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PM SVANidhi Scheme: PM मोदी करेंगे रेहड़ी-पटरी वालों को 10 हजार की मदद, जानें कैसे करना है आवेदन

New Delhi: PM SVANidhi Scheme: रेहड़ी-पटरी वालों को 10 हजार की मदद, जानें कैसे करना है आवेदन1 जून 2020 को केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में स्वनिधि योजना को शुरू करने का फैसला लिया गया।

इस योजना (PM SVANidhi Scheme) के अंतर्गत देश के रेहड़ी और पटरी वालों (छोटे सड़क विक्रेताओं) को अपना खुद का काम नए सिरे से शुरू करने के लिए केंद्र सरकार द्वारा 10000 रूपये तक का लोन मुहैया कराया जाएगा। इस स्वनिधि योजना को प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्म निर्भर निधि के नाम से भी जाना जाता है। इस योजना का लाभ देश के सभी छोटे सड़क विक्रेताओं को उपलब्ध कराया जाएगा।

क्या है PM SVANidhi योजना?

PM SVANidhi Scheme के तहत स्‍ट्रीट वेंडर जो फल, सब्जियां बेचते हैं या रेहड़ी पर छोटी-मोटी दुकान लगाने वाले 10 हजार का लोन उठा सकते हैं।उन्हें एक साल के भीतर किस्तों में इसे लौटाना होगा। इस लोन को समय पर चुकाने वाले स्ट्रीट वेंडर्स को ब्याज में भी छूट मिलेगी। समय पर चुकाने वाले लोगों को 7 फीसदी सालाना की ब्याज सब्सिडी भी मिलेगी।

अब तक 1.5 लाख आवेदन

स्ट्रीट वेंडर आत्मनिर्भर निधि (SVANidhi) के अंतर्गत विभिन्न क्षेत्रों में वेंडर, हॉकर, ठेले वाले, रेहड़ी वाले, ठेली फलवाले आदि सहित 50 लाख से अधिक लोगों को योजना से लाभ मिलेगा। ताजा जानकारी के मुताबिक, इस योजना के तहत 1.5 लाख से अधिक रेहड़ी-पटरी और फेरी वालों ने कर्ज के लिए अप्लाई किया है। इसमें से करीब 50 हजार को मंजूरी दे दी गई है।

आत्मनिर्भर बनाने का मकसद

SVANidhi Yojana के तहत जुर्माने का कोई प्रावधान नहीं है। इसके तहत टेक्नॉलजी का इस्तेमाल करते हुए लोगों की क्षमता को बढ़ाने और कोरोना संकट के समय कारोबार को नए सिरे से खड़ा कर आत्मनिर्भर भारत अभियान को सफल बनाने का काम किया जाएगा।

कैसे करना है आवेदन?

लोगों को पीएम स्ट्रीट आत्मनिर्भर निधि योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके अलावा बैंकों में ऑफलाइन आवेदन भी किया जा सकता है। इससे ये लोग कोरोना संकट के समय अपने कारोबार को नए सिरे से खड़ा कर आत्मनिर्भर भारत अभियान को गति देंगे। शुक्रवार को Housing and Urban Affairs मिनिस्ट्री ने यह ऐप भी लॉन्च किया है। वेबसाइट को 29 जून को ही लॉन्च किया जा चुका है।

किसे मिलेगा लोन?

इस स्कीम के तहत नाई की दुकानें , जूता गांठने वाले (मोची), पान की दूकानें (पनवाड़ी), कपड़े धोने की दूकानें (धोबी), सब्जियां बेचने वाले, फल बेचने वाले, रेडी-टू-ईट स्ट्रीट फूड, चाय का ठेला या खोखा लगाने वाले, ब्रेड, पकौड़े व अंडे बेचने वाले, फेरीवाले जो कपड़े बेचते हैं, किताबें/स्टेशनरी लगाने वाले, कारीगर उत्पाद वालों को लोन मिल सकता है।

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