Jitiya Vrat: जितिया के नहाय-खाय को लेकर घाटों पर उमड़े श्रद्धालु, जानें जीवित्पुत्रिका व्रत महत्व

New Delhi: संतान की सुख-समृद्ध‍ि के ल‍िए रखे जाने वाले जितिया व्रत (Jitiya Vrat) को लेकर श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। आज जिउतिया व्रत का नहाय-खाय है।

ऐसे में बड़ी संख्या में महिला श्रद्धालु गंगा स्नान के लिए घाट पर पहुंचीं। बेगूसराय के सिमरिया, झमटिया समेत अलग-अलग गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ देखने को मिली। उन्होंने गंगा स्नान के बाद गंगा की पूजा अर्चना की। अपने संतान की दीर्घायु होने के लिए आशीर्वाद मांगा।

जिउतिया व्रत का महत्व

ऐसी मान्यता है की जिउतिया व्रत (Jitiya Vrat) करने से संतान की आयु में वृद्धि होती है और उनके रोग दोष दूर हो जाते हैं। यह पर्व आश्विन महीने में कृष्ण पक्ष के सातवें से नौवें चंद्र दिवस तक तीन दिन के लिए मनाया जाता है। इस व्रत (Jitiya Vrat) के पहले दिन महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले जागकर स्नान करके पूजा करती हैं, फिर एक बार भोजन ग्रहण करती हैं उसके बाद पूरा दिन निर्जला रहती हैं।

नहाय-खाय से शुरू हुआ व्रत

दूसरे दिन सुबह स्नान के बाद महिलाएं पूजा पाठ करती हैं फिर निर्जला व्रत रखती है। तीसरे दिन महिलाएं इसका पारण करती हैं। सूर्य को अर्घ्य देने के बाद महिलाएं अन्न-जल ग्रहण कर सकती हैं।

इस व्रत में गंगा स्नान का खास महत्व माना जाता है, ऐसे में महिलाएं बुधवार को गंगा स्नान के लिए गंगा घाट पर पहुंची। स्नान के बाद पूजा पाठ किया। जीवित्पुत्रिका व्रत में माता लक्ष्मी की भी पूजा की जाती है। साथ ही जीवित्पुत्रिका व्रत (Jivitputrika Vrat) कथा भी सुननी चाहिए।

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