7 Hindu Temples In Bangkok: विदेश में देवी लक्ष्मी और इंद्र का मंदिर, ऐसा है लोगों का विश्वास

New Delhi Desk: अगर आप सोचते हैं कि थाइलैंड की राजधानी बैंकॉक केवल थाई मसाज और आकर्षक नाइटलाइफ के लिए ही जाना जाता है तो आपकी यह सोच पूरी तरह से गलत हो सकती है। अगर आप बैंकॉक घूमने जाने की प्लानिंग कर रहे हैं तो अपनी डेस्टिनेशन लिस्ट में बैंकॉक और आस-पास के मंदिरों (Hindu Temples In Bangkok) में को शामिल करना न भूलें।

यहां ऐसे कई हिंदू मंदिर (Hindu Temples In Bangkok) हैं, जहां आपको पूरा भारतीय नजारा देखने को मिलेगा। यहां कई मंदिर तो बिल्कुल शाही महल की तरह हैं, जहां परिसर में सौ से ज्यादा इमारत तक मौजूद हैं। इस जगह आपको वर्षा की देवी तक का मंदिर भी मिलेगा और महालक्ष्मी का भी। आइए जानते हैं बैंकॉक के इन 7 प्रसिद्ध हिंदू मंदिरों के बारे में

श्री महामरियम्मन मंदिर

बैंकॉक में यह 150 साल पुराना हिंदू मंदिर है। बैंकॉक में गैर बौद्ध मंदिरों में सबसे बड़ा एक मंदिर है। यह मंदिर उमा देवी के नाम से भी जाना जाता है। यह मरियम्मन देवी को समर्पित है, जिनको दक्षिणी भारत में वर्षा की देवी माना जाता है। इनके अधिकतर भक्त तमिल के रहने वाले हैं। मरियम्मा को देवी पार्वती और दुर्गा का ही एक रूप माना जाता है। मंदिर में भगवान गणेश और उनके भाई कार्तिकेय का भी मंदिर है। यह मंदिर सिलोम गली में है, जिसे विथी लेन के नाम से भी जाना जाता है।

एरावन मंदिर

स्थानीय भाषा में फ्रा फ्रॉम नाम का यह मंदिर एरावन मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। यह मंदिर ब्रह्माजी को समर्पित है और यहां पर उनकी सोने की प्रतिमा स्थापित है। यहां पर इस मंदिर को ताओ महाप्रोम के नाम से भी जाना जाता है। इस मंदिर का निर्माण 1956 में किया गया था। इस मंदिर की एक अनोखी कहानी भी है। इस मंदिर को ग्रैंड हयात इरावन होटल द्वारा बनाया गया था।

बताया जाता है जब होटल का निर्माण किया जा रहा था तब कुछ ना कुछ गलत घटनाएं हो रही थीं। कभी होटल का काम रुक जाता था तो कभी किसी मजदूर की मौत हो जाती थी। तब ज्योतिषियों ने ब्रह्माजी का मंदिर बनाने का सुझाव दिया। सुझाव को मानते हुए पहले मंदिर का निर्माण किया गया। इसके बाद होटल बनने में कोई समस्या नहीं आई और आजतक कोई अनहोनी भी नहीं हुई।

इंद्रदेव मंदिर

यहां पर देवराज इंद्र का भी मंदिर है, जो इंटरकांटिनेंटल होटल के सामने है। इस मंदिर को अमरिंदर अधिराज के नाम से भी जाना जाता है। मंदिर में स्थापित मूर्ति हरे रंग की है और हाथ में वज्र धारण किए हुए हैं। इस प्रतिमा के चारों ओर छाथियों की छोटी-बड़ी मूर्तियां हैं और इंद्र का प्रिय वाहन ऐरावत हाथी भी है। यहां पर आपको धूप-दीप और फूलों की कई दुकानें भी दिखेंगी। यहां ना केवल हिंदू दर्शन करते हैं बल्कि यहां के आम निवासी भी प्रार्थना करते हैं।

नारायण मंदिर

नारायण मंदिर बैंकॉक के इंटरकॉन्टिनेंटल होटल के पास है। यहां पर भगवान विष्णु और उनके प्रिय वाहन गरुड़ की मूर्ति स्थापित है। इस मंदिर का निर्माण साल 1997 में किया गया था। बहुत सारे स्थानीय लोगों का मानना है कि भगवान नारायण स्थानीय लोगों और उनकी आजीविका के रक्षक हैं। प्रभु उन्हें बीमारियों से भी बचाते हैं। इस प्रकार, वे नियमित रूप से भगवान की पूजा भी करते हैं। मंदिर में केवल पीले रंग की चीजें ही अर्पित की जाती हैं। जैसे पीले फूल, पीताम्बर, पीली मिठाई आदि।

महालक्ष्मी मंदिर

जहां नारायण हैं, वहां उनकी पत्नी महालक्ष्मी भी मौजूद हैं। उनकी यह मूर्ति शॉपिंग मॉल के चौथी मंजिल पर स्थित है। यहां के स्थानीय उनको धन और भाग्य का प्रतीक मानते हैं। यह मंदिर सुबह 10 बजे खुलता है और दर्शन के लिए चार मंजिलों की सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। मूर्ति गुलाबी साड़ी में लिपटी हुई है और कमल के फूल पर स्थापित है। यहां पर माता को समृद्धि की चीजें जैसे गुलाबी कमल, सिक्का, गन्ने का रस आदि भेंट किए जाते हैं।

गणेश मंदिर

यहां पर भगवान शिव और माता पार्वती के पुत्र भगवान गणेश का मंदिर भी है। स्वर्ण रूप में बनी गणेशजी की विशालकाय मूर्ति एक छोटे से मंडप के नीचे स्थापित है जिसके समक्ष लोग आकर प्रार्थना करते हैं। यह मंदिर छात्रों और अध्यापकों के लिए प्रसिद्ध है। वे यहां ज्ञान और सौभाग्य के लिए प्रार्थना करने आते हैं।

त्रिमूर्ति मंदिर

गणेश मंदिर के पास ही यहां त्रिमूर्ति का मंदिर भी है। यह मंदिर सेंट्रल वर्ल्ड बैंकॉक के सामने स्थित है। इस मंदिर की अनोखी मान्यता भी है। बताया जाता है कि स्थानिय लोग हर मंगलवार और गुरुवार की रात 9:30 बजे त्रिमूर्ति देव लोगों की प्रार्थना सुनने खुद यहां आते हैं। यहां के युवा इनको प्रेम का देवता मानते हैं और इनको केवल लाल वस्तुएं ही अर्पित करते हैं। जैसे लाल गुलाब, लाल मोमबत्ती, लाल फल, लाल अगरबत्ती आदि।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *