Vikas Dubey Encounter

Vikas Dubey Encounter : विकास दुबे एनकाउंटर में ढेर, घायल पुलिसकर्मियों को अस्पताल लाया गया

  • विकास की गिरफ्तारी गुरुवार को उज्जैन के महाकाल मंदिर से हुई थी, रात 8 बजे यूपी पुलिस से कानपुर लेकर रवाना हुई
  • कानपुर से 17 किमी पहले भौती इलाके में विकास की गाड़ी पलट गई, एनकाउंटर में उसे दो गोलियां लगीं, अस्पताल में मौत हो गई
  • आईजी मोहित अग्रवाल ने सिर्फ यह कहा कि प्रेस कॉफ्रेंस करेंगे, उसमें एनकाउंटर की पूरी डिटेल दी जाएगी

कानपुर, 10 जुलाई (वेबवार्ता)। कानपुर के बिकरू गांव में सीओ सहित आठ पुलिस वालों की हत्या करने वाले पांच लाख का इनामी विकास दुबे एनकाउंटर में ढेर हो गया है। यूपी एसटीएफ की टीम उसे उज्जैन से कानपुर ले जा रही थी, लेकिन शहर से 17 किमी पहले सुबह 6:30 बजे काफिले की एक कार पलट गई। उसने हथियार छीकर भागने की कोशिश की। जिसके बाद पुलिस ने उसे मुठभेड़ में मार गिराया है।

कल ही विकास दुबे उज्जैन के महाकाल मंदिर परिसर से गिरफ्तार किया गया था। वारदात के बाद से फरार विकास यूपी, दिल्ली, हरियाणा और मध्य प्रदेश पुलिस को चकमा देकर दर्शन करने मंदिर पहुंचा था। गिरफ्तारी के बाद विकास से पुलिस ट्रेनिंग सेंटर में दो घंटे से ज्यादा पूछताछ की गई। इसके बाद उसे मध्यप्रदेश पुलिस ने यूपी एसटीएफ को सौंप दिया था। आईजी मोहित अग्रवाल ने सिर्फ यह कहा कि प्रेस कॉफ्रेंस करेंगे। उसमें पूरी डिटेल देंगे।

कानपुर एसएसपी ने घटना की पुष्टि है उन्होंने बताया कि विकास दुबे को ला रही गाड़ी पलटी थी। वो किसी तरह बाहर निकला और घायल सिपाहियों की पिस्टल छीनकर भागने लगा। एसटीएफ ने मोर्चा लिया। फायरिंग हुई। उसे भी गोली लगी। यह घटना कानपुर के भौती क्षेत्र की है। एनकाउंटर में दो इंस्पेक्टर(एक एसटीएसफ़ इन्स्पेक्टर) समेत चार पुलिसकर्मी घायल भी हुए हैं जिनको कल्याणपुर सीएचसी में भर्ती कराया गया है।

तेज बारिश की वजह से गाड़ी पलटी, 4 जवान भी जख्मी

हादसे को लेकर यूपी एसटीएफ के अफसर अभी कुछ बोलने से बच रहे हैं। माना जा रहा है कि तेज बारिश की वजह से गाड़ी पलट गई। एनकाउंटर में एसटीफ के 4 जवानों के घायल हुए हैं।

गिरफ्तारी के 21 घंटे के बाद मारा गया विकास

गुरुवार, 9 जुलाई:

सुबह 9 बजे: विकास उज्जैन में गिरफ्तार।

शाम 7 बजे: यूपी एसटीएफ की टीम को विकास सौंपा गया।

रात 8 बजे: एसटीएफ की टीम कानपुर के लिए रवाना।

शुक्रवार, 10 जुलाई:

देर रात 3:15 बजे: एसटीएफ की टीम झांसी पहुंची। कुछ देर बाद कानपुर के लिए रवाना हुई।

सुबह 6:15 बजे: काफिले ने कानपुर देहात बॉर्डर रायपुर से शहर में एंट्री की।

सुबह 6:30 बजे: एसटीएफ की गाड़ी पलटी। तभी विकास दुबे ने भागने की कोशिश की। फायरिंग शुरू हुई। विकास जख्मी हो गया।

सुबह 7:10 बजे: एसटीएफ विकास को हैलट अस्पताल लेकर पहुंची।

सुबह 7.55 बजे: विकास को मृत घोषित कर दिया गया।

उज्जैन में गिरफ्तारी के वक्त चिल्लाया था-विकास दुबे हूं, कानपुर वाला

विकास दुबे को गुरुवार सुबह उज्जैन मंदिर में करीब 9 बजे गिरफ्तार किया गया था। डरा हुआ हिस्ट्रीशीटर गिरफ्तारी के वक्त चिल्ला रहा था कि मैं विकास दुबे हूं, कानपुर वाला। इसके बाद पुलिस उसे पहले महाकाल थाना, पुलिस कंट्रोल रूम, नरवर थाना और फिर पुलिस ट्रेनिंग सेंटर लेकर गई। यहां उससे करीब दो घंटे तक पूछताछ की गई। इस बीच, खबर आ रही है कि विकास की पत्नी ऋचा, उसके बेटे और नौकर को लखनऊ में हिरासत में लिया गया था।

8 दिन में विकास दुबे समेत उसकी गैंग के 6 बदमाशों का एनकाउंटर

इससे पहले बुधवार देर रात विकास दुबे के एक और करीबी प्रभात मिश्रा मारा गया था। प्रभात को पुलिस ने बुधवार को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया था। यूपी पुलिस उसे ट्रांजिट रिमांड पर कानपुर ले जा रही थी। रास्ते में प्रभात ने भागने की कोशिश की, उसने पुलिस की पिस्टल छीनकर फायरिंग कर दी। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में प्रभात मारा गया। पुलिस ने बुधवार को ही विकास के करीबी अमर दुबे का भी एनकाउंटर कर दिया था। अमर हमीरपुर में छिपा था। अब तक विकास गैंग के 5 लोग एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं।

एनकाउंटर ने पैदा किए कई सवाल

-पुलिस का दावा है कि विकास दुबे 2-3 किलोमीटर भागा तो क्या पुलिस इतनी भी मुस्तैद नहीं थी कि वह इतनी दूर तक भाग पाया? इतने कुख्यात अपराधी को उज्जैन से कानपुर ला रही पुलिस की तैयारी कैसी थी?

-इतने खुंखार अपराधी को पुलिस ने कैसे पकड़ा हुआ था कि वो हथियार छीनकर भाग रहा था?

-विकास दुबे को शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया जाना था, ऐसे में जब उसे पता था कि वो कोर्ट जा रहा था, तो वह भागने की कोशिश क्यों करेगा?

-क्या पुलिस की ओर से वीडियो जारी किया जाएगा? पुलिस की ओर से पलटी हुई गाड़ी की तस्वीर जारी की गई है, लेकिन क्या इस घटना की प्रमाणिकता के लिए कोई वीडियो जारी किया जाएगा?

-क्या इतने बड़े अपराधी और एक हफ्ते पहले ही आठ पुलिसकर्मियों की हत्या करने वाले खूंखार अपराधी को लाने वाले पुलिसकर्मियों की तादाद इतनी नहीं थी कि गाड़ी पलटने के बाद वह हथियार छीनकर भागने लगा?

एनकाउंटर के बाद अब ये सवाल जोर-शोर से उठाएंगे।

नेताओं ने सवाल भी उठाए

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