Honey Trap

सावधान : आप हो सकते हैं हनी ट्रैप का शिकार?

-योगेश कुमार सोनी-

हनीट्रैप शब्द अब या इससे होने वाली घटनाएं नई नही हैं लेकिन पहले इसके शिकार बडे नेता, अधिकारी या पूजींपति होते थे या फिर किसी से दुश्मनी निकालने के लिए यह सब किया जाता है लेकिन पिछले लगभग एक महीने में इस तरह के गैंग अब आम लोगों को भी शिकार बना रहा है। महिला व पुरुष दोनों ही इसकी चपेट में आ रहें हैं। ऐसे ठगो का उद्देश अधिकतर आर्थिक तौर पर ब्लैकमेल करना होता है लेकिन अब तक इससे होने वाली संबंध उच्च स्तर के लोगों से होता था लेकिन अब यह छोटे स्तर पर भी एक्टिव हो गए हैं। जब इस तरह के ठगो ने यह हरकतें आम आदमी पर करनी शुरु की हैं तबसे लोगों की जिंदगियां भी दांव पर लगने लगी जिसमें अधिकतर पुरुषों को अपना शिकार बनाया जा रहा है। दरअसल अब ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं जिसको जानकार आप हैरान व परेशान हो सकते हैं लेकिन सतर्क हो जाएं तो बेहतर होगा।

मामला यह है कि आपके फेसबुक पर किसी लडकी की फ्रेंड रिक्वेस्ट आएगी और उसका प्रोफाइल भी असली होगा। इसके बाद वो बातों में आपको इतना फसा लेगी कि आप खुद ही नंबरो का आदान-प्रदान कर लोगे। दो-तीन दिन की साधारण बात के बाद वो आपसे अश्लील चैट करेगी और उसके बाद सीधे फोनो सेक्स (वीडियो कॉल पर वस्त्रहीन होकर) करने के लिए कहेगी जिसके लिए लगभग 95 प्रतिशत पुरुष मना नही करते और यह सब होने के बाद अगले दिन आपकी अश्लील चैट व वीडियो आपको व्हाट्स एप करके पैसा मांगा जाएगा। ऐसी स्थिति में ‘मरता क्या न करता’ वाली कहावत के तर्ज पर फसे हुए इंसान को पैसा देना ही पडता है लेकिन पैसा जो नही देते या दे नही पाते उस स्थिति में वीडियो वायरल करके उसको परेशान किया जाता है। कुछ लोगों ने बदनामी के डर से आत्महत्या भी कर ली। अभी ऐसे केस महानगरों में ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। यह मामले महिला व पुरुष दोनों के साथ हो रहे हैं लेकिन पुरुष ज्यादा चपेट में आते है। मौत की वजह के बाद भी प्रशासन यहां कुछ नही कर पाता चूंकि अधिकतर परिवार ऐसे मामलों को आगे नही बढ़ाना चाहते।

दरअसल भारत के परिवेश में पुरुषों को हनीट्रैप का शिकार आसानी से बनाया जा सकता है। इसमें आम से लेकर खास तक चपेट में आए हैं। भारतीय सेना के तमाम जवान हनीट्रैप का शिकार हो चुके हैं। कई जवानों ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा कर दी थी जिससे हमारे देश में संकट पैदा हो गया था  लेकिन समय के रहते केन्द्र सरकार व आला अधिकारियों ने बात संभाल ली थी। बहरहाल हनीट्रैप की घटनाएं नई नही हैं लेकिन अधिक तादात में होना चिंता का विषय बन रहा है। गलती किसी की हो लेकिन एक की सजा पूरा परिवार भुगत रहा है। जरा से पैसों के लालच में ठगो का समूह बिना वजह लोगों की जान ले रहा है।

इसमें हम ऐसा भी नही कह रहे कि सारी गलती उन्ही की हैं जो शिकार होते हैं वो भी बराबर के गुनहागार माने जाएगें लेकिन बस मन जब परेशान होता है तब इस घटिया कृत्य से पूरे परिवार की खुशियां लूट जाती हैं। पता नही हम क्यों भूल जाते हैं कि ऐसे कामों से हमारे व परिवार को कितना नुकसान हो सकता है। आखिर कहां आकर हमारी सोच मर जाती है जो यह नही समझ पाते कि जो बिना मिले अपने जिस्म की नुमाइश कर सकता है तो उससे किस आधार पर दोस्ती कर सकते हैं। हमेशा बचपन से सुनते व देखते आएं हैं कि फ्री व आसानी से मिलने वाली चीज हमेशा दुख देती है लेकिन फिर भी हम अपनी बारी में मात खा जाते हैं। यदि आप कहीं भी सभ्य समाज का हिस्सा हैं और आपको अपने परिवार से प्यार है तो ऐसे कार्य आपको किसी भी रुप में शोभा नही देते और आपके कुछ समय के मजे के लिए सबको कष्ट झेलना पडता है।

हनीट्रैप का शिकार एक वर्ग या किसी से दुश्मनी निकालने के लिए का बनाया जाता था लेकिन अब इसका प्रारुप धीरे-धीरे बदलता जा रहा है और चंद ठगो ने पैसा कमाने के लिए लोगों की जिंदगी खराब करना का मानो ठेका ले लिया हो। इससे संबंधित तमाम उदाहरण हमारे समक्ष है। बीते वर्ष इंदौर के जिला नगर निगम में कार्यरत एक इंजीनियर ने को इस मामले में ब्लैकमेल किए जाने की एफआईआर दर्ज कराई थी और जब उस लडकी को पकडा और घटना की पूरी तह में गये थे तो देश के बडे-बडे नेता और अधिकारी इस घटना का शिकार हो चुके थे। पहले तो कोई भी बदनामी के डर से कुछ नही बता पा रहा था लेकिन जब खुलासे हुआ तो लंबी फेहरिस्त ने सबको चौका दिया था। यह गैंग करोडो रुपये ले चुका था और इसमें फसने वाले नेता व अधिकारियों के हाथ-पांव फूल गए थे। सरकार ने सबको तलब करते हुए कार्यवाही की थी जिनमे से कुछ बर्खास्त हैं व सस्पेंड हैं। इसके अलावा भी तमाम उदाहरण हैं। इसलिए हमें समझना चाहिए कि गलत काम का गलत ही नतीजा होता है।

(लेखक वरिष्ठ पत्रकार है)

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