पण और हवन आदि किया जाता है। सभी लोग अपने-अपने पूर्वजों की मृ’त्यु तिथि के अनुसार, उनका श्राद्ध करते हैं। माना जाता है कि जो लोग पितृपक्ष में पितरों का तर्पण नहीं करते उन्‍हें पितृदो’ष लगता है। श्राद्ध करने से उनकी आ’त्‍मा को तृप्ति और शांति मिलती है। वे आप पर प्रसन्‍न होकर पूरे परिवार को आशीर्वाद देते हैं।

गया में नहीं हो सकेगा श्राद्ध

हर साल लोग अपने पितरों की आ’त्‍मा की शांति के लिए गया जाकर पिंडदान करते हैं। मगर इस बार कोरोनाकाल में यह संभव नहीं दिख रहा है। बिहार सरकार ने ये फैसला किया है कि इस बार लोगों के गया जाकर पिंडदान करने पर रोक रहेगी और सभी लोग अपने घर पर कर्मकांड और दान कर पाएंगे।

पितृपक्ष का समापन कब

इस साल पितृपक्ष (Pitru Paksha 2020) का समापन 17 सितंबर को होगा और मलमास आरंभ हो जाएगा। अंतिम श्राद्ध यानी अमावस्या श्राद्ध 17 सितंबर को किया जाएगा। पूर्णिमा का श्राद्ध 2 सितंबर को होगा जबकि पंचमी का श्राद्ध 7 सितंबर को किया जाएगा। पितृपक्ष के दौरान 13 अगस्त को एकादशी तिथि का श्राद्ध किया जा सकेगा।

श्राद्ध पक्ष में यमराज करते हैं ऐसा

ऐसी मान्‍यता है कि श्राद्ध पक्ष में यमराज मृ’त जीवों को मुक्‍त कर देते हैं ताकि वे अपने परिजनों के यहां जाकर तर्पण ग्रहण करें और पूरे परिवार को आशीर्वाद देकर जाएं। श्राद्ध की उत्‍पत्ति श्रृद्धा से हुई है। यानी कि अपने पितरों के प्रति सच्‍ची श्रृद्धा रखने का पर्व। दुनिया से विदा हो चुके पितरों की आ’त्‍मा की तृप्ति के लिए सच्‍ची भावना के साथ जो तर्पण किया जाता है, बस उसे ही श्राद्ध कहते हैं।

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