PM Modi

दुनिया के लिए संकटमोचक बने मोदी

-योगेश कुमार सोनी- Yogesh Kumar Soni

संकट के समय पर सबसे बड़ा योध्दा उसे माना जाता है जो स्वयं को सुरक्षित रखते हुए अपने आस पास की दुनिया का भी ख्याल रखे। इस ही तर्ज पर पूरी दुनिया के लिए मोदी संकटमोचक का काम कर रहे हैं। कोरोना के चलते पूरी दुनिया के लिए भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक सच्चे सारथी बन गए। दुनिया को अपने शिकंजे में में कसने वाले कोरोना वायरस से जंग के खिलाफ मोदी, दुनिया के तमाम देशों के लिए मददगार बन कर उभरे हैं। भारत ने इस कठिन समय में अमेरिका, ब्राजील, इजरायल समेत कई अन्य देशों को हाइड्रॉक्सीक्लोरोक्वीन भेजी है। दुनिया ने इस दवा को मलेरिया विरोधी माना है व यह कारगर भी सिद्ध हो रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और ब्राजील के राष्ट्रपति बॉल्सनारो के बाद इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्या हू ने भी मोदी को धन्यवाद आभार प्रकट करते हुए धन्यवाद दिया है। जबाव में मोदी ने भी कहा है कि हिन्दुस्तान इस घातक वायरस के खिलाफ मुहिम में अपने मित्र देशों के साथ है। हम सब मिलकर इस खतरनाक महामारी के खिलाफ लड़ेंगे इसके लिए भारत अपने दोस्तों की हर संभव सहायता करेगा।

इसके अलावा हमारे देशवासियों के लिए अच्छी और बड़ी खबर यह है कि मोदी पूरी दुनिया के एकलौते ऐसे नेता बन गए जिन्हें अमेरिका के राष्ट्रपति के कार्यालय व्हाइट हाउस के ट्विटर हैंडल ने फॉलो करना शुरू कर दिया। विश्व में अपना सबसे बडा वर्चस्व रखने वाला अमेरिका जैसा देश यदि इस तरह का कार्य कर गया तो यह इस बात की प्रमाणिकता बन जाती है कि वो किस स्तर पर भारत की शक्ति को भांप गया और मोदी जैसे सूझबूझ वाले नेता का लोहा मानने लगा। कोरोना की वजह से पूरा विश्व प्रभावित है और बडे से बडा देश को इस समय इस वायरस से लड़ने में सफलता हाथ नही लग रही । विश्व की सुप्रीम शक्ति कहा जाने वाले अमेरिका की स्थिति भी बेहद दयनीय है। सब कुछ होते हुए भी वह इस जंग में हारा हुआ महसूस कर रहा है चूंकि कोरोना की वजह से होने वाली मौतों का आंकड़ा बहुत डराने वाला है। इससे परेशान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मोदी से जरुरी दवाइयां भेजने के गुजारिश की थी।

अमेरिका के इस संकट के समय पर मित्रता निभाते हुए मोदी ने दवा उपलब्ध कराई। इसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने ट्वीट जरिये मोदी का धन्यवाद दिया साथ ही उनको अमेरिका का सबसे अच्छा दोस्त भी कहा। इस संकट में जिस तरह मोदी एक शक्ति और अच्छे मित्र बनकर उभरे हैं, उस बात से यह तो तय हो जाता है कि अब हमारे देश के प्रति विश्व का नजरिया बदल रहा है। इसके अलावा हिन्दुस्तान को विकसित देश में भी गिना जाने लगा। चीन से उपजे इस वायरस से हर देश को चीन पर शक है कि यह सब अपने आप नही हो रहा चूंकि इस खतरनाक वायरस का खुलासा चीन ने बहुत देरी से किया। इसके अलावा करीब चार महीने पहले चीन ने उदारता के रुप में दुनिया कई देशों मास्क और पर्सनल प्रोटेक्श न किट मांगी थी और तमाम देशों ने चीन सहायता भी की। इस दौरान इटली ने भी बड़ी मात्रा में चीन को पर्सनल प्रोटेक्शेन किट दान में दी थी। लेकिन जब इटली को जरुरत पडी तो चीन ने पीपीई बेची। चीन की इस घटिया राजनीति का खुलासा पूरी दुनिया के सामने हो रहा है। वर्ष 2002 में सार्स नाम का वायरस भी चीन से उपजा था और उस समय पर भी चाइना गलत हरकतें करता पकडा गया था।

बहरहाल, हमारे देश की बढ़ती ताकत का लोहा पूरी दुनिया मान रही लेकिन कुछ विपक्षी दल अभी भी इसमें कमी निकालकर तथ्यहीन ब्यान दे रहे हैं। मोदी के कपडों से लेकर विदेशी यात्रा पर तंज कसने वालों के कम से कम यह तो समझना होगा कि आज पूरी दुनिया में हम अपने देश का नाम गर्व से ले सकते हैं। दुश्मन मानने या हल्का समझने वाले देश भी आज हमारी ताकत मानने को मजबूर हैं। बीते छ वर्षों के कार्यकाल के दौरान मोदी ने अपने देश को मजबूत करने के लिए हर तरह के प्रयास करते हुए देश को हर क्षेत्र में मजबूत बनाया है।हम हथियार से लेकर पुलिस को हाईटैक करने जैसे कामों से मजबूत हुए हैं। कई देशों से नए रिश्तों को डेवलेप करते हुए तमाम क्षेत्रों में करार करके आज हम भी संपूर्णता की ओर अग्रसर हो चुके हैं। मजबूत कूटनीति के साथ शानदार प्रस्तुतिकरण का समावेश हर बात का उत्तर देने सक्षम है। आज कोई भी देश हमें आंख दिखाकर काम नही करवा सकता। चूंकि यदि कोई देश अपने यहां कोई वस्तु या खाद्य पदार्थ आयात-निर्यात न करें तो मोदी ने दूसरे विकल्प को रखा हुआ है। जरुरी नही एटम बम या जैविक बमों से डराकर ही अपना शक्ति प्रदर्शन किया जाए। अपने रिश्ते व वजूद को भी कायम करके अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराई जा सकती है जिसका सजीव उदाहरण हमारे देश के प्रधानमंत्री बने।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार है)

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