UP news: दस्तावेज चुराए, की हेराफेरी और बना पीएसी जवान, क्रेडिट कार्ड से 15 साल बाद ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज

UP news: दस्तावेज चुराए, की हेराफेरी और बना पीएसी जवान, क्रेडिट कार्ड से 15 साल बाद ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज

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लखनऊस्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित कोटे में भर्ती के लिए परीक्षा देने जा रहे एक युवक के दस्तावेज चोरी किए और उनमें फोटो बदलकर अमित से मनीष बन गया। इसी नाम पर उसने 15 वर्ष तक पीएसी में नौकरी भी की, लेकिन क्रेडिट कार्ड के बकाया बिल ने उसका राजफाश कर दिया। मंगलवार को विभूतिखंड पुलिस ने नकली मनीष को गिरफ्तार कर लिया। नकली मनीष से असली मनीष के घर की दूरी मात्र 25 किमी है।

एसएसआई विभूतिखंड पवन कुमार सिंह ने बताया कि बलिया के रेवती थाना दीघार गांव निवासी मनीष कुमार सिंह स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित कोटे से वर्ष 2006 में पुलिस विभाग में भर्ती हुए। वर्तमान में वह एसटीएफ मुख्यालय में तैनात है।

क्रेडिट कार्ड बकाया के कॉल आने पर खुला मामला
फरवरी और मार्च में मनीष के पास एसबीआई क्रेडिट कार्ड की ओर से कई बार फोन आया। बैंककर्मियों ने 7 हजार रुपये बकाया होने की जानकारी दी। परेशान होकर मनीष ने छानबीन की तो पता चला कि उसके नाम से एक और क्रेडिट कार्ड इशू करवाया गया है, जिसमें पता और पिता का नाम सब सेम है। फर्जीवाड़े के शक पर मनीष ने विभूतिखंड पुलिस ने मामले की शिकायत की थी।

ट्रेन में चोरी किया था दस्तावेज
एसएसआई विभूतिखंड ने बताया कि पकड़ा गया आरोपित बलिया के दोकटी थाना धतुरी टोला सोनकी भाट का रहने वाला अमित कुमार सिंह उर्फ मनीष कुमार सिंह है। पूछताछ में आरोपित ने पुलिस को बताया कि 16 साल पहले ट्रेन से बदायूं जाते समय उसकी मनीष से मुलाकात हुई। एक ही जिले में रहने की वजह से कुछ ही देर में दोस्ती हो गई।

बस्ती में तैनात है अमित
स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित कोटे से भर्ती के लिए परीक्षा देने जा रहे मनीष के पास दस्तावेजों के कई सेट थे। देर रात मौका पाकर अमित ने दस्तावेजों का एक सेट चोरी कर लिया था। इसके बाद दस्तावेजों में फोटो चेंज कर परीक्षा दी और पीएसी में नौकरी करने लगा। एसएसआई ने बताया कि पकड़ा गया अमित मौजूदा समय में बस्ती में तैनात था।

और लोगों के मिले होने की आशंका
दस्तावेजों में फेरबदल करना इतना आसान नहीं जितना आसान पूछताछ में अमित ने बताया। पुलिस को आशंका है कि दस्तावेजों में फेरबदल करने में किसी ने अमित की मदद की है। उनका कहना है कि अमित को रिमांड पर लेकर इसकी जांच की जाएगी।