SN Shrivastava took charge as Delhi Police Commissioner

दिल्ली : पुलिसकर्मियों के लिए कारगर सिद्ध होगी हेल्पलाइन

-योगेश कुमार सोनी-Yogesh Kumar Soni

देश में चल रहे कोरोना काल में डॉक्टर की तरह पुलिसकर्मियों ने अपना बेहद अहम रोल निभाया है। इस योदगान की वजह से जनता के मन में इनके प्रति सम्मान में बडे स्तर पर बढ़ोतरी हुई है। इस संकट में जब पूरे देश की जनता अपने घरों में थी तो सडक पर केवल पुलिस ही नजर आई थी। पूरे देश की पुलिस ने बेहतर सेवाएं दी।हर राज्य की पुलिस ने अपने स्तर पर मोर्चे को संभाला और बेहतर प्रर्दशन करते हुए काम दिया। यदि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली की बात करें तो अपने काम व व्यवहार को लेकर हमेशा प्रशंसा बटोरती दिल्ली पुलिस इस समय अपने बहुत कठिन दौर से गुजर रही है। लगातार पुलिसकर्मियों की मौत की खबरों से मन कुंठित है।

कोरोना संक्रमित पुलिसकर्मी व उनके परिवार परेशानी को खत्म करने के लिए अब इस मामलें की गंभीरता समझते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर एस.एन. श्रीवास्तव ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राजधानी की पुलिस के लिए एक नई कोरोना हेल्पलाइन नंबर की घोषणा की है। दो मोबाइल नंबर (9999672238 व 9999672239) जारी करते हुए बताया कि किसी भी पुलिसकर्मी या उनके परिवार को कोरोना से बचाव या होने पर उपरोक्त नंबर पर सलाह ले सकते हैं। इस मामले में इंडियन मेडिकल काउंसिल ने पुलिस का सहयोग किया है। कमिश्नर ने यह भी बताया कि इस सुविधा के लिए किसी भी प्रकार का शुल्क नही लगेगा व यह हेल्पलाइन पूरे हफ्ते खुली रहेंगी।

इस दौरान कमिश्नर सकारात्मक ऊर्जा में दिखे और उन्होनें आईएमई के सभी सदस्यों व डॉक्टरों का दिल से धन्यवाद दिया। सभी को चिकित्सक दिवस पर बधाई देते हुए कहा कि इस हेल्पलाइन से पुलिस को कोरोना से बचने के लिए मदद मिलेगी। मौजूदा वक्त में तमाम छोटे-बड़े पुलिसकर्मी कोरोना से लडाई लड रहे हैं। इसमें आलाअधिकारी भी शामिल है। कोरोना से अब तक जितने भी पुलिसकर्मियों की मौत हुई हैं उनके परिजनों का कहना है कि यदि समय से और सही इलाज मिल जाता तो वह बच सकते थे। स्वास्थय खराब होने पर भी उनको ड्यूटी करनी पड रही थी।

अप्राकृतिक मौत के इस तांडव में तमाम युवा पुलिसकर्मी चल बसे, जिनके परिजन बहुत परेशान व निराश हैं लेकिन इस बात में कोई संदेह नही कि विभाग अपनी सेना की सुरक्षा लिए हमेशा कार्यरत व प्रयासरत रहता है। लेकिन यह बीमारी या दौर ही ऐसा चल रहा है जहां दुनिया के बडे से देश व इंसान की नही चल रही। मौत पर केन्द्र व राज्य सरकार ने मृतक के परिवार को हर तरह की मदद दी है यदि आर्थिक तौर पर बात की जाए सरकारों ने एक बडी रकम देने का ऐलान किया है। इस संकट ने पूरी दुनिया में अपनी गिरफ्त में ले लेकर उखाड फेंक दिया। किसी भी देश की पुलिस का सुरक्षा के लिहाज से प्रथम स्थान रहता है इसलिए कई बार ऐसा समय आता है कि सबकी सुरक्षा करने वाला अपनी रक्षा नही कर पाता।

पिछले साढे तीन महीने में करीब सत्तर पुलिसकर्मी की मौत से महकमे में एक डर का माहौल बना हुआ है,जो स्वभाविक भी है। संक्रमितों की संख्या का आंकडा भी बेहद चौकाने वाला है। अधिकतर पुलिसकर्मी अपने घर नही जा रहे। एहतियाद के तौर पर वह संबंधित पुसिल स्टेशन या अन्य किसी स्थान पर ही रह रहे हैं। हर संकट की घडी में तैनात रहने वाली देश की सबसे महत्वपूर्ण सेना के लिए मौजूदा केन्द्र सरकार हर तरह की सुविधा का ध्यान रखती है। मोदी सरकार ने पुलिस सिस्टम बडे स्तर पर अपडेट व अपग्रेड किया है। अब हम अन्य विकासशील देशों की तरह हमारे यहां की पुलिस की संचालन प्रक्रिया को मजबूत होते हुए देखते हैं।

यदि कोरोना काल की बात करें तो इससे हर कोई प्रभावित हुआ है। यदि अन्य सरकारी विभागों की भी चर्चा करें तो किसी ने भी अपने काम को करने में कोई कसर नही छोडी लेकिन डॉक्टरों व पुलिस के काम को सबसे ज्यादा सराहा है चूंकि इस काल खंड में इनकी जान का रिस्क सबसे ज्यादा है। जब प्रधानमंत्री ने देश की जनता को घर से बाहर निकलने से मना कर दिया तो हमारी सुरक्षा केवल इन विभागों के पास थी और अभी भी हैं। जनता को जीवनदान देने के लिए इन लोगों पर कई बार हमले तक भी हुए लेकिन अपनी मानवता व साहस का परिचय देते हुए इन्होनें किसी भी बात का बुरा नही माना और अपना काम किया।

बीते दिनों कुछ नसमझ लोगों ने अमानवीय घटनाओँ को अंजाम दिया। जबकि यह उनका भला की करना चाह रहे थे और इतना सब कुछ होने के बाद अपनी पेशे के सम्मान को बरकरार रखते हुए उनका इलाज किया। सरकार व विभाग द्वारा हेल्पलाइन जारी करने पर अब घटनाओं में कमी आएगी। इस सूचना को विभाग द्वारा हर किसी पुलिसकर्मी को पहुंचा दिया जाएगा। दिल्ली की तर्ज पर इस तरह की हेल्पलाइन देश के हर राज्य में जारी की जाए जिससे पुलिसकर्मी व उनका परिवार कोरोना से अपना बचाव करने के लिए जागरुक रहें।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार है)

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