सरकारी स्कूल में पढ़ती है देश के चहेते IAS अफसर अवनीश शरण की बेटी, PM मोदी भी कर चुके हैं तारीफ

New Delhi: बीते जनवरी रेटिंग एजेंसी बेटर इंडिया संस्था ने देश में बेहतर कार्य करने वाले सर्वश्रेष्ठ टॉप 10 आईएएस (IAS) अधिकारियों की सूची जारी की थी। इस लिस्ट में छत्तीसगढ़ के आईएएस अवनीश शरण (IAS Avnish Sharan) पांचवे नंबर पर हैं। बता दें कि अवनीश शरण 2009 बैच के अधिकारी हैं। वह अक्सर अपने काम और सरल स्वभाव के चलते चर्चा में रहते हैं।

शरण (IAS Avnish Sharan) युवा अधिकारियों और जनता के बीच खासे लोकप्रिय हैं। अब उन्होंने दिल्ली के एक बुजुर्ग के ढाबे पर जाने की अपील की है ताकि बुजुर्ग अपने जीवनयापन कर सके। IAS ने वीडियो पर लिखा है, बाबा का ढाबा जाइए, लजीज खाने का लुत्फ उठाइए जिससे इनकी मदद हो सके।

एक इंटरव्यू के दौरान अवनीश (IAS Avnish Sharan) ने बताया था कि उनका जीवन बहुत ही संघर्ष शील रहा है। उनके घर में लाइट तक नहीं तो तब उन्होंने लालटेन में अपनी पढ़ाई की है। उन्होंने पिछली साल एक छात्र के आत्महत्या की खबर पढ़कर फेसबुक पर अपने 10वीं, 12वीं और स्नातक के मार्क्स शेयर की थी।

उन्होंने लिखा था- परीक्षा में नंबर कम आना या फिर फेल हो जाना यह आपकी काबीलियत को नहीं बताता। यह महज के एक नंबर गेम है। आपके अंदर छिपी काबीलियत आपको आगे कई बेहतरीन मौके देती है।

अवनीश कुमार सोशल मीडिया पर सक्रिय रहते हैं। वह कई समस्याओं का समाधान तो यहीं कर देते हैं। इसके लिए उन्होंने फेसबुक पर अपने जिले के लोगों के लिए अपना मोबाइल वाट्सअप नंबर भी शेयर किया है। उन्होंने एक पोस्ट शेयर करते हुए लिखा-आप लोगों के लिए में हमेशा 24 घंटे मौजूद हूं। आप जब चाहे फोन और मैसेज कर सकते हैं। इसके अलावा वह देश में चल रहे हर मुद्दे पर खुलकर अपनी राय रखते हैं।

साधारण स्वभाव, एकदम डाउन टू अर्थ एवम बहुमुखी प्रतिभा के धनी अवनीश शरण जी अपने उत्कृष्ट कार्यों को लेकर हमेशा चर्चा में भी रहते हैं । इनके सराहनीय योगदान हेतु प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और उपराष्ट्रपति वंकैय्या नायडू इन्हें सम्मानित भी कर चुके हैं।

बता दें कि कबीरधाम जिले के कलेक्टर अवनीश कुमार शरण 2009 बैच के आईएएस अधिकारी हैं। वह सबसे पहले साल 2017 में चर्चा में आए थे, जब उन्होंने बलरामपुर के कलेक्टर रहते हुए अपनी बेटी वेदिका का एडमिशन एक सरकारी प्रज्ञा प्राथमिक विद्यालय में कराया था।

अवनीश कुमार ने अप्रैल 2018 में कबीरधाम में कलेक्टर का पद संभाला था। उन्होंने आदिवासी समाज के लिए कई ऐसे काम किए हैं। जिसकी वजह से हर कोई उनकी तारीफ करता है। बैग-आदीवासी बाहुल क्षेत्र में स्वास्थ्य और शिक्षा पर कई कार्य किए हैं। उन्होंने अपने जिले में बाइक एंबुलेंस संगी एक्सप्रेस की शुरुआत की थी। इसके जरिए उन्होंने करीब 50 गांव के पांच हजारो लोगों को फायदा पहुंचाया है। उनके द्वावारा ऐसे कई काम है जिसको एजेंसी ने सराहना की है।

अवनीश कुमार ने सरकारी अस्पाताल से लोगों को जोड़ने के लिए अपनी पत्नी की डिलवरी जिला अस्तपाल में करवाई थी। ताकि लोग इसमें आकर अपना इलाज कराएं और अमीरी-गरीबी का भेदभाव खत्म हो।

इस इंटरव्यू के दौरान अवनीश ने बताया था कि उनका जीवन बहुत ही संघर्ष शील रहा है। उनके घर में लाइट तक नहीं तो तब उन्होंने लालटेन में अपनी पढ़ाई की है। बता दें कि अवनीश मूल रुप से बिहार के समस्तीपुर जिले के केवटा गांव के रहने वाले हैं। उनके पिता और दादजी टीचर थे।

आईएएस अवनीश शरण ने पिछले साल 2019 में जब एक लड़के ने कम नंबर आने सुसाइड किया तो उन्होंने अपने मार्क्स शेयर किए थे। जहां उन्होंने कक्षा 10वीं में 44.5 फीसदी, 12वीं की परीक्षा में 65 % और स्नातक में 60.7 % नंबर हासिल किए थे। अफसर ने अपने संदेश में यह भी बताया है कि उन्होंने 10वीं की परीक्षा 1996 में, 12वीं की परीक्षा 1998 और स्नातक की डिग्री साल 2002 में पूरी की थी।

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